मत्ती 27:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और राज्यपाल की यह रीति थी, कि उस पर्व में लोगों के लिये किसी एक बन्दी को जिसे वे चाहते थे, छोड़ देता था।

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मत्ती 27:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

यह पाठ किस बात का संकेत देता है

मत्ती 27:15 में पाठक को यह समझना है कि गवर्नर का प्रचलन था—पर्व के अवसर पर वे एक बन्दी को चुनकर छोड़ते थे। यहाँ प्रयोजन यह है कि क्रूस समस्या और पाप के प्रतिफल में मानव-नीति कितना अस्थायी और परिस्थिति-प्रधान होता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह घटना रोमी शासन के अन्तर्गत यरुशलेम के निवासियों के सामुदायिक रीति-रिवाजों से जुड़ी है। पर्व के समय लोग शांति और सार्वजनिक प्रवचन चाहते थे, इसलिए राज्य प्रायः जनता के चयन के अनुसार कुछ असहाय बन्दियों को मुक्त कर देता था। मत्ती के अनुसार यह प्रथा यीशु के समय भी मौजूद थी, परन्तु जनसमूह ने बार-बार बाराबास के पक्ष में बात की।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • यह कथा लोगों की भीड़ की धारणा और न्याय के बीच संघर्ष को दिखाती है—कुण्ठित भीड़ एक निर्दोष व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक लालच के आश्वासन के साथ प्रतिक्रिया देती है।
  • पवित्रता बनाम राजनीति: यीशु निर्दोष होने के बावजूद भीड़ के चयन का पात्र बनते हैं; यह परमेश्वर की योजना के भीतर एक मार्ग दिखाता है कि कैसे दुखद घटनाएं चमत्कारिक उद्धार को पूर्ण करती हैं।

छोटी थीमैटिक सूची

  1. चयन की स्वतंत्रता बनाम अन्तिम सजा की निष्पक्षता
  2. लोक-राजनीति के भीतर उद्धार का उद्देश्य
  3. कष्ट के माध्यम से परमेश्वर की महिमा का प्रकट होना

cross-reference और उनके छोटे स्पष्टीकरण

मरकुस 15:6-15 में भीड़-निर्णय और बाराबास के पक्ष में विकल्प देखा जा सकता है; इससे यह स्पष्ट होता है कि पीलिया-लड़ाई में शासन कितना राजनीतिक हो सकता है।

यहोशू 2:1 जैसी घटनाओं में चयन की राजनीति, जोेरी भीड़ और सैनिक-व्यवस्था के बीच सम्मिलन दिखाती है; उद्धार के रास्ते अक्सर सामान्य साधनों से उलझे रहते हैं।

यूहन्ना 19:14-16 में यीशु का क्रूस-मार्ग तत्कालीन नेता-नीति के अनुरूप घटित होता है; यह दर्शाता है कि चक्र कथा में प्रभु के उद्देश्य कैसे पूरा होते हैं।

संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष

हम देखते हैं कि समाज की नीति और लेने-देने की राजनीति कभी-कभी उच्च सत्य के लिए रोड़ा बन जाती है। यीशु का चयन इस बात की याद दिलाता है कि परमेश्वर का उद्धार व्यक्तियों के स्वार्थ से ऊपर है, और कठिन समय में भी ईमानदारी से शासन-न्याय के साथ चलना चाहिए।

प्रत्येक संदर्भ की कुंजी बातें

यहाँ कुछ विद्वानों के संक्षिप्त निष्कर्ष मिलते हैं जिन्हें स्थानीय पाठ ने सारगर्भित रूप से ग्रहण किया है:

हेनरी, बॉर्न्स या क्लार्क के निवासी विचारों से जोड़े जाने पर एक संयुक्त निष्कर्ष निकलता है—यह पाठ राजनीतिक दबाव के बावजूद परमेश्वर की योजना के पूर्ण होने की दिशा दिखाता है।

निष्कर्ष

मत्ती 27:15 के माध्यम से हम यह सीखते हैं कि मानव-नीति के रंग कैसे कभी-कभी परमेश्वर के उद्धार-कार्य के साथ संगत नहीं होते; फिर भी भगवान अपनी महिमा के कारण घटनाओं को मोड़कर उद्धार को पूरा करते हैं।

कृति-स्रोत संकेत: इस पर आधारित कुछ पारंपरिक टिप्पणीकारों के विचारों से प्रेरणा मिली है, जैसे Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 27:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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परन्तु वे कहते थे, “पर्व के समय नहीं; कहीं ऐसा न हो कि लोगों में दंगा मच जाए।”

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वह उस पर्व में किसी एक बन्धुए को जिसे वे चाहते थे, उनके लिये छोड़ दिया करता था।

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इसलिए मैं उसे पिटवाकर छोड़ देता हूँ।”

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