यिर्मयाह 50:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जितनों ने उन्हें पाया वे उनको खा गए; और उनके सतानेवालों ने कहा, 'इसमें हमारा कुछ दोष नहीं, क्योंकि उन्होंने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है जो धर्म का आधार है, और उनके पूर्वजों का आश्रय* था।'

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यिर्मयाह 50:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 50:7 पर विचार

यह पंक्ति ब identifica करती है कि बंधकों के विपन्न समय में भी पापियों की आत्म-गति कैसे पकड़ में आ जाती है और प्रभु की न्यायगति कैसे सामने आ खड़ी होती है। यिर्मयाह 50 में बाबुल के पतन की भविष्यवाणी स्पष्ट रूप से शेष युग के लिए भी दाहिने संकेत देती है: जो लोग यहोवा के विरुद्ध विद्वेष अपनाते हैं, वे अंतत: उनके किए पापों के कारण हीघटित होते हैं। इस verse में, जो कुछ पाया गया है, वह समय के महान अंतर्द्वंद के गंभीर प्रभावों को दिखाता है— और यह बताता है कि सताने और चूसने वाले का अंत भाग्य में ही लिखा रहता है।

पौराणिक संदर्भ में पद का अर्थ

पद कहता है: "जितनों ने उन्हें पाया वे उनको खा गए; और उनके सतानेवालों ने कहा, 'इसमें हमारा कुछ दोष नहीं, क्योंकि उन्होंने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है जो धर्म का आधार है, और उनके पूर्वजों का आश्रय था।'" यह स्पष्ट करता है कि बाबुल के शीघ्र विनाश के समय, प्रतापी शक्तियाँ आकाश-आत्मा से नहीं, बल्कि उनके कार्यों के परिणामस्वरूप गिरती हैं। जो लोग इन पतनशील शक्तियों पर निर्भर थे, वे स्वयं भी स्वार्थ के कारण दोषी ठहराए गए और ईश्वर के न्याय के सामने जवाबदेह ठहराए गए।

पूर्व पाठक-आध्याय से मुख्य सीख

■ यहोवा के विरुद्ध पाप की अपरिहार्य प्रतिक्रिया: किसी भी समय, मानवीय अत्याचार या अन्याय का परिणाम स्वर्गीय कानूनों के अनुसार आता है।

■ सामाजिक दबाव और दोषारोपण का तथ्य: सताने वाले अक्सर अपने अपराधों से आँख मूँद लेते हैं, परन्तु ईश्वर के सामने उनके तर्क हार मान जाते हैं।

अनुरूप कड़ियाँ और उनका छोटा स्पष्टीकरण

  • यिर्मयाह 50:15 — "उत्पीड़कों के लिए यह निर्देश है कि वे पछतावे की जगह नहीं पा सकते।" यह दिखाता है कि दुर्व्यवहार के अन्त में न्याय आता है।
  • यिर्मयाह 51:41 — बाबुल के पतन के दृश्य में बहार और शमन का मिलन, जिसमें अन्याय के शक्तियों का अंत स्पष्ट होता है।
  • येरमीह 46:26 — यहोवा उन शत्रुओं के लिए उद्धार के मार्ग स्पष्ट करते हैं जिनका प्रतिशोध उनके अत्याचार के कारण है, परन्तु ईमानदारी से लौटने का अवसर भी रहता है।

आत्मिक पाठ और व्यावहारिक अनुप्रयोग

- दूसरों पर अत्याचार करने वालों के लिए यह शिक्षा है कि परमेश्वर न्याय करता है, और समय पाप का फल मिलता है। व्यक्तिगत जीवन में, अपने विचारों और व्यवहार की जाँच करें कि कहीं मैं भी किसी के सताने या दबाव डालने का भागीदार तो नहीं बन रहा।

- धैर्य रखें: यहोवा के न्याय के अवसर समय-समय पर आते हैं; विश्वास रखने वाले के लिए यह भरोसा है कि विफलता के बावजूद प्रेम और न्याय का राजस्व बना रहता है।

कुल मिलाकर संकल्प

यिर्मयाह 50:7 यह संदेश देता है कि शासन-शक्ति और प्रतिशोध के स्थान पर परमेश्वर का धर्म, ईमान, और न्याय सर्वोपरि है। जो लोग यहोवा के विरुद्ध पाप करते हैं, उनके परिणाम भी उसी नियम के अनुसार होते हैं। यहोवा की पवित्रता और न्याय के साथ जुड़ना ही जीवन का सही अर्थ है।

याद रखने लायक बातें: यह verse एक बहुप्रभावीWarning है— कि दुष्कर्म से बचना और सत्य के साथ चलना ही वास्तविक सुरक्षा है।

उद्धृत संक्षेप (महत्वपूर्ण टिप्पणीकारों के उद्धरण, यदि उपलब्ध): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट व्याख्यानों से संगत बिंदुओं का सार यहां समाहित है, प्रत्येक ने साथ में यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर के न्याय का समय नितांत सच्चा है और पाप का परिणाम अवश्य आता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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