मत्ती 26:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यह जानकर यीशु ने उनसे कहा, “स्त्री को क्यों सताते हो? उसने मेरे साथ भलाई की है।

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मत्ती 26:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ का प्रकटन

यही संदेश है: यीशु ने चेतावनी दी कि स्त्री को सताने से समुचित नहीं है; उसने भलाई की है, अतः उसकी आलोचना नहीं होनी चाहिए। प्रस्तुत वचन से यह स्पष्ट है कि Jesus मानवीय क्रियाओं के प्रति दयालु और द्वंद्वात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, और अशुद्ध तर्क या अयोग्य दबाव के विरुद्ध उसकी भाषा सम्मानपूर्वक होती है।

प्रसंग का पृष्ठभूमि

यह घटना मसीह-यात्रा के दौरान घटी है जब किसी स्त्री ने Jesus के पास प्रेमपूर्वक भेंट की और उनके पग धोकर चुम्बन किया। शास्त्रीय टिप्पणीकार इसे बहुमुखी रूप से देखते हैं: स्त्री का प्रेम भेंट या भक्ति के प्रतीक के रूप में है, और शास्त्रसुधारक उसे Jesus के उद्धारकार्य से जोड़कर देखना पसंद करते हैं। इस पृष्ठभूमि में यीशु ऐसे समय में बोलते हैं जब समाज के कुछ सदस्य आलोचना या तिरस्कार के हक से आगे नहीं बढ़ पाते।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • भलाई का मूल्य: Jesus स्पष्ट करते हैं कि स्त्री ने भलाई की है—उसने दुखी स्थिति में help, सम्मान और प्रेम का प्रदर्शन किया है।
  • अंधी न्यायशास्त्र पर टिकना नहीं: दवाब और दबाव से होकर भी, यीशु मानता है कि एक प्रेरित क्रिया को भेष-निर्णय से नहीं आँका जाना चाहिए।
  • धर्मसम्मत प्रतिक्रिया बनाम सामाजिक आलोचना: समाज के कठोर मानक की जगह, आचरण की सहजता और करुणा को प्राथमिकता दी गई है।

थीमेटिक सार

  1. करुणा से प्रेरित कार्य की पुष्टि
  2. आख्यानिक आलोचना के बावजूद अच्छाइयों की मान्यता
  3. भक्ति और समर्पण का पुण्यत्व

अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेस

1) मत्ती 25:40 – जो किसी एक ने किया वही तुम्हारे प्रभु के लिए किया है; करुणा के छोटे-छोटे कार्य भी बड़े दर्शक बनाते हैं।

2) लूक 7:37-38 – स्त्री की भक्ति और प्रेम का एक उभरा दृश्य; यह बताता है कि प्रेम कैसे सामाजिक मूल्य रेखाओं से ऊपर उठ सकता है।

3) मरकुस 14:3-9 – एक समान घटना में भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालता है कि समर्पण कैसे उद्धारकार्य में संकेत है।

वास्तविक जीवन के लिए छोटा निष्कर्ष

अपने कार्यों मेंआप भी दूसरों के प्रति करुणा और सम्मान बनाए रखें। समाज की कठोरता से अधिक, किसी के लिए किए गए भलाई के सार को पहचानना और उसकी महत्ता समझना सीखें।

कृपया ध्यान दें: इस प्रविष्टि में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सटीक उद्धरण के मौजूदा स्पर्श शामिल हैं, यदि उपलब्ध हैं तो उन्हीं की पंक्तियों का उल्लेख नीचे दिया गया है।

सीमित उद्धरण संकेत

यहां उपलब्ध सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के सुझाए बिंदु पर्याप्त रूप से संकलित हैं, लेकिन कृपया याद रखें कि विशिष्ट शाब्दिक उद्धरण केवल उपलब्ध होने पर ही लिखे जाते हैं:

- Matthew Henry से आवश्यक अभिधारा संकेत: “...” (यदि उपयुक्त हो तो).

- Albert Barnes से आवश्यक अभिधारा संकेत: “...” (यदि उपयुक्त हो तो).

- Adam Clarke से आवश्यक अभिधारा संकेत: “...” (यदि उपयुक्त हो तो).

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 26:10 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यह बात सच है, और मैं चाहता हूँ, कि तू इन बातों के विषय में दृढ़ता से बोले इसलिए कि जिन्होंने परमेश्‍वर पर विश्वास किया है, वे भले-भले कामों में लगे रहने का ध्यान रखें ये बातें भली, और मनुष्यों के लाभ की हैं।

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नहेम्याह 2:18 (HINIRV) »
फिर मैंने उनको बताया, कि मेरे परमेश्‍वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझसे क्या-क्या बातें कही थीं। तब उन्होंने कहा, “आओ हम कमर बाँधकर बनाने लगें।” और उन्होंने इस भले काम को करने के लिये हियाव बाँध लिया।

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इब्रानियों 13:21 (HINIRV) »
तुम्हें हर एक भली बात में सिद्ध करे, जिससे तुम उसकी इच्छा पूरी करो, और जो कुछ उसको भाता है, उसे यीशु मसीह के द्वारा हम में पूरा करे, उसकी महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

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