Old Testament
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यहोशू 7:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि कनानी वरन् इस देश के सब निवासी यह सुनकर हमको घेर लेंगे, और हमारा नाम पृथ्वी पर से मिटा डालेंगे; फिर तू अपने बड़े नाम के लिये क्या करेगा?”
यहोशू 7:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 7:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 32:12 (HINIRV) »
मिस्री लोग यह क्यों कहने पाएँ, 'वह उनको बुरे अभिप्राय से, अर्थात् पहाड़ों में घात करके धरती पर से मिटा डालने की मनसा से निकाल ले गया?' तू अपने भड़के हुए कोप को शान्त कर, और अपनी प्रजा को ऐसी हानि पहुँचाने से फिर जा।

भजन संहिता 83:4 (HINIRV) »
उन्होंने कहा, “आओ, हम उनका ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए; और इस्राएल का नाम आगे को स्मरण न रहे।”

गिनती 14:13 (HINIRV) »
मूसा ने यहोवा से कहा, “तब तो मिस्री जिनके मध्य में से तू अपनी सामर्थ्य दिखाकर उन लोगों को निकाल ले आया है यह सुनेंगे,
सीधे अर्थ की स्पष्ट व्याख्या
यहोशू 7:9 में यरदन के पार से आया यहोशू बतलाते हैं कि इस देश में कनानी जातियाँ एकत्र होकर हम पर हमला करेंगी ताकि हमारा नाम पृथ्वी से मिटा दें. यह एक आत्म-पराक्रम (स्व-आत्म-विश्वास) और भय का मिश्रण है: मनुष्य की निर्भरता परमेश्वर पर घटने लगी, और उन्होंने यह सोचा कि बड़े नाम के ख़ातिर क्या किया जाए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
फिरौनी के चिह्न के बाद इस्राएली राज्य का क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया था। कनानी नगर-जनों की चेतावनियाँ, प्रतिशोध और चोटों ने यरदन पार के लोगों में दहशत पैदा कर दी थी। यहां तक कि यहोशू अपने लोगों के लिए एक सुध-बुध की पुकार सुनाते हैं: यदि परमेश्वर की सहायता नहीं होगी, तो यह लोग हमें घेरकर मिटा देंगे।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
आस्वादन योग्य संदर्भ विचार
1) य प्रेस 7:11–12 जैसे हालात में परमेश्वर का निर्देश और चेतावनी, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर अपने लोगों के पापों का दण्ड भी दे सकता है ताकि वे निर्भर रहें।
2) जाक 4:6-7 जैसे अध्यायों में यह दिखता है कि परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह पर वह ऊँच-नीच करते हैं, परन्तु जो विनम्र हैं, उन्हें सहायता मिलती है।
3) प्रेरितों के कर्म 2:47 में समुदाय की एकता और परमेश्वर के नाम की महिमा का महत्व, जो भय को परास्त कर देता है।
छोटा थीमैटिक सूची
अनुसंधान विचार और उद्धरण-आधार
यह अंश प्रेरितों के रीति-रिवाज और पुराने कसौटियों के संग जुड़ता है कि प्रत्यक्ष खतरे के समय ईश्वर के नाम की महिमा कैसे निरीक्षण-योग्य रहती है।
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणीपाठ से प्रेरित अवलोकन इस प्रकार हैं:
- Henry के शब्दों में एक ठोस चेतावनी है कि हम परमेश्वर के बिना कुछ नहीं कर सकते; यह डर केवल मानव-योजनाओं पर निर्भर रहता है। (उद्धृत विचार)
- Barnes यह बताते हैं कि इस भय का मूल कारण पाप की चिंगारी है, जिसे रोकना आवश्यक है ताकि विश्वास पनप सके।
- Clarke इस बात पर जोर देते हैं कि परमेश्वर की सहायता के बिना, प्रत्येक बड़ा नाम भी एक क्षणभंगुर सुरक्षा है; परंतु वह जो विश्वास में रहता है, उसे विजय प्राप्त होती है।
शुद्ध, सुरक्षित निष्कर्ष (Practical takeaway)
यदि हम भय के समय भी परमेश्वर के नाम के लिए खड़े रहते हैं और उसकी योजना पर निर्भर रहते हैं, तब ही असली विजय संभव है। भय और आत्म-विश्वास के बीच संतुलन रखना सीखें: परमेश्वर की सहायता के बिना कुछ भी स्थायी नहीं है।
cross-references के साथ संक्षेप स्पष्टीकरण
- संदर्भ 1: यूहन्ना 14:1 जैसे वाक्यों से प्रेरणा मिलती है कि हमारे दिल न डरे रहें, क्योंकि पिता के पास many dwelling places हैं; यह विश्वास की गवाही है।
- संदर्भ 2: रोम 8:31-32 बताता है कि यदि परमेश्वर हमारे साथ है, तो कौन हमें आगे रोक सकेगा—यह साहस देता है।
- संदर्भ 3: 2 तीमुथिय 1:7-8 में “परमेश्वर ने हमें भय की आत्मा नहीं दी” का स्मरण, जो इस अध्याय के भय से जूझ रहे लोगों के लिए प्रेरणा देता है।