यशायाह 37:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

देख, तूने सुना है कि अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया कि उन्हें सत्यानाश ही कर दिया।

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यशायाह 37:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायह 37:11 का संदर्भ और अर्थ

यशायाह 37 अध्याय में ईश्वरीय भरोसे का संदेश और अश्शूर के संकट से यहूदा की मुक्ति की कथा है। इस Verse 11 में राजा सेनेकरिब और अश्शूर के आक्रमण के संदर्भ में एक सत्य उद्घाटित होता है: अश्शूर ने अन्य देशों को कैसा व्यवहार किया, यह बताने के लिये यह verse सुनाया गया है कि प्रभु की योजना के सामने मानव राजा कितने छोटे हैं। यह आश्वासन देता है कि परमेश्वर अपनी चॉइस्ड लोगों को सत्यानाश से बचाने के लिए शक्तिशाली तरीकों से आगे बढ़ते हैं।

केंद्रीय अर्थ

यह पंक्ति बताती है कि अश्शूर के राजाओं ने पूर्व सैनिकों के धोरों से लेकर सभ्यता के प्रमुख देशों तक में क्या किया—परिणामतः—देवता के विरुद्ध विद्रोह और दमन। परमेश्वर यह दिखाते हैं कि वेह अश्शूर की अत्याचार-पूर्ण सफलता से भी ऊपर हैं और उनके निर्णयों को पलट सकते हैं। यहूदियों को धैर्य और विश्वास के साथ यह स्मरण कराता है कि सत्यानाशी शक्तियाँ भी परमेश्वर के नियंत्रण में हैं।

तीन प्रमुख विषय

  • विश्वसनीय प्रभु बनाम मानवी सत्ता: बाहरी शक्तियाँ कितनी भी बड़ी हों, परमेश्वर के विरुद्ध नहीं ठहर सकतीं।
  • आशीर्वाद बने रहने की आशा: संकट के समय भी भविष्य पर ईश्वर के नियंत्रण पर भरोसा करें।
  • न्याय और दया का संतुलन: प्रभु अपने चुने हुए लोगों की रक्षा में न्यायप्रिय और दयालु दोनों भूमिका निभाते हैं।

संबद्ध आयतों के संदर्भ

संयुक्त विचार के लिये कुछ सम्बद्ध आयतें देखें: यशायाह 37:28-29 में प्रभु की योजना स्पष्ट होती है कि वह बुरे कामों को पलट देंगे; 2 राजा 19 में इसी घटना का विस्तार है कि कैसे ईश्वर ने अश्शूर को पलटा। परमेश्वर के शक्ति-प्रणालियों के बारे में अन्य संदर्भों में दाऊद का भक्ति भरोसा भी उद्धृत होता है (भजन 46; भजन 91)।

व्यावहारिक विश्लेषण

हमारी जीवनगत सीख यह है कि घोर संकट के समय भी हमें परमेश्वर की प्रभुत्व पर टिके रहना चाहिए। डर या आत्म-विश्वास की कमी के बजाय, प्रार्थना और स्मरण करवाते हुए—“जो तुम्हारे साथ है, वह संसार के विरुद्ध है”—हम आशा को बनाए रखें। यह पाठertia आता है कि शत्रु कितने भी सामर्थ्यवान क्यों न हों, परमेश्वर का आदेश पालन करुणा, न्याय और उद्धार की दिशा तय करता है।

संक्षिप्त समापन

यशायाह 37:11 हमें संदेश देता है कि अश्शूर की विश्वसनीयता और उनकी विजय-गाथाएँ अंततः परमेश्वर के नियंत्रण से बाहर नहीं हैं। यहूदा को याद दिलाता है कि भरोसा उसी प्रभु पर है जो हर रणनीति और हर राजा से ऊपर है।

अल्प cross-references (संक्षिप्त)

यशायाह 37:28-29 – प्रभु की स्वतन्त्र योजना और पलटाव का संकेत; 2 इतिहास 32:7-8 – प्रभु के अधीन रहे अनुग्रह का उदाहरण; भजन 46:1-3 – विपत्ति के समय परमेश्वर सहारा है।

उद्धरण संकेत: अगर आप Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke के स्पष्ट शब्द-उद्धरण चाहते हैं, तो नीचे देखें: यह सेक्शन केवल उनके विचारों के सार-संयोजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

यदि उद्धरण आवश्यक हों, तो संभवतः उपलब्ध छोटे-फ्रेज़ में: “God’s mercy is not limited by man’s power” (कथा-वर्णन के संरचना के अनुसार सार) — किन्तु पूर्ण वाक्यों के लिए उनके टिप्पणी-स्रोत देखें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 37:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

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ऐसा न हो कि हिजकिय्याह यह कहकर तुमको बहकाए कि यहोवा हमको बचाएगा। क्या और जातियों के देवताओं ने अपने-अपने देश को अश्शूर के राजा के हाथ से बचाया है?

2 राजाओं 18:33 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 18:33 (HINIRV) »
क्या और जातियों के देवताओं ने अपने-अपने देश को अश्शूर के राजा के हाथ से कभी बचाया है?

2 राजाओं 17:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 17:4 (HINIRV) »
परन्तु अश्शूर के राजा ने होशे के राजद्रोह की गोष्ठी को जान लिया, क्योंकि उसने सो नामक मिस्र के राजा के पास दूत भेजे थे और अश्शूर के राजा के पास वार्षिक भेंट भेजनी छोड़ दी; इस कारण अश्शूर के राजा ने उसको बन्दी बनाया, और बेड़ी डालकर बन्दीगृह में डाल दिया।

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