यिर्मयाह 50:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा के क्रोध के कारण, वह देश निर्जन रहेगा, वह उजाड़ ही उजाड़ होगा; जो कोई बाबेल के पास से चलेगा वह चकित होगा, और उसके सब दुःख देखकर ताली बजाएगा।

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यिर्मयाह 50:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 50:13— संदेष और संदर्भगत गहराई

मुख्य व्याख्या बिंदु: इस वाक्य में यहोवा के क्रोध की तीव्रता और बाबुल की तबाही का संदेश एक साथ गूंजता है—एक ऐसी विनाशकारी स्थिति जिसमें देश निर्जन हो जाएगा और उद्धृत-स्थल के नाश का दृश्य सभी के सामने आता है। बाबेल के पास से निकलने वाले यात्री और देखने वाले दोनों ही चकित रहेंगे; इस ध्वनि-प्रभाव के पीछे यह स्पष्ट उद्देश्य है कि परमेश्वर का न्याय न केवल ढहते एक साम्राज्य पर बल्कि इतने बड़े भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी है।

पाठ-संदर्भ और साहित्यिक संदर्भ

यह अंश यिर्मयाह की पुस्तक में बाबुल के प्रति प्रभावित होने वाले न्याय और भविष्य की दृष्टि को चारित्रिक रूप से स्पष्ट करता है। लेखक भावी विनाश की चेतावनी देता है ताकि युग-युग के लिये यह यहूदियों को ताड़ना दे कि प्रभु के क्रोध से बचना संभव नहीं है जब तक आत्म-समर्पण और पश्चाताप नहीं होता।

Matthew Henry के अनुसार यह शास्त्र यह बताता है कि ईश्वर के क्रोध के कारण एक राष्ट्र निष्कट हो सकता है; यह कल्पना कराता है कि दुष्कर्म के परिणाम कैसे हरितिमा-युक्त मानव-समाज को उजाड़ बना देते हैं। Adam Clarke इसे यह समझाते हैं कि यह विनाश बाहरी नहीं बल्कि आंतरिक पाप-प्रणालियों के कारण आता है। Albert Barnes इसे यह कहकर देखते हैं कि यहोवा की न्याय-गति है जो मूर्त छल-बलों को भी चकनाचूर कर देती है।

कथात्मक और साहित्यिक कड़ी

वाक्य संरचना में एक साथ तीन ध्वनियाँ आती हैं: (1) यहोवा के क्रोध के कारण एक देश निर्जन होगा, (2) उजाड़ स्वरूप और (3) बाबेल के पास से निकलने वालों के बीच अचम्भा और ताली। यह संयोजन बताता है कि पाप-योजना के परिणाम भयावह होते हैं और अनुशासन के दृश्य से नायक की खोज भी संभव नहीं रह जाती। यह संदेश हमारे समय के लिए भी एक चेतावनी है कि दुष्कर्म का ठहराव और सामाजिक-कटुता, यदि रोक-थाम नहीं पाती, तो देश-प्रदेश में भयावह बर्बादी ला सकती है।

तीसरे—केन्द्रीय थेेम: न्याय और उद्धार का संतुलन

यिर्मयह-नीति में यह संदेश न्याय के क्रोध और उद्धार की उम्मीद के बीच संतुलन को दर्शाता है। परमेश्वर का न्याय तब ही स्पष्ट होता है जब लोगों में पाप का गहरा प्रभाव बन चुका हो; परन्तु निष्पन्न-आशा यह भी है कि परमेश्वर अपने लोग को बचाने के लिये बुलावा देता है।

क्रॉस-रेफरेंसेज (संदर्भ-विना पाठ) और उनका सम्बन्ध

  • यशाय 13:9-11 — इसी प्रकार बाबुल के विनाश का भविष्यवाणी है; यहूदी-विश्वास में न्याय-भाव और दण्ड का समन्वय दिखता है। समझाता है कि जब क्रोध आता है, तब समाज का इतरापन घट जाता है और वह चित्त-चेतना में झुकाव पाता है।
  • यमरियाह 51:29 — बाबुल के पतन का विस्तृत दृश्य प्रस्तुत करता है; यह तथ्य कि यह विनाश प्रभु के हाथों है, रेखांकित करता है कि नष्ट होना केवल राजनीतिक पराजय नहीं, परमेश्वर की योजना का भाग है।
  • यूहन्ना 3:36 — यहाँ दंड और भरोसा एक ही पाठ में जुड़ते हैं; अपराध पर तात्कालिक दंड और किसान-उद्धार की आशा एक साथ घटित होती है।

इन संदर्भों के जरिए समझ आता है कि परमेश्वर न्याय के साथ उद्धार की भी राह दिखाते हैं; न्याय-भूमिका में समाज के लिये सचेतना और पश्चाताप का आग्रह है।

परिचर्चा के लिये प्रश्न

  • हम अपने समाज में किन-किन पाप-चलनों के कारण व्यवस्था की हानि-स्थिति को देखते हैं?
  • क्या हम परमेश्वर के क्रोध से डर कर तड़पना छोड़कर पश्चाताप की खरी संतोषी राह पर चलते हैं?
  • निष्कासन-स्थिति से उभरने के लिये व्यक्तिगत और सामुदायिक सुधार कैसे संभव है?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 50:13 यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर का क्रोध एक ऐसी व्यवस्थित प्रक्रिया की भाषा है जिसमें अत्याचार, छल और उन्मत्त पाप के कारण एक nation उजाड़ हो सकता है। पर साथ ही यह संदेश देता है कि न्याय के साथ उम्मीद और उद्धार भी उसी परमेश्वर के हाथों में है। यदि हम अपने जीवन में सत्य-नीति अपनाएं, पाप से कटु दूरी बनाएं, तो यह क्रोध भी मार्गदर्शक बन सकता है—पल भर की भी कटुता से नहीं, बल्कि परिवर्तन की अनुकम्पा से।

नोट: पाठ के साथ उद्धृत-गद्य के कुछ हिस्से मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-domain टिप्पणी-उद्धरण से प्रेरित सार रूप में समाहित हैं; उनके संक्षिप्त विचार नीचे उद्धृत मूल सार में संरेखित हैं:

“यहोवा के क्रोध के कारण, वह देश निर्जन रहेगा”—प्रकाशित चिह्न यह दर्शाते हैं कि दण्ड केवल परिणाम नहीं, बल्कि पथ-प्रश्रय है, जो पाप के कारण फैलता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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इससे उनका देश ऐसा उजाड़ हो गया है कि लोग उस पर सदा ताली बजाते रहेंगे; और जो कोई उसके पास से चले वह चकित होगा और सिर हिलाएगा।

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“एदोम यहाँ तक उजड़ जाएगा कि जो कोई उसके पास से चले वह चकित होगा, और उसके सारे दुःखों पर ताली बजाएगा।

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जकर्याह 1:15 (HINIRV) »
जो अन्य जातियाँ सुख से रहती हैं, उनसे मैं क्रोधित हूँ*; क्योंकि मैंने तो थोड़ा सा क्रोध किया था, परन्तु उन्होंने विपत्ति को बढ़ा दिया।

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