मत्ती 27:64 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अतः आज्ञा दे कि तीसरे दिन तक कब्र की रखवाली की जाए, ऐसा न हो कि उसके चेले आकर उसे चुरा ले जाएँ, और लोगों से कहने लगें, कि वह मरे हुओं में से जी उठा है: तब पिछला धोखा पहले से भी बुरा होगा।”

पिछला पद
« मत्ती 27:63
अगला पद
मत्ती 27:65 »

मत्ती 27:64 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 27:64 का संदर्भ और अर्थ

पवित्र-court में यीशु की मृत्यु के पश्चात फकीरों और पुजारियों ने उनके अनुयायों के प्रयासों से डरकर एक रणनीति बनाई। वह यह चाहते थे कि क्रूस से जी उठने के बारे में लोगों के मन में संदेह बना रहे, ताकि सच्चे संदेश के कारण साम्राज्य पर खतरा न पड़े। इसलिए उन्होंने परीक्षित किया कि tomb की सुरक्षा आयु तक कड़ी रहे, ताकि किसी प्रकार का धोखा मजबूत न हो सके। इस verse में वेRoman authorities को सचेत करते हैं कि चूँकि उनके पास यह खतरा है कि लोग दावा कर दें कि यीशु जीवित बच निकले, इसलिए tomb को सावधानी से सुरक्षित किया जाए।

मुख्य आशय

यह पद यह दर्शाता है कि मृत्यु के बाद भी मानव-योजना और सांप्रदायिक सुरक्षा-यांत्रिकी कितनी सुदृढ़ हो सकती हैं, पर परमेश्वर के प्रभुत्व और यीशु के पुनर्जीवन की योजना अधिक विशाल और निर्णायक है। झूठे भय और राजनीति से प्रेरित सुरक्षा-योजनाओं के बावजूद स्वर्गीय उद्देश्य पूरा होगा।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • धोखे से बचने की चिंता बनाम परमेश्वर की योजना का अटल होना: पाखंड और डर के कारण लोग वास्तविकता को ढकने की कोशिश करते हैं, पर परमेश्वर की目的 से पार नहीं पाई जा सकती।
  • पुनर्जीवन के संदेश का खतरा: यदि लोग यीशु के पुनर्जीवन की संभावना को रोक दें, तो वे सत्य के मुकाबले एक नैतिक भ्रम को बनाए रखना चाहते हैं।
  • आस्था बनाम सत्ता-व्यवस्था: संबद्ध शक्ति-व्यवस्थाएँ सत्य के प्रकाश को दबाने की कोशिश कर सकती हैं, पर ईश्वर का हुक्म सर्वोपरि है।

संबद्ध पद

यहां के विचारों के साथ निम्न दावों की पहचान में तीन संदर्भ मददगार हैं:

  • यूहन्ना 2:19-22 — यीशु अपने शरीर की भांति पुनर्जीवन के संकेत देते हैं; यह पुर्नजागरण का मूल संकेत है।
  • मत्ती 28:11-15 — पुनर्जीवन के पवित्र प्रमाण के साथ सुरक्षा-योजनाओं के असफल होने की कहानी बताता है कि दुष्टतापूर्ण उपाय कैसे उलटे पड़ते हैं।
  • मरकुस 16:1-8 — स्त्रियाँ tomb से यीशु के जी उठने के समाचार के पहले पहरेदारों की घटना को स्पर्श करती हैं।

संकेत यह है कि चढ़ते हुए सत्य को रोकना असंभव है; परमेश्वर की पूर्ति समय पर होगी, भले लोगों की योजनाएं क्यों न उलटना पड़ें।

व्यावहारिक विचार

हमारे जीवन में सुरक्षा के उपाय ज़रूरी होते हैं, पर डर या झूठ से परिस्थिति को नियंत्रित करना ईमानदारी के विरुद्ध है। यदि प्रभु के कार्य का समय आया, तो हमें धैर्य और विश्वास रखना चाहिए—यही सच्ची सुरक्षा है।

संक्षिप्त सार

यह verse प्रभु के ईमानदार उद्देश्य के सामने मानवीय सावधानियों की सीमा को दिखाता है। परमेश्वर की योजना स्पष्ट और अपरिहार्य है; दुष्ट-योजनाएँ भले कितनी भी गहरी क्यों न हों, सत्य के प्रकाश से वे चूर-चूर हो जाते हैं।

कथन-योग्य उद्धरण (क्योंकि उपलब्ध हो तो)

मागध टिप्पणीकारों के समानांतर, मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और अडम क्लार्क के कुछ संक्षिप्त विचार यहाँ समाहित किए जाते हैं जिन्हें यहाँ के संदर्भ में मूल संदेश की अभिव्यक्ति के लिए उपयोग किया गया है।

याद रहे: नीचे दी गई उद्धरण पूर्ण पाठ नहीं हैं, केवल सूचित विचार हैं जो संदर्भ के अनुसार समाहित हैं:

“तब भी परमेश्वर के आदेश के आगे मानवीय सुरक्षा-योजनाएं फीकी पड़ जाती हैं।” (कॉमन-टिप्पणी संकेत)

समाप्ति टिप्पणी में, यह स्पष्ट होता है कि यीशु के पुनर्जीवन की वास्तविकता से मानव-योजना का डरगत प्रभाव ध्वस्त हो जाता है और विश्वासियों को साहस और सत्य के पक्ष में खड़े रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 27:64 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 28:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 28:13 (HINIRV) »
“यह कहना कि रात को जब हम सो रहे थे, तो उसके चेले आकर उसे चुरा ले गए।

मत्ती 12:45 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 12:45 (HINIRV) »
तब वह जाकर अपने से और बुरी सात आत्माओं को अपने साथ ले आती है, और वे उसमें पैठकर वहाँ वास करती है, और उस मनुष्य की पिछली दशा पहले से भी बुरी हो जाती है। इस युग के बुरे लोगों की दशा भी ऐसी ही होगी।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें