Old Testament
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यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 63:8 की स्पष्टता
सीधे अर्थ में यह वचन कहता है: ईश्वर ने माना है कि उसकी प्रजा में निश्चय ही वे लोग हैं जो सचमुच भरोसेमंद हैं; वे धोखा नहीं देंगे, और निश्चय उनका उद्धारकर्ता भी ईश्वर हैं।
संदर्भ पृष्ठभूमि
यशायाह 63 अध्याय में उद्धारकर्ता-भावना और ईश्वर की कृपा का वर्णन है। यहाँ देखा जाता है कि इस संकट के समय भी परमेश्वर ने अपने लोक के प्रति श्रद्धा और वफादारी के साथ कदम उठाए, और वे जो वास्तव में उसकी प्रजा हैं, उन्हें धोखा नहीं देंगे—ये शब्द न केवल उनके गुणों की गवाही हैं, बल्कि ईश्वर के साथ उनका संबंध भी स्थिर है। यह पहचान बताती है कि उद्धारकर्ता के रूप में परमेश्वर ने अपने लोगों की भलाइ के लिए कदम उठाए और उनके विश्वास पर आधारित सुरक्षा दी है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
थीमेटिक सार
संबद्ध अंतर्दृष्टियाँ (Cross-references)
- मिसाल से: एक साथ इन आयतों पर विचार करें जहाँ ईश्वर की रक्षा और उद्धार व्यक्त हुआ है; यह दिखाता है कि कठिन समय में भी ईश्वर अपने अनुयायियों को धोखा नहीं देते। - एक दूसरे संदर्भ में यह सिद्धांत मिलता है कि जो लोग परमेश्वर की दृष्टि में सचेत और वफ़ादार रहते हैं, उन्हें उद्धार और सुरक्षा प्राप्त होती है।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
जो लोग ঈश्वर पर भरोसा रखते हैं, वे कई बार परीक्षणों में भी सत्यनिष्ठ बने रहते हैं, और उनसे ईश्वर सहायता और उद्धार निकाल लेते हैं। आप भी अपने जीवन में ईश्वर की प्रजा के रूप में सत्यनिष्ठा बनाए रखें, ताकि विपत्ति में भी उनके उद्धार और संरक्षण के प्रमाण मिलें।
श्वेत उद्धरण (संदर्भ-आधारित)
यदि आवश्यक हो, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संकीर्ण उद्धरण संदर्भ के रूप में प्रयुक्त हो सकते हैं, किन्तु यहाँ संकलित टिप्पणी मूल धारणा को मजबूत करती है। (किसी स्पष्ट शब्द-उद्धरण की जगह पाठ में संकेत केवल हैं।)