Old Testament
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यहोशू 11:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उन सब नगरों को उनके सब राजाओं समेत यहोशू ने ले लिया, और यहोवा के दास मूसा की आज्ञा के अनुसार उनको तलवार से घात करके सत्यानाश किया।
यहोशू 11:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 11:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 7:2 (HINIRV) »
और तेरा परमेश्वर यहोवा उन्हें तेरे द्वारा हरा दे, और तू उन पर जय प्राप्त कर ले; तब उन्हें पूरी रीति से नष्ट कर डालना; उनसे न वाचा बाँधना, और न उन पर दया करना।

गिनती 33:50 (HINIRV) »
फिर मोआब के अराबा में, यरीहो के पास की यरदन नदी के तट पर, यहोवा ने मूसा से कहा,

व्यवस्थाविवरण 20:16 (HINIRV) »
परन्तु जो नगर इन लोगों के हैं, जिनका अधिकारी तेरा परमेश्वर यहोवा तुझको ठहराने पर है, उनमें से किसी प्राणी को जीवित न रख छोड़ना*,
यहोशू 11:12 का Hindi commentary (HINIRV)
पाठ-सारांश: इस पद में यहोशू ने कforall नगरों को, उनके राजाओं सहित, घात करके सत्यानाश किया और यहोवा कीष दास मूसा की आज्ञा के अनुसार ही यह काम किया गया। यहोशू 11 का यह अध्याय इस्लाए कनान के उत्तरी राज्यों पर यहूद के विजय क्रम को समाहित करता है, जिसमें ईश्वरीय निर्देशों के अनुरूप शत्रु राष्ट्रों का विनाशी नाश शामिल है।
यह verse अध्याय के संदर्भ में
यहोशू 11 अध्याय कनान के विभिन्न शहरों और रानियों पर क्रमिक विजय की सूची देता है। यह दृश्य यह दिखाता है कि परमेश्वर की योजना के अनुसार यहाँ बल पूर्वक नहीं, बल्कि दिव्य निर्देश और यहोवा की शक्ति के अनुसार युद्ध किया गया था। नगरों के साथ राजाओं का सम्हाल लेना बताता है कि विजय एक संपूर्ण शासन-व्यवस्था का भाग थी, जहां यहोवा ने अपने लोगों के सामने क्षेत्रीय नियंत्रण स्थापित किया।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य बाइबल पाठों से संकल्पना तुलना
- यूहन्ना 4:19-20 के प्रेरित विचार: प्रेम और विश्वास का जीवन यह दिखाता है कि परमेश्वर से जीवित संबंध रखने वाले लोगों के लिए चमत्कारिक विजय संभव है, जब वे निष्ठा से चले।
- उदाहरण के रूप में व्यवस्थावली के अन्य हिस्से: यहोशू 6 के यरुशालम की घेराबंदी जैसी घटनाएं भी यह दिखाती हैं कि परमेश्वर की विजयों में नयी कड़ीकरण और दया का मेल होता है।
- रोम 12:17-21 के अनुसार: बदले में न देना, परन्तु शांति के मार्ग पर चलना इसे संतुलित दृष्टिकोण देता है, ताकि न्याय के साथ प्रेम बना रहे।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके निहितार्थ
- संदर्भ 1: यहोशू 11 में कुल मिलाकर विजयों की व्यापक सूची से प्रेरणा मिलती है कि परमेश्वर की योजना में विजय एक क्रमबद्ध और जिम्मेदार शासन-प्रक्रम का हिस्सा है।
- संदर्भ 2: मत्ती 28:18-20 के आशीर्वादित विस्तार को ध्यान दें कि सर्वशक्तिमान प्रभु के साथ जाना हमारे जीवन-यात्रा का केंद्र है।
- संदर्भ 3: इब्रानियों 10:36 के अनुसार धैर्य के साथ लक्ष्य प्राप्ति संभव है, जब हम विश्वास के पथ पर चलते हैं और परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप नीति बनाते हैं।
संक्षेप निष्कर्ष
यहोशू 11:12 हमें दिखाता है कि परमेश्वर की योजना के अनुरूप विजय और सत्ता एक साथ चलते हैं—न केवल किसी क्षेत्र पर कब्जा, बल्कि यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के विश्वास और आज्ञाओं के अनुसार संपूर्ण क्षेत्र का मार्गदर्शन करता है। यहोधा दिखाता है कि निष्ठा और दायित्व के साथ किये गए कदम, परमेश्वर की योजना के अनुरूप परिणाम उत्पन्न करते हैं।
नोट: इस पंक्ति के स्थूल अभिप्राय में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विवेचनाओं के संक्षिप्त संदर्भ और उनके उद्धरण के लिए आवश्यक छोटे उद्धरण नीचे दिए गए हैं.
उद्धरण-धारणा (यदि लागू):
“यहोशू ने ... नगरों को उनके राजाओं सहित यहोशू ने ले लिया”—यह वाक्यांश Henry/Barnes/Clarke के समान्य विवेचन में यह स्पष्ट करता है कि विजय सार्वजनिक शासन की व्यापक नीति का भाग थी, न कि व्यक्तिगत विजय के प्रदर्शन का।