Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 27:1 मत्ती 27:2 मत्ती 27:3 मत्ती 27:4 मत्ती 27:5 मत्ती 27:6 मत्ती 27:7 मत्ती 27:8 मत्ती 27:9 मत्ती 27:10 मत्ती 27:11 मत्ती 27:12 मत्ती 27:13 मत्ती 27:14 मत्ती 27:15 मत्ती 27:16 मत्ती 27:17 मत्ती 27:18 मत्ती 27:19 मत्ती 27:20 मत्ती 27:21 मत्ती 27:22 मत्ती 27:23 मत्ती 27:24 मत्ती 27:25 मत्ती 27:26 मत्ती 27:27 मत्ती 27:28 मत्ती 27:29 मत्ती 27:30 मत्ती 27:31 मत्ती 27:32 मत्ती 27:33 मत्ती 27:34 मत्ती 27:35 मत्ती 27:36 मत्ती 27:37 मत्ती 27:38 मत्ती 27:39 मत्ती 27:40 मत्ती 27:41 मत्ती 27:42 मत्ती 27:43 मत्ती 27:44 मत्ती 27:45 मत्ती 27:46 मत्ती 27:47 मत्ती 27:48 मत्ती 27:49 मत्ती 27:50 मत्ती 27:51 मत्ती 27:52 मत्ती 27:53 मत्ती 27:54 मत्ती 27:55 मत्ती 27:56 मत्ती 27:57 मत्ती 27:58 मत्ती 27:59 मत्ती 27:60 मत्ती 27:61 मत्ती 27:62 मत्ती 27:63 मत्ती 27:64 मत्ती 27:65 मत्ती 27:66



मत्ती 27:56 का मुख्य बोध: मरियम मगदलीनी और याकूब—योसेस की माता
इस पद में बताया गया है कि जिन महिलाओं ने क्रोस पर यीशु कीassion देखा, वे अलग-अलग परिवारों से थीं, पर उनके दृढ़ विश्वास ने उन्हें प्रभु के पैग़ाम और क्रूस के दुख के साथ रहा। यह पंक्ति उन स्त्रियों के पहचान-चिह्न को स्पष्ट करती है जो शास्त्र-संदर्भ में महत्त्वपूर्ण हैं: मरियम मगदलीनी, मरियम (याकूब के पिता/योसेफ की माता) और तब्दी के पुत्रों की माता। यह सूची हमें दिखाती है कि पहली शिष्या-स्त्रियाँ भी इतिहास के नज़रिए से नज़रअंदाज़ नहीं थीं, बल्कि उन्होंने क्रूस के समय एक साथ सहायता और समर्थन दिया।
पाठ-संदर्भ का साहित्यिक परिप्रेक्ष्य
यह प(Self- संदर्भ) उनके संगठित नाम-संयोजन के साथ प्रस्तुत होता है ताकि पाठक यह समझ सकें कि यीशु के जागरण के बाद भी उनके समर्पण के विविध आयाम थे। Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के नोट्स में से संकलित प्रवचन इसी पंक्ति को उन स्त्रियों की दृढ़ श्रद्धा और सामाजिक-परिवार की भूमिका के रूप में देखते हैं। उद्धरणों के स्थान पर, वे कहते हैं कि महिलाओं की उपस्थिति दृश्य-गुणात्मक है—वे देह-आश्रय नहीं, बल्कि प्रशासन और स्मरण के संवाहक रहे।
थियोलॉजिकल महत्व
- महिलाएं राजा-राज्य-केवल पुरुष-चरित्र का नहीं, बल्कि विश्वास के समुदाय की सुदृढ़ सुरक्षा आदि का प्रतीक बनती हैं।
- यह संकेत देता है कि उद्धारकर्ता के शिष्यों के समूह में विविधता है, और ईश्वर के योजना में स्त्री-पुरुष दोनों भागीदारी करते हैं।
अन्य ग्रंथों के साथ सम्बन्ध
1) लूक 8:2-3 में भी मरियम मगदलीनी का उल्लेख है—जो उद्धार के कार्य में संस्थागत सहभागी है।
2) मरकुस 15:40-41 में स्त्रियाँ-गण का उल्लेख है जो क्रूस के समय यीशु से दूरी नहीं बनातीं।
3) यूहन् 19:25-27 में यीशु ने क्रूस के पास अपनी माता की देख-रेख के लिए यीशु के चचेरे भाई की भूमिका की संकेत किया है।
विचार-प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
यद्यपि पद छोटी-सी सूची समानता का संकेत देता है, पर यह क्रूस-युग के समय स्त्रियों के स्थायित्व और विश्वास की गहराई को दिखाता है। मरियम मगदलीनी और मरियम माता के साथ, यह उल्लेख यीशु के दुख-समय में उनके समर्थन की महत्ता को दर्शाता है।
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त तार्किक संबंध
- मरियम मगदलीनी: लूक 8:2-3—कथा में स्त्रियों की सेवकाई का उदाहरण।
- क्रूस के पास स्त्रियाँ: मरकुस 15:40-41—गवाही और सहायता की भूमिका।
- माता की देखरेख: यूहन् 19:25-27—यीशु की परिपूर्णता में परिवार-सम्बन्ध की भूमिका।
इन संदर्भों के माध्यम से स्पष्ट होता है कि स्त्रियों की सहभागिता उद्धार-यात्रा का अनिवार्य हिस्सा थी, जो समुदाय-जीवन और विश्वास की गहराई को प्रकाशित करती है।