मत्ती 26:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“तुम जानते हो, कि दो दिन के बाद फसह* का पर्व होगा; और मनुष्य का पुत्र क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिये पकड़वाया जाएगा।”

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मत्ती 26:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

वाचन-पत्र: मत्ती 26:2 – फसह के दो दिन बाद क्रूस की योजना

इस पद में यीशु अपने शिष्यों से स्पष्ट कहते हैं कि उनकी मृत्यु क्रूस पर दो दिन बाद होगी, ताकि फसह पर्व के पास आकर वे क्रूस पर चढ़ाए जाएँगे। यह घोषणा आगे आने वाले घटनाक्रमों की पूर्वसूचना है और यह बताती है कि परमेश्वर की योजनाएं समयानुसार पूरी हो रही हैं।

पद का पृष्ठभूमि और अध्याय के साथ तात्पर्य

मत्ती 26 अध्याय के मध्य में यीशुबल्कि मौक़ा बतलाते हैं कि उनकी वेध-भीतरी रचना पूरी हो जाएगी—फसह के पर्व से ठीक पहले। फसह यहूदियों के लिए एक विशिष्ट स्मारक है, जिसमें बलिदान की स्मृति और 하나님 के उद्धार-काम का स्मरण होता है। यीशु की यह भविष्यवाणी दो अर्थ देती है: (1) उनके शिष्यों के लिए यह समय परमेश्वर की योजना के अनुसार है, और (2) यहूदियों और शत्रुओं के बीच संचालित राजनीति के बीच उनके दर्दपूर्ण कटु दुख का पूर्वसूचक है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • यहान्नता की समय-सारणी: परमेश्वर की योजना समय के अनुसार पूरी होती है; यीशु का क्रूस पर चढ़ना एक निर्धारित उद्धार-कार्य है, जिसे लोग क्रूर-आख्यान के बजाय ईश्वर की करुणा के रूप में देखते हैं।
  • गठनात्मक आत्म-प्रयोग: शिष्यता में विश्वासऔर धीरज की परीक्षा—सार्वभौमिक संकट के समय में भी प्रभु के उद्देश्य को मानना चाहिए।

अनुसंग और क्रॉस-रेफरेंसे

यह प्रकट बात अन्य सुसमाचारों में भी मिलती है: क्रूस पर चढ़ाए जाने का विधान (यूहन्ना 13-19, मरकुस 14-15), और फसह के संदर्भों के भीतर उद्धार की योजना स्पष्ट होती है। इसके साथ एक-दो उपयुक्त cross-references हैं:

1) प्रकाशितवाक्यों में उद्धार के उद्देश्य: यीशु की मृत्यु और उसके बाद का उद्धार-कार्य।

2) अन्य गॉस्पेल्स में समय-निर्धारण: समय के अनुसार होनेवाला घटना-क्रम, जिसे परमेश्वर की स्वीकृति मिली।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

- हमारी स्थिति में भी विश्वास और धैर्य बनाए रखें जब हम भविष्य के अनिश्चित घटनाओं का सामना करें।

- ईश्वर की योजना के अनुसार जीवन के कठिन क्षणों को स्वीकारना और विश्वासी के रूप में उस योजना पर निर्भर रहना।

संक्षेप

मत्ती 26:2 कहता है कि दो दिन में फसह होगा और मनुष्य का पुत्र क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिये पकड़वाया जाएगा। यह संदेश है कि उद्धार का काम एक निर्धारित समय पर पूर्ण होना है, और यह शिष्य-यात्रा में विश्वास और समर्पण के लिए प्रेरणा देता है।

Notes on quotations

यदि नीचे दिए गए आवश्यक उद्धरण प्रकाशित पाठों से लिए जाएँ, तो इतिहास-आधारित दार्शनिक उद्धरणों का छोटा-सा अंश यह है कि:

मैथ्यू हेन्री, ऐल्बर्ट बार्न्स और ऐडम क्लार्क के स्पष्ट शब्द-जोड़ उपलब्ध हैं; नीचे केवल वे मौलिक पंक्तियाँ उद्धृत की गई हों तो जरूरत है तो उसी रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

Cross-references (संक्षेप): साथ ही यह छोटा पाठ उन स्थानों से जुड़ता है जहाँ उद्धार-यात्रा स्पष्ट होती है; पाठ-ग्रामों के भीतर उद्धरण पूर्ण न हो तो केवल संकेत-रेखा दी जाती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 26:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

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दो दिन के बाद फसह* और अख़मीरी रोटी का पर्व होनेवाला था। और प्रधान याजक और शास्त्री इस बात की खोज में थे कि उसे कैसे छल से पकड़कर मार डालें।

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अख़मीरी रोटी का पर्व जो फसह कहलाता है, निकट था।

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“देखो, हम यरूशलेम को जाते हैं; और मनुष्य का पुत्र प्रधान याजकों और शास्त्रियों के हाथ पकड़वाया जाएगा और वे उसको घात के योग्य ठहराएँगे।

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