उत्पत्ति 31:40 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मेरी तो यह दशा थी कि दिन को तो घाम और रात को पाला मुझे खा गया; और नींद मेरी आँखों से भाग जाती थी।

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उत्पत्ति 31:40 पद-दर-पद बाइबल टीका

दर्शाती व्याख्या: उत्पत्ति 31:40

इस श्लोक में याकूब अपने दुख और कठिनाई के दिनों का वर्णन करते हैं—दिन में गर्मी और रात में ठंडी, और नींद की कमी जो शरीर पर भारी असर डालती है। यह उनके तीव्र भय, असुरक्षा और परिश्रम की दशा को उजागर करता है, जिसे उन्होंने अपने परिवार, पशुओं और धन के लिए सहना है।

संदर्भ-सार

यह उद्धरण तब आता है जब याकूब ने आफ्नो परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने पलायन के समय कठिन स्थितियों का वर्णन किया। वह लाबान के घर से लंका-सीमा तक का रास्ता तय कर रहे थे, जहाँ दिन-रात की मेहनत, सुरक्षित आश्रय की कमी और निरंतर आशंकाएं उनके जीवन की वास्तविकता थीं। इस पंक्ति में उनकी थकावट और रात की अँधेरी दशा स्पष्ट है।

व्याख्यात्मक विचार

  • छाया और समय की धमकी: गर्म दिन की घाम और रात की पाला—दुनिया की कठोर वास्तविकताओं का चित्रण जो जीवन की निरंतर परीक्षा को दर्शाती है।
  • नींद का भागना:恐फ, चिंता और असुरक्षा के कारण विश्राम का अभाव; यह विश्वास के पथ पर आगे बढ़ने में कठिनाई का संकेत है, पर इन परिस्थितियों में भी ईश्वर की सहायता की आशा बनी रहती है।
  • उत्पत्ति-परिप्रेक्ष्य: याकूब के अनुभव से यह समझाने की कोशिश कि परमेश्वर के वादे के बावजूद जीवन में क्षणिक कष्ट आते हैं, ताकि विश्वास और निर्भरता मजबूत हो।

कंटेक्स्ट से कुछ धारणाएँ

• पथ-परिश्रम के बीच भरोसे का रहते आना।

• परिवार-अपेक्षा और सुरक्षा के लिए संघर्ष।

• ईश्वर के वादों की दृढ़ता की मांग में मानव की कमजोरी का स्वीकार।

संकेत-आउटपुट (छोटे विषयगत बिंदु)

  1. कठिन समय में भी सचेत रहने की आवश्यकता—परिश्रम और ईश्वर के आशीर्वाद के बीच संतुलन।
  2. निरंतर प्रार्थना और भरोसा—दिन-रात की कठिनाइयों के बीच विश्वास का टिकाव।
  3. परिवार की सुरक्षा की चिंता में ईश्वर की व्यवस्था की दिशा—कदम-कदम पर सुरक्षा और मार्गदर्शन।

अन्य धार्मिक पाठ से सम्बन्ध

याकूब के दर्द के बारे में अन्य बाइबल टिप्पणियाँ निम्न प्रकार से मिलती-जुलती हैं: धन्यवाद देना कि परमेश्वर कठिन समय में भी साथ है; प्रार्थना-आश्वासन और पथ-निर्देशन की मांग।

संबद्ध पाठ-परिचय

1) पृष्ठभूमि में पूर्व के अनुभव: याकूब का अपने बैक-ग्रीक परिवार के साथ पलायन, सौदों और सुरक्षा के प्रयास।

2) विश्वास की कसौटी: कठिन समय में ईश्वर की गति पर निर्भरता बढ़ती है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

जब हमारे दिन-रात कठिनाइयों से भरे हों, तब भी ईश्वर के वादों पर टिके रहने की सीख मिलती है। भले ही नींद छीन जाए, परमेश्वर की सहायता के लिए आधे-तुला नहीं रहते; धैर्य, प्रार्थना और दीर्हा से आगे बढ़ें।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेपित व्यावहारिक संबंध)

• निर्भरता बनाये रखने की प्रेरणा: गलतफहमी या डर के समय भी विश्वास को मजबूत करें (यातना के बीच ईश्वर से सहायता मांगना).—अनुसार संदर्भ: उत्पत्ति 28–29; निर्भरता का पाठ।

• परमेश्वर की सुरक्षा की गारंटी: कठिन समय में भी ईश्वर के वादों की स्मृति।—अनुसार संदर्भ: उत्पत्ति 35:1–3; दाऊद के कठिन समय में भरोसा।

• आराम की आवश्यकता और आशीर्वाद: napi-नींद के अभाव में भी आत्मिक विश्राम की खोज।—अनुसार संदर्भ: मत्ती 11:28–30; याकूब 1:5।

निष्कर्ष: इस श्लोक में याकूब का व्यवहार एक सामान्य मानव की तरह है—संघर्ष के बीच भी भरोसा और मेहनत के साथ आगे बढ़ना। God का मार्ग उनके लिए और हमारे लिए भी सुरक्षित राह दिखाता है, जब हम सचेत और आशावान रहते हैं।

नोट: उपरोक्त में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के ठोस उद्धरण सीधे उद्धृत नहीं किए गए हैं, पर उनके सामान्य विचारों और तौर-तरीकों के अनुरूप संक्षेप में संकेत शामिल हैं। आवश्यकतानुसार क्लासिक commentary से संकेत मिलते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 31:40 समानांतर पद और संबंधित वचन

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निर्गमन 3:1 (HINIRV) »
मूसा अपने ससुर यित्रो नामक मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की पश्चिमी ओर होरेब नामक परमेश्‍वर के पर्वत के पास ले गया।

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निर्गमन 2:19 (HINIRV) »
उन्होंने कहा, “एक मिस्री पुरुष ने हमको चरवाहों के हाथ से छुड़ाया, और हमारे लिये बहुत जल भरकर भेड़-बकरियों को पिलाया।”

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भजन संहिता 78:70 (HINIRV) »
फिर उसने अपने दास दाऊद को चुनकर भेड़शालाओं में से ले लिया;

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