Old Testament
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मत्ती 2:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उसने यह कहकर उन्हें बैतलहम भेजा, “जाकर उस बालक के विषय में ठीक-ठीक मालूम करो और जब वह मिल जाए तो मुझे समाचार दो ताकि मैं भी आकर उसको प्रणाम करूँ।”
मत्ती 2:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 2:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 3:19 (HINIRV) »
क्योंकि इस संसार का ज्ञान परमेश्वर के निकट मूर्खता है, जैसा लिखा है, “वह ज्ञानियों को उनकी चतुराई में फँसा देता है,” (अय्यू. 5:13)

लूका 20:20 (HINIRV) »
और वे उसकी ताक में लगे और भेदिये भेजे, कि धर्मी का भेष धरकर उसकी कोई न कोई बात पकड़ें, कि उसे राज्यपाल के हाथ और अधिकार में सौंप दें।

1 शमूएल 23:22 (HINIRV) »
तुम चलकर और भी निश्चय कर लो; और देख भालकर जान लो, और उसके अड्डे का पता लगा लो, और पता लगाओ कि उसको वहाँ किसने देखा है; क्योंकि किसी ने मुझसे कहा है, कि वह बड़ी चतुराई से काम करता है।
मुख्य व्याख्या बिंदु
मत्ती 2:8 में यह verse राजा हैरोद की वैचारिक चाल को दर्शाता है: उसने भीषण गुप्त सूचना के बावजूद अपने नियोक्ता-भाव को बचाने के लिए यातना-धक्का वाले तरीके अपनाए। वह बच्चों के वध की योजना को छिपाने के बजाय, कृत्रिम नम्रता दिखाकर मानना चाहता था कि वह बालक के ठिकाने के बारे में सही रास्ते से सीधे जानना चाहता है, ताकि वह उसी बालक को प्रणाम कर सके। यह वाकया दिखाता है कि देवदत्त आदेशों के विरुद्ध भी सत्ता-लाभ और राजनीतिक हित कितने गहरे ऊपर हैं, पर प्रभु की योजना अंततः सत्यापित और सुरक्षित रहती है।
पाठ-संदर्भ (साहित्यिक संदर्भ)
यह अनुच्छेद मत्ती के कथा-संकेत में शिशु यीशु के जन्म के बाद की घटनाओं के क्रम में आता है, जहाँ मर्तबा-यात्रा और खतरे की चेतावनियाँ क्रमशः उभरती हैं। हैरोद की नकली विनम्रता और उसकी आतंरिक दमनशीलता एक नायिका-राष्ट्र-राजनीति के भीतर पवित्र उद्देश्य के विरुद्ध गहन छल का चित्र देती है।
थियोलॉजिकल महत्त्व
यहाँ परमेश्वर की योजना मानवीय सत्ता के चाल-चलन से पहले चल रही है। हैरोद की चाहत के बावजूद, बालक यीशु का संरक्षण परम सत्ता के नियंत्रण में बना रहता है—जिसे जाँचने के लिए वह विश्व के राजतंत्र से जुड़े खेल रचता है। यह दृश्य यह बताता है कि प्रभु के जन्म की सूचना कितना व्यापक प्रभाव डालती है—न केवल एक परिवार पर, बल्कि उन ताकतों पर भी जो संसार के मानक घोषित करते हैं।
पवित्रशास्त्र के संपर्क (Cross-references)
केंद्रीय प्रश्न और विचार
संक्षिप्त निष्कर्ष
मत्ती 2:8 हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर की सुरक्षा और मार्गदर्शन मानव-योजना के ऊपर है। हैरोद जैसे नेताओं की चालों के बीच भी ईश्वर की योजना आगे बढ़ती है। बालक यीशु का जन्म एक ऐसी घटना है जो पूर्ण इतिहास के क्रम को मोड़ देता है—परमार्थ और कर्तव्य की परख करती है।
अतिरिक्त टिप्पणियाँ (संक्षेप कथन): हैरोद के लिए यह एक छलपूर्ण विनम्रता है, परन्तु देव-परियोजना की सही दिशा में यह असफल होता है।
उल्लेखित उद्धरण (पूर्व-प्रकाशित टिप्पणीकारों से)
Adam Clarke ने कहा कि हैरोद की भाषा व व्यवहार में वास्तविक स्थिति—उसके मन में_FEAR और राजनीतिक हित की घृणा-भरी शक्ति—उभरती है; यह दर्शाता है कि सत्ता के दाँवपेच किस प्रकार पवित्र उद्देश्य के सामने भी उत्पन्न होते हैं। (संदर्भ-उद्धरण संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया है, पूर्ण पाठ नहीं)
ध्यान दें: इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry या Albert Barnes के सीधे संपूर्ण वाक्यों का पूर्ण उद्धरण यहाँ नहीं दिया गया है, पर उनके दृष्टिकोण के अनुसार यह घटना सत्ता की चालाकी और ईश्वर की योजना के बीच संघर्ष को स्पष्ट करती है।