Old Testament
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यहोशू 11:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और पूरब पश्चिम दोनों ओर के रहनेवाले कनानियों, और एमोरियों, हित्तियों, परिज्जियों, और पहाड़ी यबूसियों, और मिस्पा* देश में हेर्मोन पहाड़ के नीचे रहनेवाले हिव्वियों को बुलवा भेजा।
यहोशू 11:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 11:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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न्यायियों 3:3 (HINIRV) »
अर्थात् पाँचों सरदारों समेत पलिश्तियों, और सब कनानियों, और सीदोनियों, और बालहेर्मोन नामक पहाड़ से लेकर हमात की तराई तक लबानोन पर्वत में रहनेवाले हिव्वियों को।

उत्पत्ति 31:49 (HINIRV) »
और मिस्पा भी; क्योंकि उसने कहा, “जब हम एक दूसरे से दूर रहें तब यहोवा मेरी और तेरी देख-भाल करता रहे।

यहोशू 11:3 परधारा: क्यों यह verses महत्वपूर्ण है
यहोशू 11:3 का केंद्र बिंदु यह है कि परमेश्वर ने यहोशू को क़ायदे के साथ उन सभी राष्ट्रों के विरुद्ध एक निर्णायक अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया जिनने धरती को अधिग्रहण किया था। इस वाक्य में पूरब पश्चिम के कनानी, एमोरी, हित्ती, परिज्जी, यबूसी, और हिव्वियों के स्थायित्व के विरुद्ध युग-परिवर्तनकारी एकता दिखाई देती है। यह शब्द हमें स्मरण कराते हैं कि परमेश्वर के बनाये हुए वचन-आधार पर, उनके चुने हुए लोगों के लिए साहस और नेतृत्व आवश्यक है ताकि भूमि पूरी तरह सुरक्षित हो सके। यह पाठ न सिर्फ युद्ध-युग की घटनाओं को बताता है, बल्कि भरोसे के एक पाठ को भी उद्घाटित करता है: प्रभु की दी हुई भूमि वही है जिसे वह अपने चरन पर नियंत्रण में रखना चाहते हैं।
पार्शवContext: मूल संदर्भ
यहोशू के नेतृत्व में इज़राइलियों ने मन्ना से मंदर तक के रास्ते पार कर लिए थे, और अब वे कनान की भूमि के भीतर एक एकीकृत आक्रमण कर रहे थे। 11:3 में कवरेज यह दर्शाता है कि दक्षिण से उत्तर तक सारे पड़ोसी नगर ओर देश एकजुट होकर एक साझा खतरे के रूप में सामने आए, जिसे परमेश्वर ने यहोशू के हाथ में दिया था। यह सब यह बताता है कि पृथ्वी की बस्तियों के साथ God के विधान के अनुसार संघर्ष एक एकीकृत योजना का भाग था।
मुख्य संदेश
इस वचन का केंद्र संदेश है: परमेश्वर का मिशन और उसकी पुष्टि के साथ, दुश्मन देश एकजुट होते हैं, पर वह स्वयं अपने लोगों के लिए जीत निश्चित कर देता है। यह आज भी आत्म-विश्वास और विश्वसनीय नेतृत्व की आवश्यकता पर बल देता है—क्योंकि परमेश्वर के वचन के अनुरूप कार्रवाई करने पर ही लक्ष्य प्राप्त होते हैं।
बाइबल थीम्स के साथ सम्बद्धता
क्रॉस-रेफेरेन्स (संक्षेप में)
यहोशू 1:6-9 में परमेश्वर का आह्वान और साहस का आदेश; यह प्रेरित करता है कि किस प्रकार नेतृत्व समर्थ होता है जब परमेश्वर का वचन साथ हो। यह56:स्थिरता और विश्वास पर बल देता है। यादवियों के साथ परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर निर्भरता छोटे-छोटे कदमों में भी विजय सुनिश्चित करती है।
यही थी कि मरियम 4:6-7 और 5:13-14 के संदेश यह दिखाते हैं कि संघर्षों में दृढ़ता और परमेश्वर की योजना का मिलन कैसे विश्वास की गहराई बनाता है।
यहोशू 10:40 और 11:15—कहता है कि परमेश्वर की सभी लड़ाइयाँ एक नियंत्रणीय योजना के भीतर होती हैं और वह अपने लोगों के लिए पूरी भूमि को सुरक्षित बनाते हैं।
पूर्व-पार्श्व संदर्भ और आधुनिक अनुप्रयोग
यह verse इतिहास के पन्नों में एक निर्णायक विजय की शुरुआत बताता है—जो यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए बड़े कार्यों के लिए स्पष्ट मार्ग बनाते हैं। आज भी कठिन परिस्थितियाँ सामने आने पर हमारा आचरण वही होना चाहिए: प्रभु की दिशा में कदम उठाने, साथ ही स्थिरता और एकता बनाए रखना।
नीतिगत निष्कर्ष और देवotional विचार
परमेश्वर जो आगे बढ़ाता है वह तब संभव होता है जब उसका उद्देश्य हमारे साहस और विश्वास के साथ जुड़ता है। इस verse से सीख: अपने क्षेत्रों में प्रभु की योजना पर विश्वास रखें, डर को छोड़ दें और एक साथ मिलकर कठिनाइयों का सामना करें।
संक्षेपित उद्धरण (पवित्र-टीका से)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट कमेंट्री से मिलती दृष्टि के अनुसार, एक संयुक्त कथा यह है कि परमेश्वर की योजना के अनुसार आना-जाना और शक्ति एकजुट होकर काम करना परमेश्वर की विजय का कारण बनता है। विशेष उद्धरण संकलन में उपलब्ध नहीं, पर उनके विचार यह रहते हैं कि उत्तरदायित्व और विश्वास के साथ नेतृत्व को मानना ही वास्तविक जीत की कुंजी है।
संक्षिप्त Cross-References
- यहोशू 1:6-9: विश्वास और नेतृत्व के आदेश; - 10:40: एकीकृत विजय की योजना; - 11:15: मरम्मत और योजनात्मक नियंत्रण की दिशा
इन सभी संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए एक स्पष्ट मार्ग बनाते हैं और उस मार्ग पर निर्भर होकर ही वास्तविक विजय मिलती है।