यशायाह 63:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

स्वर्ग से, जो तेरा पवित्र और महिमापूर्ण वासस्थान है, दृष्टि कर*। तेरी जलन और पराक्रम कहाँ रहे? तेरी दया और करुणा मुझ पर से हट गई हैं।

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यशायाह 63:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 63:15 पर टिप्पणी (HINIRV)

इस अंश में भविष्यवक्ता अपने आप से, परमेश्वर के विरुद्ध नहीं बल्कि अपने समुदाय के सामने विराम बनाते हुए परमेश्वर की स्नेह-करुणा और शासन-गुणों की अनुभूति चाहते हैं। पंक्ति-समूह स्वर्गीय दृष्टि और पवित्रस्थान के संदर्भ से प्रेरित है; द्रष्टव्य है कि देवता के सामने मानव हृदय कितनी गहराई से अपनी निर्भरता और दया की माँग करता है। यह वचन हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के साथ का संबंध न केवल औचित्यपूर्ण तथ्य है, बल्कि वह दयालुता, लोभ-हीनता और पवित्रता का आकर्षण है जिसे मनुष्य निरंतर चाहती है।

पद का पृष्ठभूमि और वहन

63:15 में भविष्यवक्ता स्वर्ग से दृष्टि की मांग कर के परमेश्वर के पवित्र और महिमापूर्ण निवासस्थान की उपस्थिति को याद करते हैं। वे यह पूछते हैं कि उनकी जलन, पराक्रम और दया कहाँ हैं—यानी वे देखना चाहते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए किस प्रकार सक्रिय रहते हैं। यह एक तीव्र आत्मिक आह्वान है कि ईश्वर के अनुग्रह और समस्त परमेश्वर-स्वभाव का अनुभव फिर से पुनर्जीवित हो।

मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा

  • ईश्वर की उपस्थिति ज्ञान और आस्था का आधार है: जब हम उसकी पवित्रता और महिमा को स्मरण करते हैं, तो 우리의 दिल में डूबती-उठती धारणा उठती है कि उसे निकट पाना ही सब कुछ है।
  • करुणा और न्याय का संतुलन: पूर्व-युग के संदर्भ में उद्धार और नयाय की दृष्टि एक साथ रहती है—ईश्वर दया दिखाते हैं पर उसका क्रोध भी है; वापसी और विश्वास में यह संतुलन आवश्यक है।
  • दया की कमी आशंका नहीं, बल्कि आग्रह है: दया परिकल्पना से नहीं, बल्कि अनुभव से मांगने का आह्वान है—परमेश्वर के लिए हमारी आत्मा का आह्वान अनिवार्य है।

अन्य बाइबिल अंशों से संबंध

- प्रभावशाली उद्धारक परमेश्वर का समाज के प्रति दया-करुणा का स्मरण: इब्रानी लेखन में दया का कार्य-स्वरूप बारम्बार उठता है—यह पवित्रत्ता के साथ संगति बनाकर चलता है।

- निर्भरता की मांग: अन्यत्र पवित्रग्रंथों में भी हम पाते हैं कि विश्वासी अपने अस्तित्व को परमेश्वर के आश्रय में रखकर उसे पहचानते हैं (उद्धार और साक्षी के लिए)।

- दिव्य दृष्टि की आवश्यकता: महिमा-गागर के समान, इतिहास में भी भविष्यवाणी करती है कि ईश्वर अपने लोगों के लिए प्रकाश बनकर आते हैं, जिससे उनकी दीर्घायु और विश्वास में वृद्धि हो।

छोटा-सा पठन-नुक्ता

  • वाचा-धैर्य: परमेश्वर की महिमा और पवित्रता हमारे सामने स्पष्ट हो—हम अपनी दया-की कमी को पहचानें।
  • याचन Will: दिल से दया और करुणा माँगना—परमेश्वर पर निर्भर रहते हुए अपनी आवश्यकता बताना।

जीवन पर लागू पाठ

हम नहीं जानते कि कब और कैसे परमेश्वर की प्रत्यक्ष उपस्थिति हमारे बीच आएगी, पर हम उसकी दया के लक्ष्य और कृपा के स्रोत के रूप में उसी को प्रमाणित कर सकते हैं। दया का अनुभव तब होता है जब नैतिक पुरस्कृत नियम और व्यक्तिगत आस्था एक साथ चलते हैं। अपने आंतरिक इरादों को पवित्र रखने के लिए निरन्तर प्रार्थना करें, ताकि हमारे जीवन में उसके महिमामय वास का अनुभव दब-बढ़ सके।

संक्षिप्त निष्कर्ष

63:15 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की उपस्थिति और उसकी करूणा हमारी आत्माओं के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब हम स्वर्गीय दृष्टि को स्मरण करते हैं, तब जलन-पराक्रम-करुणा का सही संतुलन खिल उठता है—यानी दया पुनः प्रकट हो और विश्वास की राह स्पष्ट दिखे।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त解释)

1) निर्भरता की प्रार्थना: अन्याय के बीच भी परमेश्वर की दया माँगना एक विश्वासयोग्य प्रतिक्रिया है; यह हमारी आत्मिक स्थिति को सही दिशा में ले जाती है।

2) दिव्य उपस्थिति का आह्वान: पवित्र स्थान के लिए आह्वान हमें आस्था की गहराई देता है कि ईश्वर कैसे अपने लोगों के साथ संगत रहते हैं।

3) दया और न्याय का संतुलन: दया के साथ सत्य भी आवश्यक है—इससे जीवन व्यवहार में सत्य-निष्ठा बढ़ती है।

मुख्य टिप्पणीकारों के निष्कर्ष से एकीकृत सार: परमेश्वर के पवित्र-वास का अनुभव न केवल ऊंची सोच का विषय है, बल्कि एक सक्रिय आस्था-जीवन का अंग है। यदि हम अपनी असुविधाओं, जलन और मानवीय कमियों को छोड़ कर उसकी दया को स्मरण करें, तो हमारा कहना सरल रहेगा: तेरा स्वर्गीय प्रेम ही हमारा आधार है, और उसी से हमारी मार्गदर्शी शक्ति मिलती है।

ध्यान दें: यदि उपलब्ध हो तो नीचे दिए गए विद्वानां के संक्षिप्त उद्धरण शामिल किए जा सकते हैं: - Matthew Henry: "..." (उद्धरण आवश्यक होने पर स्रोत के अनुसार जोड़ा जाएगा) - Albert Barnes: "..." (उद्धरण आवश्यक होने पर स्रोत के अनुसार जोड़ा जाएगा) - Adam Clarke: "..." (उद्धरण आवश्यक होने पर स्रोत के अनुसार जोड़ा जाएगा)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 63:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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