यशायाह 65:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“क्योंकि देखो, मैं नया आकाश और नई पृथ्वी उत्‍पन्‍न करता हूँ; और पहली बातें स्मरण न रहेंगी और सोच-विचार में भी न आएँगी। (2 पत. 3:13, प्रका. 21:1,4)

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यशायाह 65:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 65:17 — नया आकाश और नई पृथ्वी

मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु: परमेश्वर भविष्य में ऐसी परम सत्ता-प्राप्ति का उद्घोष करते हैं जिसमें पुरानी पीड़ाएँ, स्मृतियाँ और त्रुटियाँ समाप्त हो जाएंगी; ईश्वर की पुनःस्थापना से नया इतिहास आरम्भ होगा, जहाँ शांति और सच्ची उद्धार की पूर्णता मूक-सी दिखाई देगी। यह वाचा न केवल भविष्य की कालक्रम पर केंद्रित है, बल्कि वर्तमान जीवन में विश्वासयोग्य धैर्य और आशा का स्रोत बनती है।

साहित्यिक संदर्भ (लेखन के संदर्भ से समझना)

यशायाह की यह अनुभाग भविष्य के उद्धार की एक पारखी दृष्टि प्रस्तुत करता है—एक ऐसी आयतन-परिवर्तन, जहाँ परमेश्वर का सामर्थ्य और न्याय एक साथ पूर्ण रूप से प्रकट होंगे। संदर्भ में पहचाना गया है कि पुराने आकाश, पुरानी पृथ्वी, और उन सब स्मृतियाँ इतिहास की घटनाओं के साथ जुड़ी हुई थीं; परन्तु नए निर्माण में वे सब किंचित स्मरणीय नहीं रहेंगी। यह尺度 तब समझ आता है जब दो अन्य शास्त्रीय पाठ भी स्मरण होते हैं: पतरस के दुसरे पत्र 3:13 और प्रकाशित-वाक्यों 21:1-4, जो यूहन्ना-प्रतीक और परिष्कृत आकाश-प्रस्थान की अपेक्षा को पुनः पुष्ट करते हैं।

ढांचे और टेक्सचर (धार्मिक-वैचारिक गूढ़ता)

1) नया आकाश-नया निर्माण: यह उद्देश्यपूर्ण उद्घोषणा है कि परमेश्वर अपने विश्व-निर्माण को फिर से स्थापित करेंगे, मानो क्रिएशन के आरम्भ के Febrile-उद्धार की पुनर्रचना हो। 2) पहली बातें स्मरण न रहेंगी: यह स्मरण-यापन में परिवर्तन का संकेत है—इतिहास के दुख, जाल, और पापों की यादें अंततः मिट जाएँगी। 3) सोच-विचार में न आएँगी: चिंता-यात्रा और प्रश्नात्मक दुविधाओं को छोड़कर, पूर्ण विश्वास में आना।

धार्मिक महत्त्व ( theological significance )

यह उद्धोषण ईश्वर के पूर्ण राज्य के आगमन की प्रतीक्षा को बढ़ाता है, जिसमें शांति, निष्कलंकता और धार्मिकत्रुटिहीनता प्रमुख होंगे। पुराने कानून के प्रभावी संचालन के साथ—जो पाप के परिणामों के लिए दण्ड और बाधाओं को रचना करते थे—नया निर्माण उनके सभी प्रभावों को समाप्त कर देता है। यह एक ऐसी जागृति है जो विश्वासियों को साहस प्रदान करती है कि दुःखकाल के बाद भी ईश्वर का संपूर्ण योजना पूरी होगी।

अन्य शास्त्रीय प्रवाहों के साथ सम्बन्ध

  • 2 पतरस 3:13: नया आकाश और नई पृथ्वी के प्रति साक्ष्य—उद्धार-यात्रा की परिणति की पुष्टि।
  • प्रकाशितव्यवहार 21:1-4: नये निर्माण के दृश्य में निदान और शांति की पूर्ण उपस्थिति का संकेत।
  • यशायाह 11:6-9 आदि अन्य भविष्य-दर्शी भाग—स्थिर शांति और परमेश्वर की राजधानी की दृष्टि।

आंतरिक प्रश्न ( reflection questions )

  • आप अपने जीवन में कौन-सी पुरानी स्मृतियाँ अभी भी आपके विश्वास को विकृत करती दिखती हैं? इन्हें छोड़कर आप कैसे नई आशा पाते हैं?
  • नया निर्माण आने की कसौटी पर आप अपने व्यवहार में कौन-से परिवर्तन अनुभव करना चाहेंगे?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 65:17 हमें बताता है कि ईश्वर भविष्य में एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण परिवर्तन करेंगे—पुरानी वेदनाओं और स्मृतियों का अंत, और पूर्ण शांति-पूर्ण नया निर्माण। यह केवल भविष्य की आशा नहीं, बल्कि वर्तमान विश्वास का उद्धार-पथ है, जहाँ हम हर दिन को नई दृष्टि से देखते हैं—नए आशीर्वादों के लिए तैयार रहते हैं।

टिप्पणीगत उद्धरण (Public-domain comentarists)

यशायाह 65:17 के अर्थ को समृद्ध करने के लिए नीचे के विचार उपयोगी हैं:

  • मैथ्यू हेनरी (Matthew Henry) के अनुसार यह नया निर्माण परमेश्वर की अपनी महिमा का स्थायी संकेत है, जिसमें पुराने दुःख पीछे छूट जाते हैं।
  • अरबेन Barnes (Albert Barnes) ने कहा कि यह वायदे-प्रकाशन एक पूरी तरह से नया युग दर्शाता है जिसमें धर्म और सुख एक साथ पूर्ण होंगे।
  • एडम क्लार्क (Adam Clarke) ने इस उद्घोषणा को परमेश्वर की क्षमा और न्याय के अद्वितीय संतुलन के रूप में देखा।

इन लेखनों से हमने यह जाना कि नया निर्माण एक पूर्ण, दोष-रहित राज्य की और संकेत है, जो ईश्वर की योजनाओं के अनुसार पूरा होगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 65:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 पतरस 3:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 पतरस 3:13 (HINIRV) »
पर उसकी प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नये आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिनमें धार्मिकता वास करेगी। (यशा. 60:21, यशा. 65:17, यशा. 66:22, प्रका. 21:1, 27)

यशायाह 66:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 66:22 (HINIRV) »
“क्योंकि जिस प्रकार नया आकाश और नई पृथ्वी, जो मैं बनाने पर हूँ, मेरे सम्मुख बनी रहेगी*, उसी प्रकार तुम्हारा वंश और तुम्हारा नाम भी बना रहेगा; यहोवा की यही वाणी है। (2 पत. 3:13, प्रका. 21:1)

प्रकाशितवाक्य 21:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 21:1 (HINIRV) »
फिर मैंने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहला आकाश और पहली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। (यशा. 66:22)

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