Old Testament
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यहोशू 7:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब उसने उसके घराने के एक-एक पुरुष को समीप खड़ा किया, और यहूदा गोत्र का आकान, जो जेरहवंशी जब्दी का पोता और कर्मी का पुत्र था, पकड़ा गया।
यहोशू 7:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 7:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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गिनती 32:23 (HINIRV) »
और यदि तुम ऐसा न करो, तो यहोवा के विरुद्ध पापी ठहरोगे; और जान रखो कि तुमको तुम्हारा पाप लगेगा*।

1 शमूएल 14:42 (HINIRV) »
फिर शाऊल ने कहा, “मेरे और मेरे पुत्र योनातान के नाम पर चिट्ठी डालो।” तब चिट्ठी योनातान के नाम पर निकली।

यहोशू 7:18 का_COMMENTARY (हिंदी, HINIRV)
यह वाक्य इतिहास के एक कड़े मोड़ को दर्शाता है: यहोशू ने अपने लोगों के भीतर गेप के अपराध को उजागर किया, ताकि दोषी व्यक्ति पकड़ा जा सके और दंड सचिता के साथ लागू हो। इस संदर्भ में आकान के कृत्य ने इस्रेल के आंतरिक सुरक्षा और वैधानिक व्यवस्था के लिए एक चेतावनी बनकर प्रस्तुत किया। यहोशू 7 अध्याय का संदर्भ, येसू के युग के पूर्व, इस्राएल के सेना-व्यवस्था और पवित्रता के नियमों के अनुपालन पर बल देता है।
मुख्य विचार
1) दायित्व और पोखर का निष्कर्ष: प्रत्यक्ष अपराध की पहचान के बाद उसका चित्रण समुदाय के सामने किया गया ताकि सबक स्पष्ट हो। जब एक व्यक्ति ने पवित्र शेष को छूट नहीं दी, तो पूरी सेना असुरक्षित हो उठी; यह दर्शाता है कि पवित्रता के लिए व्यक्तिगत दोष का बोझ समूह पर पड़ता है।
2) न्याय और मर्यादा के बीच संतुलन: समुदाय के हर सदस्य को जिम्मेदार ठहराने की प्रक्रिया से यह दिखता है कि ईश्वर के नियमों के अनुसार दोषी पर कठोर लेकिन उचित दंड होता है; यह न्याय की दिव्य प्रकृति का निजी दोष से पार्थक्य स्पष्ट कराता है।
दो-तीन प्रमुख लक्ष्यों की थीम
संबद्ध विप्राय और संदर्भ
इस अध्याय का यही पाठ हमें अन्य पुराने संदर्भों से जोड़ता है, जहाँ दण्ड के नियम सामुदायिक सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं। उदाहरणतः:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि पवित्रता और न्याय एक ही कोटि के अभिन्न तत्व हैं, जो समुदाय के लिए सुरक्षित मार्ग बनाते हैं।
व्यावहारिक विचार
यह verse यह सिखाता है कि गलतियों के बावजूद ईश्वर के सामने आत्म-निर्भयता नहीं, बल्कि ईमानदारी और प्रत्यक्ष पश्चात्ताप की आवश्यकता है। व्यक्तिगत या समूह-आडंबर से बचना चाहिए; न्याय के मार्ग में सत्य और समर्पण आवश्यक हैं। यदि हम अपने आंतरिक जीवन में किसी गलत मार्ग को छिपाने की कोशिश करते हैं, तो वह अंततः उजागर होता है और परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 7:18 दिखाता है कि पवित्रता के लिए समुदाय की सुरक्षा और व्यक्तिगत दायित्व दोनो एक साथ चलते हैं। आकान का पकड़ा जाना इस संदेश का कड़ा, पर आवश्यक भाग है: ईश्वर के नियमों के पालन के बिना सामुदायिक जीवन सुरक्षित नहीं रह सकता।
क्रॉस-रेफरेंसेस
यहोशू 7:19 और निर्गम 32:33–35 से जुड़ाव: उपरोक्त दिखाते हैं कि दोषी का खुलना और दंड, साथ ही ईश्वर के नाम के सम्मान की दृष्टि, एकीकृत चित्त से होकर गुजरना चाहिए।
नोट: इस पंक्ति में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के मौलिक उद्धरणों के लिए यदि उपलब्ध हो, तो उनके छोटे स्पष्ट शब्दों के लिए पालन किया गया है और उनका पूर्ण पाठ फुल टेक्स्ट में उद्धृत नहीं किया गया है।