यशायाह 37:38 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वहाँ वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत् कर रहा था कि इतने में उसके पुत्र अद्रम्मेलेक और शरेसेर ने उसको तलवार से मारा और अरारात देश में भाग गए। और उसका पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

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यशायाह 37:38 पद-दर-पद बाइबल टीका

reader-friendly overview

यशायाह 37:38 एक ऐसे क्षण का वर्णन करता है जब श्रीमान-राज राजा के अंतर्गत परजीवी और पथभ्रष्ट न्याय-प्रबंध का परिणाम सामने आता है। यहाँ असुर साम्राज्य के घातक विरोधी निस्रोक के मंदिर में पिता की मूर्तिपूजा के बीच बेटे अद्रम्मेलेक और शरेसेर ने चमत्कारिक घटनाक्रम के माध्यम से सत्ता परिवर्तन कर डाला। यह पंक्ति सीधे यह दर्शाती है कि परमेश्वर के विरुद्ध चलने वालों के लिए राज-सत्ता कितनी अस्थिर और अस्थायी हो जाती है, तथा नयी सत्ता के आगमन में परम पावन योजना की भूमिका स्पष्ट होती है।

Verse-by-verse in its chapter

यशायाह 37:38 में सूचित किया गया है कि जब यहूदी राजा असार्याह (सहाय) अपने देव-भक्त निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत् कर रहा था, तो उसके पुत्र अद्रम्मेलेक और शरेसेर ने उसको तलवार से मार दिया और अरारात देश में भाग गए; और उसका पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा। यह घटना नतीजे में साम्राज्य के भीतर विद्रोह और अस्थिर सत्ता की तस्वीर है, जो एक समय की नज़रों के सामने परमेश्वर की कड़ी न्याय और कड़ाई का संकेत भी है।

main spiritual lesson

1) परमेश्वर के विरुद्ध चलने की कीमत: जिस राजा ने निस्रोक के मन्दिर के सामने प्रत्यक्ष जकड़ता दिखाया, उसे अपने ही पुत्रों के कंधों पर सत्ता से हटना पड़ा। यह स्पष्ट करता है कि भौतिक शक्ति और नीतिगत चालबाज़ियाँ क्षण भर टिक नहीं पातीं जब वे परमेश्वर के उद्देश्य के विरुद्ध जाती हैं।

2) उत्तरदायित्व और नस्ती-योजना: इस घटनाक्रम के साथ यह दिखता है कि परमेश्वर के न्याय के कदम कभी अदृश्य नहीं रहते—वह समय के अनुसार पापियों के ठिकाने बनाता है और उनके स्थान पर सचेत और प्रेरित नेतृत्व को स्थापित करता है।

cross-references with brief explanations

  • 1 राजा 15–16 अध्याय की सत्ता-परिवर्तन की घटनाएँ: शासकों के पतन और ईश्वर के योजना के अनुसार सत्ता-संरचना में बदलाव, यह दर्शाता है कि परमेश्वर के निर्णय के आगे मानव-योजना टिक नहीं पाती।
  • दानיאל 2 यादगार प्रतीक: किस प्रकार एक विदेशी शासन का उभरना और झुकना एक दैवीय ध्वनि के माध्यम से घटित होता है, जिससे विद्यमान सत्ता का अस्थिर होना स्पष्ट होता है।
  • भजन 2:3–4 के विचार: संसार के राजाओं का मानव-यत्न एक सीमा तक है, पर परमेश्वर की सत्ता स्थिर और सर्वोपरि रहती है।

careful application

- हर परिस्थिति में विश्वास की दृढ़ता बनाए रखें: जब सत्ता और मान-यथार्थ अस्थिर होते दिखते हैं, तब भी परमेश्वर की नीति और न्याय की दिशा में चलना चाहिए।

- विद्रोह और दमन के समय में नैतिकता का पालन करें: सत्ता-जोखिम के बावजूद सत्य, नम्रता, और निष्कलंक आत्म-परख चाहिए—जिनसे भीतर की शक्ति परमेश्वर के साथ बनी रहती है।

concise summary

यशायाह 37:38 दर्शाता है कि जब आधुनिक साम्राज्य ने देव-पूजा की परंपरा और सत्ता-आस्थाओं के बीच अस्थिरता दिखलाई, तब परमेश्वर के न्याय ने एक के बाद एक चरणों में सत्ता के परिवर्तन को संचालित किया। अद्रम्मेलेक और शरेसेर की हत्या से सत्ता नया रूप लेती है, और एसर्हद्दोन उस स्थान पर आकर खड़ा होता है। यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के विरुद्ध की गई हर चाल अंततः उसकी योजनाओं के अनुरूप नहीं टिकती।

महत्त्वपूर्ण उद्धरण नोट: Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे पूर्ण उद्धरण इस पन्ने में उपलब्ध स्रोत-पथ के भीतर इस पाठ के अनुरूप संकलित नहीं हैं, पर उनके विचार यह संकेत करते हैं कि सत्ता-परिवर्तन परमेश्वर की व्यवस्था के भाग हैं और पाप का परिणाम मुकम्मल न्याय ही होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 37:38 समानांतर पद और संबंधित वचन

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सातवें महीने के सत्रहवें दिन को, जहाज अरारात नामक पहाड़ पर टिक गया।

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यिर्मयाह 51:27 (HINIRV) »
“देश में झण्डा खड़ा करो, जाति-जाति में नरसिंगा फूँको; उसके विरुद्ध जाति-जाति को तैयार करो; अरारात, मिन्नी और अश्कनज नामक राज्यों को उसके विरुद्ध बुलाओ, उसके विरुद्ध सेनापति भी ठहराओ; घोड़ों को शिखरवाली टिड्डियों के समान अनगिनत चढ़ा ले आओ।

एज्रा 4:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
एज्रा 4:2 (HINIRV) »
तब वे जरुब्बाबेल और पूर्वजों के घरानों के मुख्य-मुख्य पुरुषों के पास आकर उनसे कहने लगे, “हमें भी अपने संग बनाने दो; क्योंकि तुम्हारे समान हम भी तुम्हारे परमेश्‍वर की खोज में लगे हुए हैं, और अश्शूर का राजा एसर्हद्दोन जिस ने हमें यहाँ पहुँचाया, उसके दिनों से हम उसी को बलि चढ़ाते भी हैं।”

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