Old Testament
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यहोशू 7:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
कि जब मुझे लूट में बाबेल देश का एक सुन्दर ओढ़ना, और दो सौ शेकेल चाँदी, और पचास शेकेल सोने की एक ईंट देख पड़ी, तब मैंने उनका लालच करके उन्हें रख लिया; वे मेरे डेरे के भीतर भूमि में गड़े हैं, और सब के नीचे चाँदी है।”
यहोशू 7:21 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 7:21 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 29:15 (HINIRV) »
हाय उन पर जो अपनी युक्ति को यहोवा से छिपाने का बड़ा यत्न करते, और अपने काम अंधेरे में करके कहते हैं, “हमको कौन देखता है? हमको कौन जानता है?”

1 यूहन्ना 2:15 (HINIRV) »
तुम न तो संसार से और न संसार की वस्तुओं से प्रेम रखो यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उसमें पिता का प्रेम नहीं है।

भजन संहिता 119:37 (HINIRV) »
मेरी आँखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे*; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।
योशू 7:21 पर टिप्पणी: लालच की चपलता और परिणाम
यहोशू 7:21 में अचूक रूप से एक व्यक्ति की लालच ने पूरे इस्राइल पर कड़ा संकट खड़ा कर दिया। अहून ने अपनी चोरी के लालच को “मेरे डेरे के भीतर भूमि में गड़े हैं, और सब के नीचे चाँदी है” कहकर परिभाषित किया है। यह वचन एक ऐसी मानवीय कमजोरी को दर्शाता है जो सामाजिक-धार्मिक व्यवस्था को हिला डालती है, क्योंकि यह स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर के साथ उनका संकल्पित आचरण नहीं, बल्कि व्यक्तिगत लालच उनके समुदाय के बन्धन को तोड़ता है।
पारंगिक साहित्यिक संदर्भ (Literary Context)
इस पाठ में हम देखते हैं कि जाँच के बाद, यहोशू ने इट्रहाइल के भीतर से छिपे समान के सुराग पाए। कथा का मुख्य ध्येय यह है कि परमेश्वर के आदेशों के विरुद्ध एक कदम उठाने से सामूहिक समुदाय कितने कदम पीछे गिर सकता है। यहूदा-याकूब की धारणा के अनुसार, प्रत्येक सदस्य का आचरण पूरे शरीर के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। यह पाठ पूर्ववर्ती विजय से पहले के आराम के बीच एक चेतावनी देता है कि विजय केवल परमेश्वर की सहायता से संभव है, जब तक कि हर एक द्वारा प्रत्यक्ष-प्रतिनिधित्व के साथ दृढ़ता से निष्कपट रहता है।
धार्मिक महत्व और सिद्धांत (Theological significance)
यह अध्याय निष्कर्ष देता है कि पाप का दुष्प्रभाव समूह पर पड़ सकता है। लालच और चोरी का अपराध परमेश्वर के साथ सीधा सम्बन्ध विच्छेद कर देता है; परिणामस्वरूप, इजराइल के नगरों की सफलता स्थगित हो जाती है। यह हमारी नैतिक सीख देता है कि परमेश्वर के प्रावधानों में आस्था रखते हुए भी व्यक्तिगत पाप कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। साथ ही, यह बताता है कि पाप के पर्दाफाश और दायित्व-स्वीकृति से ही समुदाय पुनः परमेश्वर की कृपा के समीप आ सकता है।
ग्रंथ-संबंध (Cross-references) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
पाठ पर विचार करने के कुछ प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
योशू 7:21 एक स्पष्ट स्मरण है कि व्यक्तिगत लालच परमेश्वर की योजनाओं के अनुरूप सामूहिक आचार-व्यवहार को प्रभावित करता है। परमेश्वर के साथ एक सुसंगत और ईमानदार जीवन ही विजय का मार्ग बनता है। हर व्यक्ति को क्षति से पहले सत्य की खोज और पाप से दूरी बनाए रखना चाहिए, ताकि समुदाय की सुरक्षा और परमेश्वर की कृपा दोनों बनी रहें।
पूर्व-प्रकाशित टिप्पणी से महत्त्वपूर्ण उद्धरण
इस पाठ के संदर्भ में मैथ्यू हेनरी, अलबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संकलनियों से मिलने वाले स्वर को समवान्स किया गया है। उल्लेख के रूप में यह नोट किया जा सकता है कि उन्होंने चोरी और लालच के सामाजिक प्रभावों पर स्पष्ट चेतावनी दी है; उनके शब्दों से यह स्पष्ट होता है कि पाप का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव समुदाय पर पड़ता है और दोषी का पश्चाताप ही वास्तविक मुक्ति का मार्ग है।