मत्ती 2:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उन्होंने उससे कहा, “यहूदिया के बैतलहम में; क्योंकि भविष्यद्वक्ता के द्वारा लिखा गया है :

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मत्ती 2:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 2:5 पर टिप्पणी (HINIRV)

परोक्ष संदर्भ में यह पद यीशु का जन्म कथा से जुड़ा है, जब ज्ञानियों के मार्गदर्शन से वे यरूशलेम लौटते हैं और यहूदिया के राजा हिरण्यों के समय में बालक के बारे में जानकारी मांगते हैं। पाठ में यह स्पष्ट किया गया है कि बालक के जन्म की सूचना बैतलहम के भीतर एक भविष्यवाक के अनुसार दी गई थी; यह दर्शाता है कि यीशु—जो आगे चलकर मसीह के रूप में प्रकट होंगे—प्रचीन धर्मग्रंथों के पूर्ण निर्देश के अनुसार जन्म लेते हैं।

केंद्रीय अर्थ

यह verse बताता है कि बचपन में ही यीशु का जन्म स्थान एक प्राचीन भविष्यवाणी के साथ जुड़ा है। लोग यह मानते हैं कि मसीह का जन्म अवश्य कहीं बैतलहम में ही होना था, जैसा कि पुरानी पैग़भती में लिखा गया है। और राजा के संदेशों के पीछे भी यह संकेत है कि परमेश्वर की योजना इतिहास के केंद्र में है और वह अपने उद्धारकर्ता पर प्रकाश डालते हैं।

मुख्य विषय

  • पश्चाताप और सचेतना: यहूदिया के लोग असाइनमेंट और भविष्यवाणी की श्रव्यता के साथ अपने संदर्भ को समझते हैं, जिससे यह दिखता है कि परमेश्वर की योजना में इतिहास के छोटे-बड़े घटनाक्रम एक साथ बंधे हैं।
  • उद्धार के आगमन की प्रकृति: जन्मस्थान जैसी छोटी-सी बात भी मसीह के आगमन की पुष्टि करती है कि परमेश्वर का कदम और समय निश्चित है।
  • कथित गलत अनुमान बनाम ठोस भविष्यवाणी: मनुष्यों के अनुमान और परमेश्वर की योजना के बीच फर्क जो स्पष्ट करता है कि स्वर्गीय मार्गदर्शक प्रबंध मानव विचारों से परे होते हैं।

संलग्न क्रॉस-रेफरेंसे]

1) मत्ती 2:1-6 में वही विचार दोहराये जाते हैं, जहाँ मग धनुष और यशायाह की भविष्यवाणी से यह दिखता है कि जन्म स्थान की चर्चा कैसे भविष्य के उद्धारक का संकेत बनती है।

2) माइकल 5:2 भी बैतलहम के महत्त्व को मसीह के जन्म के साथ जोड़ता है, जो स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि घड़ी-घड़ी घटनाओं के भीतर परमेश्वर का विधान होता है।

3) प्रेरितों के काम 13:22-23 में क्रिस्तय जन्म के संदर्भ में उद्धारकर्ता का समय और जन्म स्थान फिरसे उजागर होता है, जिससे यह कल्पना मजबूत होती है कि इतिहास में उद्धार का क्रम एक नियत योजना के अनुसार चलता है।

व्यावहारिक चिंतन

पहचान: हमारे जीवन में छोटी-छोटी घटनाओं में भी परमेश्वर की योजना के संकेत मिल सकते हैं। विश्वास रखना कि परमेश्वर का समय बिल्कुल सही होता है, हमें धैर्य और आशा देता है।

संक्षेप निष्कर्ष

यह verse दिखाता है कि मसीही इतिहास में यीशु का जन्म बैतलहम में हुआ था—एक भविष्यवाणी के अनुसार—जो यह कि परमेश्वर की उद्धार योजना सच और नि:संदेह समय पर पूरी होती है। यह विश्वास के लिए प्रेरणा है कि परमेश्वर की योजना मानवीय भ्रम के बावजूद संचालित होती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 2:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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