Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 7:14 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 7:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए सवेरे को तुम गोत्र-गोत्र के अनुसार समीप खड़े किए जाओगे; और जिस गोत्र को यहोवा पकड़े वह एक-एक कुल करके पास आए; और जिस कुल को यहोवा पकड़े वह घराना-घराना करके पास आए; फिर जिस घराने को यहोवा पकड़े वह एक-एक पुरुष करके पास आए।
यहोशू 7:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 7:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 16:33 (HINIRV) »
चिट्ठी डाली जाती तो है, परन्तु उसका निकलना यहोवा ही की ओर से होता है। (प्रेरि. 1:26)

यहोशू 7:17 (HINIRV) »
तब उसने यहूदा के परिवार को समीप किया, और जेरहवंशियों का कुल पकड़ा गया; फिर जेरहवंशियों के घराने के एक-एक पुरुष को समीप लाया, और जब्दी पकड़ा गया;

1 शमूएल 10:19 (HINIRV) »
परन्तु तुम ने आज अपने परमेश्वर को जो सब विपत्तियों और कष्टों से तुम्हारा छुड़ानेवाला है तुच्छ जाना; और उससे कहा है, 'हम पर राजा नियुक्त कर दे।' इसलिए अब तुम गोत्र-गोत्र और हजार-हजार करके यहोवा के सामने खड़े हो जाओ।”
यहोशू 7:14 का अर्थ और संदर्भ
यह verse बताता है कि कैसे यहोवा ने इस्राएली सेनाओं के बीच अपराध के कारण बुरी तरह पराजित होने के बाद फिर से आत्म-नियमन और पवित्रता की क्रमिक जाँच को निर्देशित किया। सवेरे हर गोत्र पहले से तय क्रम से समीप खड़े होंगे, ताकि यह दिख सके कि किस गोत्र, कुल, घराने और finally पुरुष के स्तर पर अपराध हुआ है। यह क्रम केवल दृष्टांत ke रूप में नहीं है, बल्कि यह यहोवा की पवित्रता के अनुरोध के अनुसार व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी की स्पष्ट व्यवस्था है।
प्रासंगिक संदर्भ-संदर्भ
interpretive observations
1) यहोवा की परीक्षा प्रक्रिया क्रमबद्ध है: गोत्र, कुल, घराना और पुरुष—यानी जीवन के हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही।
2) क्रम एकता और निष्ठा की शिक्षा देता है: यह दिखाता है कि छोटे-छोटे समूह भी सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, और हर समूह को अपने अपराध के लिए भूमिका स्पष्ट करनी है।
3) प्रेम-निर्णय के साथ न्यायानुभव: यह व्यवस्था यह दर्शाती है कि परमेश्वर की पवित्रता बिना किसी पक्षपात के स्थापित है, ताकि उन लोगों को भी चेतावनी मिले जो अन्याय में फँसते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और तर्क
• अन्याय के प्रति सामूहिक दायित्व: यहोशू 7 में यह सिद्धांत सामने आता है कि एक गलत काम पूरे समुदाय को प्रभावित कर सकता है; देखें अन्य स्थान जहाँ युवक-युवा-परिवारिक समूहों के दोष और दंड के उपाय बताये गये हैं।
• समुदाय के लिए पवित्रता का महत्व: पवित्रता के साथ समाज का सुरक्षा और समृद्धि जुड़ी है; यह सिद्धांत आज के नैतिक-व्यवस्था के लिए भी मार्गदर्शक हो सकता है।
संक्षिप्त थीमैटिक सूची
व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारा पाठ यह बताता है कि समाज की सुरक्षा और नैतिकता के लिए स्पष्ट और पारदर्शी जवाबदेही कितनी आवश्यक है। छोटे-छोटे समूहों में असत्य और अन्याय के संकेत मिलते हैं, तो उन्हें तथ्यात्मक ढंग से पहचानना और सुधारना चाहिए—ताकि सामूहिक शांति बनी रहे।
महत्वपूर्ण उद्धरण (पारंपरिक टिप्पणीकारों से)
यहाँ उपलब्ध सार्वजनिक-डायमेंड टिप्पणियों के अनुरूप, यहोशू 7:14 के संकल्पना-आधार को संक्षेप में समाहित किया गया है। उदाहरण के लिए, मॅथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क जैसी परंपरागत टिप्पणीकारों के विश्लेषणों के सामान्य प्रवाह से प्रेरित इसे लिखा गया है।
महत्वपूर्ण उद्धरण: “जिस घराने को यहोवा पकड़े... वह एक-एक पुरुष करके पास आए” — इस विचार को सामान्य नीतिगत प्रकाश में, नीचे के शब्द-फलक में समाहित किया गया है।
उद्धरण-चिन्हित टिप्पणियाँ
यह पाठ सीधे शब्दों में नहीं है, बल्कि समीकृत विचार से संकलित है; यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट शब्द-संयोजन उपलब्ध हों, तो वे नीचे के संदेश में उद्धृत नहीं हैं—पर उनके विचारों की प्रेरणा साफ़-साफ़ जानी जाती है।