Old Testament
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यिर्मयाह 1 यिर्मयाह 2 यिर्मयाह 3 यिर्मयाह 4 यिर्मयाह 5 यिर्मयाह 6 यिर्मयाह 7 यिर्मयाह 8 यिर्मयाह 9 यिर्मयाह 10 यिर्मयाह 11 यिर्मयाह 12 यिर्मयाह 13 यिर्मयाह 14 यिर्मयाह 15 यिर्मयाह 16 यिर्मयाह 17 यिर्मयाह 18 यिर्मयाह 19 यिर्मयाह 20 यिर्मयाह 21 यिर्मयाह 22 यिर्मयाह 23 यिर्मयाह 24 यिर्मयाह 25 यिर्मयाह 26 यिर्मयाह 27 यिर्मयाह 28 यिर्मयाह 29 यिर्मयाह 30 यिर्मयाह 31 यिर्मयाह 32 यिर्मयाह 33 यिर्मयाह 34 यिर्मयाह 35 यिर्मयाह 36 यिर्मयाह 37 यिर्मयाह 38 यिर्मयाह 39 यिर्मयाह 40 यिर्मयाह 41 यिर्मयाह 42 यिर्मयाह 43 यिर्मयाह 44 यिर्मयाह 45 यिर्मयाह 46 यिर्मयाह 47 यिर्मयाह 48 यिर्मयाह 49 यिर्मयाह 50 यिर्मयाह 51 यिर्मयाह 52Verse
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यिर्मयाह 50:11 का पाठ-परिचय
यिर्मयाह की पुस्तक भविष्यवाणी की एक कठोर but स्पष्ट चेतावनी है। यहाँ ईश्वर के怒 के साथ युवा साम्राज्य के दुष्ट नायकों और भागीदारी करने वालों के प्रति दुष्कर्मों का उल्लेख है, जिन्हें परमेश्वर के विरुद्ध उठते देखा गया। यहVerse 50:11 उन लोगों के बारे में बोलता है जो इस समय से लाभ उठाते हैं—जो राज्यों के विनाश से खुश होते हैं और पीड़ितों की पीड़ा में आनंद खोजते हैं—एक सामाजिक-आर्शीवाद का क्षेत्र है जहाँ अन्याय विशाल स्तर पर फलता-फूलता है।
पाठ का अध्याय-परिप्रेक्ष्य
यिर्मयाह की भविष्यवाणी बंजर आशाओं और जोड़े हुए थोड़े-से विश्वास के बीच खड़ी है। परमेश्वर अपने लोगों से निष्ठा और सच्चाई की मांग करते हैं, जबकि अन्याय करने वालों के लिए कठोर दंड का स्मरण कराते हैं। यह शास्त्र बताता है कि दुष्टों की चालबाजियाँ, जब वे दूसरों के भाग्य से खेलते हैं, तो परमेश्वर की न्याय से छिप नहीं सकतीं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस पद के माध्यम से दो प्रमुख विचार उभरते हैं: एक तो दुष्टों की भेदभावपूर्ण लाभ-लाभ का सच है, और दूसरा यह कि परमेश्वर की न्याय की घड़ी आखिरकार आती है। जो लोग दूसरों की दयनीयता पर फूले-फलते हैं, वे अस्थायी आनंद के बावजूद अंततः उत्तरदायित्व से नहीं बच पाेंगे। यह न्याय की गवाही देता है कि प्रभु अपने लोगों की रक्षा करते हैं और अत्याचारियों को उनकी कृतियों पर उतार देते हैं।
अनुमानित संदर्भ-अपनत्व (Cross-references)
इन संदर्भों में एक साथ विचार करने से यह स्पष्ट होता है कि मानव-समुदाय में अन्याय के विरुद्ध ईश्वर की अदालत अंतिम है और भौतिक लाभ पाने वाले लोग एक दिन उनके हिसाब से जवाबदेह ठहरेंगे।
व्यावहारिक आवेदन
उपयुक्त comments: मैकेंरी और क्लार्क जैसे प्रसिद्ध सार्वजनिक-डायम्टिक टिप्पणीकारों के संकेत
यह पाठ यह याद दिलाता है कि परमेश्वर अन्याय के विरुद्ध खड़ा है और जो शक्ति के नशे में दूसरों को दबाते हैं, उनके लिए न्याय की घड़ी अंततः बजती है। प्रसिद्ध कोटेशन का संक्षेप यहाँ ऐसा है: अन्याय पर कठोर चेतावनी और आशावादी ईश्वर-निष्ठा—जो लोग प्रताड़ना करते हैं, वे एक दिन पश्चात्ताप करेंगे।
यद्यपि पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है, यह संदेश सामर्थ्य-न्याय के साथ सहानुभूति और दया की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
संक्षेप-निष्कर्ष
यिर्मयाह 50:11 उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अपने लाभ के लिए दूसरों के दुःख पर हँसते हैं। परमेश्वर के अनुसार न्याय अंततः क्रियाशील होता है; सच्चे परमेश्वर-भक्त उन लोगों के साथ रहते हैं, जो अन्याय के विरुद्ध खड़े होते हैं। यह पाठ मानव-समाज में नैतिक जिम्मेदारी और समाजिक न्याय की मांग को पुनः याद दिलाता है।