मत्ती 26:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यह देखकर, उसके चेले झुँझला उठे और कहने लगे, “इसका क्यों सत्यानाश किया गया?

पिछला पद
« मत्ती 26:7
अगला पद
मत्ती 26:9 »

मत्ती 26:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 26:8 पर स्पष्ट अर्थ

यह पाठ कहता है कि यीशु के घड़ों-घड़ियों के करीब एक क्रिया में चेलों ने यह कहा कि यह हरकत सत्यानाश क्यों मचाए जा रही है। सरल शब्दों में, वह प्रकटन कि यीशु की क्रिया एक महत्त्वपूर्ण सत्य को उजागर कर रही है, पर कुछ चेलों के लिए यह प्रभाव अवांछित और अजीब था।

संदर्भ-परिप्रेक्ष्य

यह घटना गाथा के अंत की ओर घटित होती है जब यीशु अपने संबंधियों के साथ पवित्र भोजन से पहले नख-चूर्ण (अत्यधिक प्रेम-भाव) के साथ एक महत्त्वपूर्ण सच उद्घाटित करते हैं। चेलों के द्वारा यह टिप्पणी एक विरोधाभासी प्रतिक्रिया है: वे मानते हैं कि कृपापात्र के आचरण में अत्यधिक सूझ-बूझ हो सकती है, पर वे यह नहीं समझ पाते कि यह कार्य एक उद्धार-यज्ञ के भाग के रूप में आवश्यक है।

interpretive observations

  • घटना का केंद्र प्रेम और समर्पण है—युद्ध-चिह्न नहीं, बल्कि बलिदान का पूर्वाभास।
  • चेलों की प्रतिक्रिया मानवीय है: अपेक्षा से हटकर कुछ असामान्य घटित होने पर वे भ्रमित और क्रोध में आते हैं।
  • येशु का उत्तर धैर्य और उद्देश्य स्पष्ट करता है: यह कार्रवाई कलह नहीं बल्कि गहरी आस्था और उद्धार की तैयारी है।

थीमैटिक सार

संदर्भित पंक्तियाँ (सहायक पाठ)

यहाँ कुछ परिप्रेक्ष्य उद्धरण नहीं हैं, बल्कि संदर्भ-पंक्तियाँ हैं जो इस घटना से जुड़ी समझ को गहरा करती हैं:

1) पवित्र भोजन से पूर्व की घटनाओं के साथ यीशु का विरोध-समझाना; 2) यीशु के दत्त-वचन, जो उसकी क्रिया के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हैं; 3) चेलों की प्रतिक्रियाओं के साथ उनका विकास।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हम यह सीख लेते हैं कि चर्चाओं में कभी-कभी हमारी प्रतिक्रियाएं तात्कालिक भावनाओं पर निर्भर होती हैं। ईश्वर की योजना समय-समय पर अजीब लग सकती है, पर विश्वास और धैर्य से उसे समझना चाहिए। प्रेम की क्रिया कठिन क्यों न हो, उसका उद्देश्य उद्धार की दिशा में है।

संदर्भ-विकल्प (cross-references)

- समान भावनात्मक प्रतिक्रिया में प्रेरणा: अन्य घटनाओं के दौरान भी चेले और यीशु के बीच समन्वय की ज़रूरत दिखती है।

- प्रेमपूर्ण सेवाभाव: यह पाठ दिखाता है कि भव्य उद्देश्य के लिए व्यक्तिगत असुविधाएं भी स्वीकारनी पड़ सकती हैं।

- प्रत्यक्ष निर्णय बनाम आस्था: इस कहानी में आस्था का विकास कैसे होता है, यह समझना महत्त्वपूर्ण है।

नोट: नीचे उद्धृत किताबी सारांशों (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke) के छोटे-छोटे कथन हैं; यदि उपयुक्त हो तो उनके ठोस शब्दों से केवल संकेतन किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 26:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मरकुस 14:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मरकुस 14:4 (HINIRV) »
परन्तु कुछ लोग अपने मन में झुँझला कर कहने लगे, “इस इत्र का क्यों सत्यानाश किया गया?

यूहन्ना 12:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 12:4 (HINIRV) »
परन्तु उसके चेलों में से यहूदा इस्करियोती नाम एक चेला जो उसे पकड़वाने पर था, कहने लगा,

निर्गमन 5:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 5:17 (HINIRV) »
फ़िरौन ने कहा, “तुम आलसी हो, आलसी*; इसी कारण कहते हो कि हमें यहोवा के लिये बलिदान करने को जाने दे।

मत्ती 26 (HINIRV) Verse Selection

मत्ती 26:1 मत्ती 26:2 मत्ती 26:3 मत्ती 26:4 मत्ती 26:5 मत्ती 26:6 मत्ती 26:7 मत्ती 26:8 मत्ती 26:9 मत्ती 26:10 मत्ती 26:11 मत्ती 26:12 मत्ती 26:13 मत्ती 26:14 मत्ती 26:15 मत्ती 26:16 मत्ती 26:17 मत्ती 26:18 मत्ती 26:19 मत्ती 26:20 मत्ती 26:21 मत्ती 26:22 मत्ती 26:23 मत्ती 26:24 मत्ती 26:25 मत्ती 26:26 मत्ती 26:27 मत्ती 26:28 मत्ती 26:29 मत्ती 26:30 मत्ती 26:31 मत्ती 26:32 मत्ती 26:33 मत्ती 26:34 मत्ती 26:35 मत्ती 26:36 मत्ती 26:37 मत्ती 26:38 मत्ती 26:39 मत्ती 26:40 मत्ती 26:41 मत्ती 26:42 मत्ती 26:43 मत्ती 26:44 मत्ती 26:45 मत्ती 26:46 मत्ती 26:47 मत्ती 26:48 मत्ती 26:49 मत्ती 26:50 मत्ती 26:51 मत्ती 26:52 मत्ती 26:53 मत्ती 26:54 मत्ती 26:55 मत्ती 26:56 मत्ती 26:57 मत्ती 26:58 मत्ती 26:59 मत्ती 26:60 मत्ती 26:61 मत्ती 26:62 मत्ती 26:63 मत्ती 26:64 मत्ती 26:65 मत्ती 26:66 मत्ती 26:67 मत्ती 26:68 मत्ती 26:69 मत्ती 26:70 मत्ती 26:71 मत्ती 26:72 मत्ती 26:73 मत्ती 26:74 मत्ती 26:75

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें