Old Testament
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यहोशू 11:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हालाक नाम पहाड़ से ले, जो सेईर की चढ़ाई पर है, बालगाद तक, जो लबानोन के मैदान में हेर्मोन पर्वत के नीचे है, जितने देश हैं उन सब को जीत लिया और उन देशों के सारे राजाओं को पकड़कर मार डाला।
यहोशू 11:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 11:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 7:24 (HINIRV) »
और वह उनके राजाओं को तेरे हाथ में करेगा, और तू उनका भी नाम धरती पर से मिटा डालेगा; उनमें से कोई भी तेरे सामने खड़ा न रह सकेगा, और अन्त में तू उन्हें सत्यानाश कर डालेगा।

यहोशू 11:3 (HINIRV) »
और पूरब पश्चिम दोनों ओर के रहनेवाले कनानियों, और एमोरियों, हित्तियों, परिज्जियों, और पहाड़ी यबूसियों, और मिस्पा* देश में हेर्मोन पहाड़ के नीचे रहनेवाले हिव्वियों को बुलवा भेजा।

यहोशू 13:5 (HINIRV) »
फिर गबालियों का देश*, और सूर्योदय की ओर हेर्मोन पर्वत के नीचे के बालगाद से लेकर हमात की घाटी तक सारा लबानोन,
यहोशू 11:17 पर चर्चित समझ
यह पवित्र वचन बताता है कि कैसे यहोशू ने इधर-उधर के सभी शहरों और राजाओं पर विजय पाई, और कैसे परमेश्वर की सहायता से युद्ध-यात्रा पूर्ण हुई। यह वाक्य विशेष रूप से यहोशू के नेतृत्व में कनान के उत्तर-पश्चिम भाग में फैले आक्रमण-युग की एक निर्णायक उन्नति का भाग है। हमारे लिए इसका महत्व यह है कि यहोशू की सेना का संपूर्ण विजय-यात्रा किस प्रकार परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के अनुरूप पूरी हुई, तथा यह उनकी आस्था और obedience की प्रभावशील शक्ति को दर्शाता है।
पோस्ट-स्थिति: मूल संदर्भ और आशय
यह पद यहोशू के उत्तर-प्रतियोगी आक्रमण की निरंतरता को दर्शाता है—हाला कि यह सूचीकरण एक विशाल समरूपी विजय की पुष्टि करता है: पहाड़ से लेकर बालगाद तक, लबानोन के मैदानों तक, एक-एक क्षेत्र और राजाओं को परास्त कर डाला गया। यह संदेश यह है कि परमेश्वर ने सचमुच इस्राएल के मार्गदर्शक के हाथों में सामर्थ्य प्रदान किया ताकि उनके विश्वास-यात्रा में विजय का क्रम बना रहे।
प्रमुख संदेश
पवित्र शास्त्री के विचार (संक्षेप)
यह हिस्सा पुराने टिप्पणीकारों के निहितार्थ को समेकित करता है ताकि पाठक को गहराई से समझ मिले:
मैथ्यू हेनरी के अनुसार यह विजय परमेश्वर के काम का एक सत्यापित प्रमाण है—यही कारण है कि यह अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाले संघर्षों को एकीकृत करती है।
ऐल्बर्ट बार्न्स इस बात पर बल देते हैं कि इस प्रकार की विजयें यहोशू के नेतृत्व की विश्वसनीयता और परमेश्वर के साथ उनकी अटूट संगति का द्योतक हैं।
एडम क्लार्क कहते हैं कि यह इतिहास एक स्थिर, परिष्कृत योजना का भाग है जिसमें प्रभु की उपस्थिति हर कदम पर स्पष्ट रहती है, और इस प्रकार राष्ट्र अपने चेतन-आचरण में परमेश्वर के निर्देशों के अनुरूप चलते हैं।
क्रॉस-रेफरेंस (संदर्भ) और उनके संक्षिप्त अर्थ
1) इब्रानियों 11:33–34 से प्रेरणा: विश्वास के करियर में समृद्ध विजय—यह दिखाता है कि धर्मयुद्ध में विश्वास के साथ जुड़ी विजयें केवल सैनिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पराक्रम भी हैं।
2) यहोशा 1:6–9: परमेश्वर की प्रेरणा और साहस का स्रोत—यहोशू को प्रचारित किया गया कि वह न डरे, न घबराए, क्योंकि प्रभु उसका परमेश्वर उसके साथ है।
3) स्तोत्र 44:4–5: परमेश्वर की सहायता से विजय संभव है—क्योंकि वह ही हमारे शत्रुओं पर विजय पायमाता है।
इन संदर्भों के द्वारा पाठक समझ पाते हैं कि सफलता केवल शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि परमेश्वर की देन और उनके शब्दों की मान्यता है।
संभावित पाठ-प्रेरणा
यहोशू 11:17 के भीतर की प्रार्थना या प्रतिज्ञा के स्वर का विचार करें: भगवान ने जो काम शुरू किया, उसे पूरा किया। यह हमें आज भी विश्वास-यात्रा में धैर्य और लगन सिखाता है—परमेश्वर के साक्षी बने रहें, तब परिणाम अपने आप निकलते हैं।
व्यावहारिक devotional विचार
हर क्षेत्र में युद्ध की यह सूची हमें याद दिलाती है कि जीवन के बड़े लक्ष्य तब निकलते हैं जब हम परमेश्वर के निर्देश के अनुसार कदम उठाते हैं। जब हम चुनौती के सामने डरते हैं, तो याद रखें कि यहोशू की तरह परमेश्वर का वचन हमारे मार्गदर्शक और ढाल बना रहता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह verse इस्राएल की विजय-यात्रा में एक निर्णायक मील का पत्थर है; यह परमेश्वर की कृपा और समर्पित नेतृत्व की पुष्टि करता है। साथ ही यह हमें स्मरण कराता है कि विश्वास और obedience मिलकर एक व्यापक योजना को साकार बनाते हैं—राजाओं के खिलाफ भी परमेश्वर का स्पष्ट हस्तक्षेप काम में आता है।