उत्पत्ति 31:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वह अपना सब कुछ लेकर भागा, और महानद के पार उतरकर अपना मुँह गिलाद के पहाड़ी देश की ओर किया।

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उत्पत्ति 31:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

reader-friendly overview

उत्पत्ति 31:21 में य(Configuration)या सिरा यहूदियों के पथ से भागने की गति और वैराग्य की गहराई को बताता है। यह verses के_context में यह दिखाता है कि बनावट कैसे बदलती है—या नहीं—जब एक व्यक्ति अपनी आंतरिक ज़रूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच चुनता है। इस पंक्ति में जकर भूमिका, मार्गदर्शक विश्वास और परमेश्वर के हाथ की सुरक्षा स्पष्ट रूप से उभरती है: वह सब कुछ छोड़कर भागता है और दूरस्थ भूभाग में अपने स्वर्गीय उद्देश्य के अनुरूप नई दिशा पकड़ लेता है।

verse in its chapter

यह पंक्ति लैआस्था और परिवार के भीतर तनाव के समय की है। याकब के पुत्र-शहर से भागना, उसके पुत्र-परिवार और लैबै के साथ जुदाई का क्षण है। महानद के पार उतरकर गिलाद के पहाड़ी देश की ओर उसकी दिशा बताती है कि वह शांति और सुरक्षा की तलाश में है, लेकिन यह कदम उस समय के परमेश्वर के इरादों की एक कड़ी भी हो सकता है।

main spiritual lesson

  • विश्वास में भागना अक्सर भय या दबाव के बावजूद परमेश्वर की योजना की दिशा में होता है।
  • आत्म-परिवर्तन और सच्ची स्वतंत्रता तब आती है जब व्यक्ति अपने भय को छोड़कर परमेश्वर की दिशा में कदम बढ़ाता है।

cross-references (संक्षिप्त परिचय)

  • उत्पति 28:15 — परमेश्वर का वचन है कि वह कथन देता है, “जहाँ तू जाएगा, वहाँ मैं तेरा साथ रहूंगा।” यह स्मरण कराता है कि भागना भी परमेश्वर की अनुमति से होता है—परंतु उसकी दुआ और वचन के साथ।
  • यहोशू 1:9 — “डर मत, मजबूत बनो” का संदेश भागना के समय साहस देता है और यह दर्शाता है कि परमेश्वर हमारे साथ है जब हम नई दिशा चुनते हैं।
  • लौकाय 15:24 — पिता के घर की वापसी और मुक्तिपूर्णता का संकेत देता है कि परिवर्तन से खुशी मिलती है और बंधन खुलते हैं।

devotional application

जो लोग वर्तमान में तनाव या दबाव के बीच निर्णयों से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह दृश्य प्रेरणा देता है कि भागना एक निष्क्रियत नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना के भीतर एक कदम हो सकता है। यदि आप जोखिम उठा कर भी नई दिशा चुनते हैं, तो ईश्वर के Verbal वचन और विश्वास की प्रायश्चित सांसें आपके साथ हैं। यह याद रखें कि स्वतंत्रता केवल भौतिक दूरी नहीं, बल्कि आंतरिक भरोसे और पवित्र उद्देश्य की प्राप्ति है।

brief synthesis with insights from classical commentators

Matthew Henry के अनुसार, यह ध्यानयोग्य है कि भागना अक्सर एक लेन-फिरणी घटना नहीं, बल्कि परमेश्वर के कारण और उसकी योजना के अनुरूप जोखिम उठाने की प्रेरणा है। Albert Barnes कहते हैं कि यह कदम सांसारिक सुरक्षा को पीछे छोड़कर परमेश्वर के प्रस्ताव के अनुसार नई राह चुनना है, जिसमें उसकी कृपा और सुरक्षा साथ रहती है। Adam Clarke इसे एक ऐसे बिंदु के रूप में देखते हैं जहां व्यक्ति के पास नयी शुरुआत का अवसर होता है, और वह अपने पूर्व जीवन से मुक्त होकर ईश्वर के मार्ग पर चल पड़ता है।

सारांशतः, उत्पत्ति 31:21 यह दर्शाता है कि भागना और आगे बढ़ना कभी-कभी परमेश्वर की नयी दिशा की प्राप्ति के लिए आवश्यक कदम होते हैं। यह पंक्ति भरोसे, सुरक्षा, और नए आरम्भ की उम्मीद एक साथ दर्शाती है।

concise closing summary

याक के भागने में भय और आश्वासन दोनों की छाप है—यह कि स्वराज्य के साथ नई दिशा चुनना भी परमेश्वर के नियोजन का भाग हो सकता है। यह कथा हमें यह सिखाती है कि सच्ची स्वतंत्रता वह है जब हम भय के बावजूद परमेश्वर के निर्देश पर चलते हैं और उसकी सुरक्षा पर निर्भर रहते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 31:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और तीसरी नदी का नाम हिद्देकेल है; यह वही है जो अश्शूर के पूर्व की ओर बहती है। और चौथी नदी का नाम फरात है।

उत्पत्ति 31 (HINIRV) Verse Selection

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