उत्पत्ति 31:41 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

बीस वर्ष तक मैं तेरे घर में रहा; चौदह वर्ष तो मैंने तेरी दोनों बेटियों के लिये, और छः वर्ष तेरी भेड़-बकरियों के लिये सेवा की; और तूने मेरी मजदूरी को दस बार बदल डाला।

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उत्पत्ति 31:41 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 31:41 पर संदर्भ-आकलन

इस पद में याकूब के साथ समस्याओं, धैर्य और परमेश्वर की देखरेख का पाठ उजागर होता है। बीस वर्ष तक एक कठोर रिश्ते में रहने के बाद, उसका अनुभव दुखद भी है और प्रेरक भी—क्योंकि उसने अपने मालिक लैबान के साथ सेवा करके धीरे-धीरे अपनी भूमिका और भाग्य का मार्ग पाया। यह verse हमें विश्वास की दृढ़ता, मेहनत की कीमत, और परमेश्वर के कर्म के समय-निर्णय पर विचार कराती है।

पद का अध्याय के भीतर संदर्ब

याकूब ने वहाँ चौदह वर्ष अपनी भेड़-बकरियों के लिए, और छः वर्ष भेड़-बकरी की देखरेख के लिए दिये—यही नहीं, उसने लैबान के साथ नौकरानी और मजदूरी की बदलती नीतियों के बीच बहुत कुछ सहन किया। यह कथन याकूब की धैर्यशीलता और ईमानदार परिश्रम का एक ठोस प्रमाण है, जो जीवन-यात्रा में विपरीतताओं के बावजूद परमेश्वर के भविष्यसूचक काम को समझने की कुंजी बनता है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • विश्वास और सत्यनिष्ठा के साथ अधिकार-निर्माण: याकूब ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को नहीं भुलाया, और अपने ईश्वर पर निर्भर रहते हुए अपना मार्ग ढाला।
  • परिश्रम की कीमत और परमेश्वर की भागीदारी: कठिन समय में भी परमेश्वर का हाथ दिखाई देता है; इंसानी धोखा और भेदभाव भी वह अपने उद्देश्य की दिशा में मोड़ देता है।

अनुकरणीय उद्धरण (पारम्परिक टिप्पणीकारों से संक्षेप)

मथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क ने इस प्रकार की स्थिति के बारे में समान ध्वनि में लिखा है कि ईश्वर वीर-प्रयास और सत्यनिष्ठा को महान लाभ में बदलते हैं, भले ही समय कठिन हो। आयोग्य व्यवहार और धैर्य के साथ देखा गया लाभ, इस जीवन में नहीं, बल्कि परमेश्वर के सुदीर्घ योजनाओं में मिलता है।

सार-स्वरूप मुख्य बिंदु

यह verse यह स्मरण कराता है कि मतभेदों और अवसरों के बीच भी एक विश्वासी अपने दायित्व और वचन के प्रति निष्ठ remains बनाये रख सकता है। समय के साथ, ईश्वर याकूब के लिए एक नई दिशा खोलेंगे, और उसकी मेहनत का परिणाम उसे आगे बढ़ाएगा।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्तExplanation)

यशायाह 41:10 जैसे संदेशों की तरह यह बताता है कि परमेश्वर अपने बच्चों के लिए सहारा होता है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन हों। रोम 5:3-5 में धैर्य के परिणामस्वरूप आशा का उन्नयन दर्शाया गया है। गलातियों 6:9 भी कहता है कि परिश्रम से हमें उचित फल मिलता है।

आवेदन

- कठिन आर्थिक या सामाजिक दबाव के बीच भी ईमानदारी और परिश्रम न छोड़ें; परमेश्वर कभी-कभी इन कठिन समयों के माध्यम से भविष्य के अवसर खोलते हैं।

- अपने कदमों के पीछे परमेश्वर की योजनाओं को जानने की कोशिश करें; धैर्य से काम लें और निष्ठा बनाए रखें।

संक्षेप

उत्पत्ति 31:41 हमें दिखाता है कि एक दासी-स्थिति, धैर्य और सत्यनिष्ठा के साथ, समय के साथ परिश्रम की कीमत चुकती है और परमेश्वर अपने भक्त के लिए आगे का मार्ग साफ़ करता है। यह कहानी प्रेरणा है कि कठिन निर्णयों के बीच भी परमेश्वर की योजना चालू रहती है, और हमारी ईमानदारी उसका मार्ग प्रशस्त करती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 31:41 समानांतर पद और संबंधित वचन

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फिर भी तुम्हारे पिता ने मुझसे छल करके मेरी मजदूरी को दस बार बदल दिया; परन्तु परमेश्‍वर ने उसको मेरी हानि करने नहीं दिया।

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इन बीस वर्षों से मैं तेरे पास रहा; इनमें न तो तेरी भेड़-बकरियों के गर्भ गिरे, और न तेरे मेढ़ों का माँस मैंने कभी खाया।

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उत्पत्ति 30:33 (HINIRV) »
और जब आगे को मेरी मजदूरी की चर्चा तेरे सामने चले, तब धर्म की यही साक्षी होगी; अर्थात् बकरियों में से जो कोई न चित्तीवाली न चितकबरी हो, और भेड़ों में से जो कोई काली न हो, यदि मेरे पास निकलें, तो चोरी की ठहरेंगी।”

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