यशायाह 37:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब रबशाके ने लौटकर अश्शूर के राजा को लिब्ना नगर से युद्ध करते पाया; क्योंकि उसने सुना था कि वह लाकीश के पास से उठ गया है।

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यशायाह 37:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 37:8 — तत्कालीन संदर्भ का सेटिंग

इस पद में रबशाके, आशीर्वादवाहक अंग्रेजी इतिहास की घेराबंदी से लौटकर अश्शूर के राजा को सूचना दे रहा है कि लिब्ना नगर पर उसका आक्रमण रुका नहीं है; वह यह बताने आया है कि लाकीश के पास से उभरा हुआ उसका प्रतिद्वंद्वी अभी भी खतरे में है। यह भाग तब घटित हो रहा है जब शिरा-राजा होज़िया के बाद तोड़-फोड़ के बीच येशु-यिर्मयाह जैसी दुष्कर परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं। कर्मयोगी विश्वास परिप्रेक्ष्य में यह घटना यह दिखाती है कि परमेश्वर की सत्ता द्वारा युद्ध की दिशा और परिणाम बदले जा सकते हैं।

ईश्वर की शक्ति और faith के बारे में पाठ से मिलती सीख

यह पाठ ईश्वर के विरुद्ध शक्तिशाली विरोधियों के सामने भी निर्भर रहने की शिक्षा देता है। रबशाके की सूचना यह नहीं बदलती कि परमेश्वर के द्वारा दिए गए विराम के बावजूद राजा शह-प्रताप को भरोसा करने के बजाय भयभीत होते हैं; परन्तु अगले चरणों में यह दिखता है कि परमेश्वर अपने दायरे में, व्यवस्था के अनुसार, प्रतिरोध को तोड़ सकता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भौतिक शक्ति जितनी भी प्रभावी क्यों न हो, परमेश्वर की योजनाएं ही अंतिम विजय निर्धारित करती हैं।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता

- “ल्याकीश के पास से उठ गया है” का चित्रण एक फ्री-फ्लाइट आक्रमण के संकेत के रूप में है जो यह दर्शाता है कि शत्रु अब भी चुनौती रहा है।

- शत्रु के लौटकर सूचना देना, एक प्रकार से आत्म-विश्वास में कमी नहीं बल्कि योजना की योजना-निर्माण को दर्शाता है—परमेश्वर की सुरक्षा में ही असली सुरक्षा है।

सम्बन्धित बाइबल पद

1) 2 kings 18-19: यह भाग यशायाह के समय के आस-पास के घटनाक्रम को और समेकित करता है और निर्भय होकर परमेश्वर पर विश्वास रखने की शिक्षा देता है।

2) भज 27:1: परमेश्वर की शक्ति से भय-शमन और विजय के विचार को पुख्ता करता है।

3) रोम 8:31: यदि परमेश्वर हमारे साथ है, तो 우리 की सहायता कितनी भी बड़ी चुनौती क्यों न हो?

आज के जीवन में आवेदन

1) डर के समय में भी प्रार्थना और आश्रय पर टिके रहें—परमेश्वर के साथ रहने पर भय नहीं चलता।

2) परिस्थितियों की खबरों से निराश न हों; परमेश्वर की योजना चैनलिंग से भरी रहती है।

3) समाज या युद्ध-स्थितियों में भी भरोसा करें कि परमेश्वर की सत्ता से परिस्थिति बदल सकती है, न कि केवल मानव शक्ति से।

ऐतिहासिक-विश्वास के संकलित सार

अपनी संकल्प-शक्ति और सत्य-विश्वास के साथ, परमेश्वर के द्वारा दी गई सुरक्षा और मार्गदर्शन हमें आज भी संतोष और साहस प्रदान करते हैं। इस पाठ से यह स्पष्ट होता है कि भौतिक युद्धों में आशा के मूल में परमेश्वर की कर्म-योजना है, और उसका निश्चय ही अंतिम विजय देता है।

नोट: इस प्रविष्टि में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण आवश्यकतानुसार केवल वही हिस्से शामिल हैं जो पाठ के साथ सीधे संगत हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 37:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तब यहोशू सब इस्राएलियों समेत मक्केदा से चलकर लिब्ना को गया, और लिब्ना से लड़ा;

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और रिम्मोनपेरेस से कूच करके लिब्ना में डेरे खड़े किए।

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तब उन्होंने हारून याजक के वंश को चराइयों समेत खूनी के शरण नगर हेब्रोन, और अपनी-अपनी चराइयों समेत लिब्ना,

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