Old Testament
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यहोशू 7:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा ने यहोशू से कहा, “उठ, खड़ा हो जा*, तू क्यों इस भाँति मुँह के बल भूमि पर पड़ा है?
यहोशू 7:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 7:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 14:15 (HINIRV) »
तब यहोवा ने मूसा से कहा, “तू क्यों मेरी दुहाई दे रहा है? इस्राएलियों को आज्ञा दे कि यहाँ से कूच करें।

1 शमूएल 16:1 (HINIRV) »
यहोवा ने शमूएल से कहा, “मैंने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर कर चल; मैं तुझको बैतलहमवासी यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है*।” (लूका 3:31-32)

1 शमूएल 15:22 (HINIRV) »
शमूएल ने कहा, “क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन, मानना तो बलि चढ़ाने से और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है। (मर. 12:32,33)
यहोशू 7:10 पर टिप्पणी — Contextual स्पष्टिकरण
यहोशू 7 में ईश्वर के निर्देश के अनुसार इश्राइलियों की पहली विफलता, अक्कोर की चोरी (Achan's sin) के कारण उनकी सेना की हार का वर्णन है। इस पंक्ति में यहोवा अपने सेवक यहोशू से सक्रियता और विश्वास की मांग कर रहा है: यहोवा कहता है, उठ, खड़ा हो जा, तू क्यों इस भाँति मुँह के बल भूमि पर पड़ा है? इसका उद्देश्य रोध-भावना का नहीं, बल्कि पुनःरण और संघर्ष शुरू करने की ठोस पहल है। जहाँ पहले भय और निरंतर आत्म-हीनता थी, वहाँ अब साहस और दिशा-पत्र प्रदान करने की आवश्यकता है।
केंद्रीय अर्थ
यहोशू 7:10 में परमेश्वर सीधे यहोशू को इस बात के लिए प्रेरित कर रहा है कि वह पराजय के प्रभाव से उभरे, आत्म-परिवर्तन का आह्वान दे, और बहाल योजनाओं के साथ आगे बढ़े। क्षति या शर्म के क्षण में भी ईश्वर की प्राथमिकता है—स्थिति की पुनर्रचना और योजना-निर्माण। यह चेतावनी देता है कि ईश्वर के साथ जुड़ना और क्रम से काम करना ही विजय की कुंजी है, न कि निराशा का रोना या स्थिति में स्थिर रहना।
मुख्य विषय (किए गई तीन बातें)
संबद्ध वचन-पंक्तियाँ (Cross-references) और उनका संक्षिप्त अर्थ
इन संदर्भों से स्पष्ट है कि हार से उबरने के लिए pribadi-आचरण, पवित्रता और ईश्वर के मार्ग-निर्देशन पर भरोसा अनिवार्य है।
व्यावहारिक चिंतन
जीवन में जब असफलताओं का सामना हो, तो यहोशू 7:10 की पंक्ति हमें स्मरण कराती है कि रोना-धोया छोड़कर कदम उठाने चाहिए। पहले पूछें: क्या पाप या अयोग्यता के कारण बाधा है? फिर समर्पण के साथ योजना बनायें, साथी-प्रतिपालक के साथ मिलकर पुनः रणनीति बनायें, और ईश्वर के संकेतों के अनुसार आगे बढ़ें। यह संदेश सीमाओं को तोड़कर नए साहस का स्रोत बनता है।
संक्षिप्त समापन
यहोशू 7:10 ईश्वर की प्रेरणा है—हार के बाद भी आगे बढ़ना चाहिए, ताकि परमेश्वर की योजना पुनः चालू हो सके। उठो, खड़े हो जाओ एक व्यावहारिक याद दिलावा है: ईश्वर के मार्ग पर विश्वास और अनुशासन के साथ ही विजय संभव है।
समाप्ति-रेखा
इस verse में निहित मुख्य संदेश है कि उदासी में हीरो नहीं बनते; साहस, स्पष्टता, और परमेश्वर की दिशा में कदम उठाकर ही विजय की ओर लौटना संभव है।
पौराणिक-टिप्पणी से समाहित अनुरेख: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त संकेत आवश्यकतानुसार उद्धृत हैं।