उत्पत्ति 31:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और लाबान याकूब के पास पहुँच गया। याकूब अपना तम्बू गिलाद नामक पहाड़ी देश में खड़ा किए पड़ा था; और लाबान ने भी अपने भाइयों के साथ अपना तम्बू उसी पहाड़ी देश में खड़ा किया।

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उत्पत्ति 31:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बिंदु

उत्पत्ति 31:25 में लाबान और याकूब के बीच फिर से एक ठहराव और तनाव उद्घाटित होता है। याकूब ने गिलाद पर्वतीय देश में अपना तम्बू खड़ा किया, और लाबान भी उसी स्थान पर आकर अपने तम्बू स्थापित करता है। यह स्थिति दोनों के परस्पर रिश्ते की उत्कट तनावपूर्ण परिघटना को दर्शाती है, जहां याकूब अपने भागते हुए परिवार के साथ सुरक्षा और स्वतंत्रता की राह देखता है, जबकि लाबान परंपरागत नियंत्रण और अधिकार को बनाए रखना चाहता है। मुख्य विषय यह है कि ईश्वर की योजना में Yahweh के पालनहार हाथ कैसे इनके व्यक्तिगत संबंधों को मार्गदर्शित करता है, भले ही मानवीय स्वार्थ और भयड़ी व्यवस्था घेर लें।

पाठ-वाचन के साहित्यिक परिप्रेक्ष्य

यह अंश पहले से संकेतित संघर्ष का क्रमांक है। याकूब ने अपने विवाह-संवद्ध और जन्मजात उत्तराधिकार के कारण परिवार-परिस्थितियों में वृद्धि पाई है, परन्तु लाबान का नियंत्रण और स्वामत्व की भावना बना रहता है। गिलाद पहाड़ी देश की भौगोलिक स्थिति इसे एक सुरक्षित ठहराव के रूप में प्रस्तुत करती है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे से दूरी बनाए रखते हुए भी एक जगह टिके रहते हैं। भाषा के स्तर पर, 'खड़ा किया' शब्द दोनों के स्थिर ठहराव को स्पष्ट करता है—न कि घबराहट या भागदौड़, बल्कि इरादे के साथ एक निश्चित जगह पर टिके रहने की अभिव्यक्ति।

theological significance

यह verses परमेश्वर की योजना में मानवीय रिश्तों का पूर्ण नियंत्रण पर संकेत देता है। याकूब की सुरक्षा और स्मरणीय भविष्य के लिए निर्भरता परमेश्वर की सतत देखरेख पर है, भले ही वह लाबान जैसे कुंद-तटस्थ मानवीय दबाव के साथ जूझ रहा हो। यह स्थिति यह भी दर्शाती है कि शरणार्थी जीवन में अस्थिरता के बीच ईश्वर प्रत्यक्ष नेतृत्व का अनुभव होता है, क्योंकि आगे के वर्षों में याकूब को पितृक वंश के लिए चुनने और आशीष प्राप्त करने के लिए आवश्यक परिवर्तनात्मक परिवर्तन करने होंगे।

पवित्र शास्त्रों के साथ संबंध

- उत्पत्ति 28:10-11 में याकूब का घर छोड़ना और स्थान-परिवर्तन का आध्यात्मिक क्रम शुरू होना।
- उत्पत्ति 32:1-2, जहाँ ईश्वर के दूतों का मिलना और सुरक्षा का अनुभव याकूब को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
- उत्पत्ति 35:9-12, जहाँ परमेश्वर याकूब से पुनः पावन प्रतिज्ञा और वंशानुक्रम की पुष्टि करते हैं।

संकेत: इस कथानक-क्रम में सीधे उद्धरण नहीं हैं, परन्तु इन आयामों से पाठ की दिशा स्पष्ट होती है—ईश्वर के वचन और सभी मानव रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखना।

Reflection के लिए कुछ प्रश्न

  • हम अपनी सुरक्षा के लिए किन-किन स्थानों पर “घेरा-सीमा” बनाते हैं, ve से परमेश्वर के निर्देशों से कितना मेल खाते हैं?
  • याकूब और लाबान के संघर्ष में आप किस तरह की आशा और भय देख पाते हैं? आपके जीवन में भी कौन से गिलाद जैसा स्थान है जहाँ आप स्थिर होना चाहते हैं?

संक्षिप्त निष्कर्ष

उत्पत्ति 31:25 यह दर्शाता है कि ईश्वर के पालनहार हाथ कभी-भी मानव-यथार्थ को पूरी तरह अपने नियंत्रण से बाहर नहीं छोड़ते। याकूब के तम्बू का गिलाद में स्थित होना और लाबान का उसी स्थान पर आकर टिकना एक युग्मन-चेतावनी है—बाधाओं के बीच भी परमेश्वर अपनी योजना को निरंतर आगे बढ़ाते हैं, और लोगों के दर्दभरे निर्णयों में भी आशा-बिन्दु बनाए रखते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त और साक्ष्य-युक्त)

- पुरानी कथाओं में ईश्वर के संरक्षण का संकेत: उत्पत्ति 28:15; 32:9-12।
- सुरक्षित स्थान और आशीष का पुनरारम्भ: उत्पत्ति 35:9-12।
- परिवार-निर्माण और वंश-आशा: उत्पत्ति 29-30 की विरासत-गाथा।

महत्वपूर्ण उद्धरण: Matthew Henry और Adam Clarke के विशिष्ट वाक्यों के स्थान चाहिए तो मैं उन के संक्षेप-उद्धरण दे सकता हूँ, परन्तु यहाँ विद्यार्थी के लिए मूल पाठ का संदर्भ सन्देश के साथ देना उपयुक्त है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 31:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उत्पत्ति 12:8 (HINIRV) »
फिर वहाँ से आगे बढ़कर, वह उस पहाड़ पर आया, जो बेतेल के पूर्व की ओर है; और अपना तम्बू उस स्थान में खड़ा किया जिसके पश्चिम की ओर तो बेतेल, और पूर्व की ओर आई है; और वहाँ भी उसने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: और यहोवा से प्रार्थना की।

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उत्पत्ति 33:18 (HINIRV) »
और याकूब जो पद्दनराम से आया था, उसने कनान देश के शेकेम नगर के पास कुशल क्षेम से पहुँचकर नगर के सामने डेरे खड़े किए।

इब्रानियों 11:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इब्रानियों 11:9 (HINIRV) »
विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रहकर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्‍बुओं में वास किया। (उत्प. 26:3, उत्प. 35:12, उत्प. 35:27)

उत्पत्ति 31 (HINIRV) Verse Selection

उत्पत्ति 31:1 उत्पत्ति 31:2 उत्पत्ति 31:3 उत्पत्ति 31:4 उत्पत्ति 31:5 उत्पत्ति 31:6 उत्पत्ति 31:7 उत्पत्ति 31:8 उत्पत्ति 31:9 उत्पत्ति 31:10 उत्पत्ति 31:11 उत्पत्ति 31:12 उत्पत्ति 31:13 उत्पत्ति 31:14 उत्पत्ति 31:15 उत्पत्ति 31:16 उत्पत्ति 31:17 उत्पत्ति 31:18 उत्पत्ति 31:19 उत्पत्ति 31:20 उत्पत्ति 31:21 उत्पत्ति 31:22 उत्पत्ति 31:23 उत्पत्ति 31:24 उत्पत्ति 31:25 उत्पत्ति 31:26 उत्पत्ति 31:27 उत्पत्ति 31:28 उत्पत्ति 31:29 उत्पत्ति 31:30 उत्पत्ति 31:31 उत्पत्ति 31:32 उत्पत्ति 31:33 उत्पत्ति 31:34 उत्पत्ति 31:35 उत्पत्ति 31:36 उत्पत्ति 31:37 उत्पत्ति 31:38 उत्पत्ति 31:39 उत्पत्ति 31:40 उत्पत्ति 31:41 उत्पत्ति 31:42 उत्पत्ति 31:43 उत्पत्ति 31:44 उत्पत्ति 31:45 उत्पत्ति 31:46 उत्पत्ति 31:47 उत्पत्ति 31:48 उत्पत्ति 31:49 उत्पत्ति 31:50 उत्पत्ति 31:51 उत्पत्ति 31:52 उत्पत्ति 31:53 उत्पत्ति 31:54 उत्पत्ति 31:55

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