उत्पत्ति 31:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यहोवा ने याकूब से कहा, “अपने पितरों के देश और अपनी जन्म-भूमि को लौट जा, और मैं तेरे संग रहूँगा।”

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उत्पत्ति 31:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

याकूब के लिए प्रेरक शब्द: यहोवा द्वारा लौटने की आज्ञा ( उत्पत्ति 31:3 )

तत्काल मतलब: यहोवा ने याकूब से कहा है कि वह पितरों के देश और जन्म-भूमि को लौट जाए, और वह उसके साथ रहेगा। इसका आशय स्पष्ट है: परमेश्वर अपने चुने हुए जन से निकट है और उनकी सुरक्षा, मार्गदर्शन एवं कृपा उसी के साथ है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

याकूब ने काफी समय तक लावा-खेत, भाग-दौड़, और परिवार-यात्राओं में बिताए। उसके जीवन में कई कठिन अनुभव आये: पिता ने उसे पुत्र का अधिकार देह नहीं, पत्नी-टकराव, और मक्का-मेख़ी जैसी यात्राएं। इस समय यहोवा की पुकार एक निर्णायक मोड़ है — परिवार के लिए नया ठिकाना और देव-विश्वास के प्रति नई प्रतिबद्धता। भगवान की यह बात, “मैं तेरे साथ रहूँगा,” उसका सामाजिक और धार्मिक आशीर्वाद है, जो अक्सर दुरस्त मार्गों की दिशा देता है।

व्याख्या के प्रमुख विचार

  • यात्रा का उद्देश्य: लौटना; यहूदी-परिवार की स्थिरता और व्यवस्थित हाउसहोल्ड की तैयारी।
  • प्रभु का वचन: इच्छा-शक्ति, सुरक्षा और मार्गदर्शन का दायित्व — यहोवा अपने लोगों के साथ है और उन्हें संरक्षण देता है।
  • विश्वास की परीक्षा: याकूब की अग्रसरता में यह लौटना एक कठिन निर्णय हो सकता है, पर परमेश्वर की उपस्थिति उसे धैर्य और सुरक्षा देती है।

2-3 क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेतित तर्क-विस्तार के साथ)

यस्तो कुछ संदर्भ जहाँ इस प्रकार की दिव्य बुलाहट और वासना-प्राप्ति के विषय मिलते हैं:

  • यशाय 41:10 — प्रभु के साथ रहने का निश्चय भय और चिंता को दूर करता है; यहोवा भविष्य के कार्यों में साथ रहने का भरोसा देता है।
  • यहोशू 1:9 — प्रभु के साथ रहने का आदेश और हिम्मत की प्रेरणा; संघर्ष की घड़ी में भी ईश्वर का साथ स्थिर रहता है।
  • गलातियों 6:9 — अच्छी फसल पाने के लिए धैर्य रखें; समय पर ईश्वर के साथ चलना सफल परिणाम देता है।

अनुशंसित छोटी थीम-सूची

  1. परमेश्वर का साथ अनिवार्य सुरक्षा है।
  2. आत्म-निर्णय में विश्वास-यात्रा की पुष्टि।
  3. स्थिरता के लिए प्रभु की बात पर चलना।

सार और व्यावहारिक takeaway

यह verse हमें सिखाता है कि जब जीवन मार्ग कठिन या अस्पष्ट दिखे, तब परमेश्वर की दिशा में लौटना और उसकी उपस्थिति पर निर्भर रहना सही और सुरक्षित विकल्प है। विश्वास का यह वचन याकूब-वंश के लिए एक नया आरम्भ देता है और सभी पीढ़ियों के लिए यह संदेश है कि ईश्वर अपने लोगों के साथ है, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों।

उद्धृत अंश (पूर्व-प्रकाशित टिप्पणीकारों के समान सार)

मैं यह स्पष्ट करना चाहूँगा कि नीचे दिए गए विचार सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के सामान्य मार्गदर्शन से लिए गए हैं, और किसी प्रकार की पूर्ण वाक्य-उद्धरण की मांग नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर विशिष्ट वाक्य-उद्धरण के लिए मूल स्रोत देखें।

मथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सामान्य सिद्धांतों के आधार पर यह commentary नि:संदेह यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ है और उनका मार्गदर्शन करता है, विशेषकर तब जब वे परिवर्तन और वापसी की यात्रा शुरू करते हैं।

समापन टिप्पणी: यहोवा की वाणी पर आगे बढ़ना और उसकी सुरक्षा में भरोसा बनाए रखना, आगे की राह में भी याकूब जैसे विश्वासियों के लिए प्रेरणा बना रहना चाहिए—कि लौटना और स्थिर रहना दोनों एक साथ संभव हैं जब प्रभु साथ हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 31:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उत्पत्ति 28:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 28:15 (HINIRV) »
और सुन, मैं तेरे संग रहूँगा, और जहाँ कहीं तू जाए वहाँ तेरी रक्षा करूँगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊँगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूँ तब तक तुझको न छोड़ूँगा।” (यशा. 41:10)

उत्पत्ति 32:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 32:9 (HINIRV) »
फिर याकूब ने कहा, “हे यहोवा, हे मेरे दादा अब्राहम के परमेश्‍वर, हे मेरे पिता इसहाक के परमेश्‍वर, तूने तो मुझसे कहा था कि अपने देश और जन्म-भूमि में लौट जा, और मैं तेरी भलाई करूँगा:

भजन संहिता 50:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 50:15 (HINIRV) »
और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”

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