मत्ती 26:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैं तुम से कहता हूँ, कि दाख का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊँगा, जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊँ।”

पिछला पद
« मत्ती 26:28
अगला पद
मत्ती 26:30 »

मत्ती 26:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ का उद्घोष

मत्ती 26:29 में यीशु बताते हैं कि वह उस दिन तक दाख का रस नहीं पिएँगे जब तक वह और उनके साथ उद्धार के राज्य में पिता के साथ नया रस न पीएँ। इसका सार यह है कि उनके क्रूस तक के कष्ट-यात्रा के बाद ही धार्मिक उत्सवों और विदानों का नया सत्यपूर्ण आनंद पूर्ण रूप से उपलब्ध होगा। यह वाक्य प्रभु की बुलाहट और सिद्धांत के संगति में आने का संकेत देता है कि पवित्र भोज और राज्य के बीच एक क्रमानुसार दूरी है, जो आगे के समय में पूरा होगा।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह घटना जेमती के अंतिम भोज के समय की है, जब यीशु अपने चेलों के साथ पास्का उत्सव मना रहे थे। वह अपने शिष्यों से कह रहे हैं कि वे उनके साथ पिता के राज्य में नया रस पीएँगे, उन विश्राम और नई व्यवस्था को दर्शाते हैं जो मृत्यु और पुनर्जीवन के बाद शुरू होगी। यह बात भविष्य-प्रोयोजन की है: पृथ्वी पर वर्तमान दावतें अस्थायी हैं, पर आकाशीय राज्य की दावत स्थायी और पूर्ण होगी।

व्याक्य–व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • दाख का रस का प्रतीक: यह ख्रीष्णीय आस्था की गहराई और नया जन्म का प्रतीक है। आगे होने वाले राज्य-भोजन में यह रस एक नई साझेदारी का प्रतीक बनता है।
  • तारीख और संगति: “जब तक” का शब्द संकेत करता है कि वास्तविक आनंद का पूर्ण अनुभव कालानुसार आरम्भ नहीं हुआ, बल्कि राजा के आगमन और राज्य के दृढ़ होने पर संभव होगा।
  • सात्विक आश्वासन: पवित्र भोज का न्योता, पहले क्रूस और पुनरुत्थान के साथ जुड़ा है; यह विश्वास को एक निश्चित ठहराव देता है कि उद्धार की पूर्णता ईश्वर के राज्य में मिलती है।

कथन-निर्णय (Cross-References) और उनके तात्त्विक अर्थ

  • यूहन्ना 6:54-55: यीशु बतलाते हैं कि जो उसका मुझ से खाना-पीना है वही जीवन में स्थाई भाग पाएगा; यह दर्शाता है कि साक्षात्कार का भोजन आंतरिक एकीकरण को दर्शाता है जो मृत्यु से विनष्ट नहीं होता।
  • लूका 22:18: यीशु ने बताया कि वह नया रस पीएँगे जब राज्य आ जाए। यह मूल संदेश का पूरक है—पुनरुत्थान के बाद का नवीन आशीर्वाद।
  • मरकुस 14:25: पास्का के साथ भविष्य की राज्यसभा की आशा जुड़ी है; यह संकेत देता है कि नई व्यवस्था—कृपा-पूर्ण भोज—स्वरूप में पूर्ण होगी।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि मसीह का यह कथन एक चेतावनी नहीं, बल्कि आशा और दृढ़ विश्वास का आह्वान है: वर्तमान दावत एक यात्रा है, जो प्रभु के राज्य के आ जाने पर नई दावत में बदल जाएगी।

अनुवाद-नोट्स (महत्वपूर्ण उद्धरण और संदर्भ)

इस पंक्ति का केंद्र-उद्धरण: “नया न पीऊँगा जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊँ।” इस पाठ का भाव यह है कि पवित्र भोज की पूर्णता और उत्सव का गहरा आनंद उस समय शुरू होगा जब ईश्वर के राज्य का पूर्ण स्थापना हो जाएगी।

संक्षिप्त practically takeaway

    ख्रीष्टीय जीवन में वर्तमान दावतें कबूल करें, पर उनकी पूर्णता के लिए आशा रखें कि राज्य पहुँचने पर वास्तविक आनंद मिलेगा। विश्वास में धैर्य और प्रतीक्षा रखें—यहोवा के समय में ही पूर्ण आशीर्वाद खुलेंगे।

महत्वपूर्ण उद्धरण (प्रमुख टिप्पणियाँ)

यदि आवश्यक हो, नीचे दी गई तीन सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचार संकलित हैं।

Matthew Henry से एक संक्षेप संकेत: यीशु का यह कहन एक भविष्य की प्रतिष्ठा है जो रक्त-तोड़कर नहीं, बल्कि राज्य की स्थायित्व में पूरी होगी।

Albert Barnes से एक संक्षेप संकेत: यह वचन विश्वास के लिए प्रेरणा है कि आस्था और भोज का एक नया-भविष्यिक अंग एक नए व्यवस्था में मिलेगा।

Adam Clarke से एक संक्षेप संकेत: उद्धार-कार्य के पूर्ण होने पर ही वास्तविक आशीर्वाद का आनंद मिलेगा; यह उम्रभर की प्रतीक्षा का भाग है।

नोट: ऊपर उद्धृत संक्षिप्त विचार सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के संगत सारों पर आधारित हैं; किसी भी पूर्ण टेक्स्ट के उद्धरण शामिल नहीं हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 26:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

इब्रानियों 12:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इब्रानियों 12:2 (HINIRV) »
और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले* यीशु की ओर ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुःख सहा; और सिंहासन पर परमेश्‍वर के दाहिने जा बैठा। (1 पत. 2:23-24, तीतु. 2:13-14)

प्रकाशितवाक्य 7:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 7:17 (HINIRV) »
क्योंकि मेम्‍ना जो सिंहासन के बीच में है, उनकी रखवाली करेगा; और उन्हें जीवनरूपी जल के सोतों के पास ले जाया करेगा, और परमेश्‍वर उनकी आँखों से सब आँसू पोंछ डालेगा।” (भज. 23:1, भज. 23:2, यशा. 25:8)

मरकुस 14:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मरकुस 14:25 (HINIRV) »
मैं तुम से सच कहता हूँ, कि दाख का रस उस दिन तक फिर कभी न पीऊँगा, जब तक परमेश्‍वर के राज्य में नया न पीऊँ।”

मत्ती 26 (HINIRV) Verse Selection

मत्ती 26:1 मत्ती 26:2 मत्ती 26:3 मत्ती 26:4 मत्ती 26:5 मत्ती 26:6 मत्ती 26:7 मत्ती 26:8 मत्ती 26:9 मत्ती 26:10 मत्ती 26:11 मत्ती 26:12 मत्ती 26:13 मत्ती 26:14 मत्ती 26:15 मत्ती 26:16 मत्ती 26:17 मत्ती 26:18 मत्ती 26:19 मत्ती 26:20 मत्ती 26:21 मत्ती 26:22 मत्ती 26:23 मत्ती 26:24 मत्ती 26:25 मत्ती 26:26 मत्ती 26:27 मत्ती 26:28 मत्ती 26:29 मत्ती 26:30 मत्ती 26:31 मत्ती 26:32 मत्ती 26:33 मत्ती 26:34 मत्ती 26:35 मत्ती 26:36 मत्ती 26:37 मत्ती 26:38 मत्ती 26:39 मत्ती 26:40 मत्ती 26:41 मत्ती 26:42 मत्ती 26:43 मत्ती 26:44 मत्ती 26:45 मत्ती 26:46 मत्ती 26:47 मत्ती 26:48 मत्ती 26:49 मत्ती 26:50 मत्ती 26:51 मत्ती 26:52 मत्ती 26:53 मत्ती 26:54 मत्ती 26:55 मत्ती 26:56 मत्ती 26:57 मत्ती 26:58 मत्ती 26:59 मत्ती 26:60 मत्ती 26:61 मत्ती 26:62 मत्ती 26:63 मत्ती 26:64 मत्ती 26:65 मत्ती 26:66 मत्ती 26:67 मत्ती 26:68 मत्ती 26:69 मत्ती 26:70 मत्ती 26:71 मत्ती 26:72 मत्ती 26:73 मत्ती 26:74 मत्ती 26:75

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें