Old Testament
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यहोशू 7:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब जो पुरुष अर्पण की वस्तु रखे हुए पकड़ा जाएगा, वह और जो कुछ उसका हो सब आग में डालकर जला दिया जाए; क्योंकि उसने यहोवा की वाचा को तोड़ा है, और इस्राएल में अनुचित कर्म किया है।'”
यहोशू 7:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 7:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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उत्पत्ति 34:7 (HINIRV) »
याकूब के पुत्र यह सुनते ही मैदान से बहुत उदास और क्रोधित होकर आए; क्योंकि शेकेम ने याकूब की बेटी के साथ कुकर्म करके इस्राएल के घराने से मूर्खता का ऐसा काम किया था, जिसका करना अनुचित था।

न्यायियों 20:6 (HINIRV) »
तब मैंने अपनी रखैल को लेकर टुकड़े-टुकड़े किया, और इस्राएलियों के भाग के सारे देश में भेज दिया, उन्होंने तो इस्राएल में महापाप और मूर्खता का काम किया है।

1 शमूएल 14:38 (HINIRV) »
तब शाऊल ने कहा, “हे प्रजा के मुख्य लोगों, इधर आकर जानो; और देखो कि आज पाप किस प्रकार से हुआ है।
यहोशू 7:15 के प्रति समेकित व्याख्या
यहोशू 7:15 में संगठित कष्ट का मूल कारण इज़राइल के सभी पर नहीं, बल्कि एक एक व्यक्ति की चूकी हुई वाचा-उल्लंघन के कारण आया गया है। अहरीभूत कृत्यों के परिणामस्वरूप राष्ट्र-सम्पूर्ण आशीर्वाद नहीं, बल्कि पवित्र संस्था के भीतर की अनुचितता के कारण शुद्ध असफलता उभरती है। जो अपराध यहोवा के वचन के उल्लंघन के बराबर है, वही क्षय और दंड का प्रारम्भ बनता है। उसी से यहोशू की सेना में बाँट-साफ़ एक अजीब सा डर बैठ जाता है, और अंततः यहूदियों के लिए एक सबक बन जाता है कि हर निष्ठापूर्ण आराधना और वाचा-बद्धता का पालन क्यों आवश्यक है।
साहित्यिक संदर्भ (पाठ-सूबोट)
यह अवसर यहुद के नगर आकरात के पतन के बाद आता है, जहाँ इस्राएल ने एँगल पर विजय प्राप्त की थी, पर ऐहोर के किनारे अजीब-सी चूक हो गई। यहोशू 7 अध्याय कुल मिलाकर इस बात की पुष्टि करता है कि परमेश्वर की पवित्र वाचा के प्रति अंध-निष्ठा, समुदाय के भीतर बड़े खतरे उत्पन्न कर सकती है। इस verse में यह स्पष्ट है कि व्यक्तिगत दोष पूरे समुदाय पर प्रभाव डालता है और दंड का भार भी सामूहिक रूप से उठाना पड़ता है।
थियोलॉजिकल महत्व
यहोवा की वाचा की पवित्रता और समाज के समर्पण की सख्ती यह बताती है कि परमेश्वर अपने लोगों से एक उच्च मानक की अपेक्षा करता है। अगर किसी एक सदस्य के पास से किसी प्रकार की चोरी या अपवित्रता होती है, तो वह समाज के पूजन-उत्साह और उनकी बधाओं को प्रभावित कर सकता है। यह दर्शाता है कि पवित्रता का संयुक्त प्राकृतिक परिणाम है—समुदाय के आराधना और आशीर्वाद दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं।
अन्य शास्त्री संधारण (पद-विश्लेषण के अनुसार)
Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के प्रासंगिक विचारों से संकेत मिलते हैं कि -
चलती हुई कथा के भीतर के उपयोगी प्रश्न
पंक्ति-उद्धृत विचार (संक्षेप)
यह पंक्ति बताती है कि जो गलतियाँ किसी के भी कारण से इन्तेकालभरे तरीके से आकर एक साथ दंड बन जाती हैं, वे परमेश्वर की पवित्र वाचा की रक्षा और समुदाय के समृद्ध उद्धार के लिए आवश्यक सावधानी के संकेत हैं।
क्रॉस-रेफरेंसे (संक्षेप, प्रवाह) और उनके तात्पर्य
- रोम 5:12 पर विचार: व्यक्ति-जाति के भीतर अपराध कैसे संपूर्ण मानवता पर प्रभाव डालता है; यह यहूदा के घटनाक्रम से आभार प्रकट होता है।
- 1 कुरिन्थियों 5:1-2: पाप का पर्दाफाश और समुदाय की नैतिक सुरक्षा के लिए कसौटी—व्यक्तिगत पाप का सार्वजनिक प्रभाव दर्शाता है।
- יהושע 7:19-21: अर्पण से हार के बावजूद दोष को स्वीकारना न्याय-व्यवस्था के विस्तार की ओर संकेत करता है।
संक्षेप निष्कर्ष
यहोशू 7:15 हमें सिखाता है कि परमेश्वर की पवित्र वाचा और उसकी आराधना को संरक्षित रखना समूह-उपाधि नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत ईमानदारी और वाचा-पालन का संयुक्त दायित्व है। किसी एक की चूक पूरे समुदाय के लिए चेतावनी बन जाती है, और दंड की प्रक्रिया तब तक शुरू होती है जब तक मूल कारण को दूर नहीं किया जाता।