यिर्मयाह 50:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

चारों ओर से उस पर ललकारो, उसने हार मानी; उसके कोट गिराए गए, उसकी शहरपनाह ढाई गई। क्योंकि यहोवा उससे अपना बदला लेने पर है; इसलिए तुम भी उससे अपना-अपना बदला लो, जैसा उसने किया है, वैसा ही तुम भी उससे करो। (प्रका. 18:6)

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यिर्मयाह 50:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 50:15 का महत्त्व और संदर्भ

यिर्मयाह 50 में बाबुल की विरानी और मिस्र-के शहरों की ध्वंस का संदेश है—यहोवा अपना दंड और बदला पूरी तरह से पूरा करने वाला है। 50:15 में स्थानीय आतंकित होकर रागी नगरों को चीत्कार कर कहा गया है कि चारों ओर से उन पर चढ़ाई करो, वे हार मानेंगे; उनका कोट गिर जाएगा, उनकी राजधानी ढह जाएगी। यह संदेश उस समय की ग़लतीपूर्ण निर्भरता और अन्यायपूर्ण नीतियों के परिणामस्वरूप Babylonia के शासकों पर या फिर उनके अवशेषों वाले देश पर लागू होता है। इस पद के पीछे का मुख्य थीम है—यहोवा का न्याय निष्कलंक नहीं रहता; वह अपने विरोधियों पर निर्णायक कार्रवाई करता है और तब ही उनके बुरे परिणाम सामने आते हैं।

पार्श्व पृष्ठभूमि: Original Context

यिर्मयाह ने बाबुल के विरुद्ध एक भारी चेतावनी पेश की—कि यह महान शक्ति जो विद्रोह और अत्याचार में लगी है, उसका पतन अवश्य होगा। 50:15 विशेष रूप से कहता है कि उस पर चारों ओर से ललकारो ताकि वह घुटनों पर आ जाए; उसकी सुरक्षा-धारणा टूट जाए और वह ध्वस्त हो जाए। यह संदेश एक विशिष्ट ऐतिहासिक प्रसंग से जुड़ा है: बाबुल की सत्तारूढ़ता और उससे निपटने के लिए यहोवा का निर्णय। परन्तु यह परमेश्वर के न्याय की सार्वभौमिक प्रकृति को भी दर्शाता है: जो अन्याय को बढ़ावा देता है और जो अपने पड़ोसी के विरुद्ध निर्भीकता से अत्याचार करता है, उसे अन्ततः दंड भोगना ही पड़ता है।

मुख्य संदेश

- ईश्वर के न्याय की यथार्थता: जो भी अत्याचार, घात-प्रतिघात और अवज्ञा के मार्ग पर चलते हैं, उनके विरुद्ध परमेश्वर की कार्रवाई अपरिहार्य है।

- समर-हिंसा के नहीं, बल्कि दंड का समय: इसके पीछे उद्देश्य निर्दोष भय या पीड़ितों के बदले की भावना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए शुद्ध न्याय स्थापित करना है।

- प्रभुत्व की अवसानगीरी: शक्तिशाली निश्चित रूप से गिरते हैं जब वे मानव-स्वार्थ और देव-विरुद्ध मार्ग पर चलते हैं।

पवित्र गतिशीलता के संकेत: प्रतीकात्मक तत्व

“हार मानना”, “कोट गिरना”, “शहरपनाह ढहना”—ये प्रतीकात्मक शब्द क्षेत्रीय विजय की नहीं, बल्कि ईश्वरीय निर्णय के प्रतिफलों को दर्शाते हैं: घबराहट, संगठन-ढांचे का टूटना, और अधर्म की संरचना का ध्वंस। यह संदेश विश्वस्त और नीतिपरक है: अन्याय के विरुद्ध एक निश्चित समय आता है।

संबंधित आयतें और उनके तात्पर्य

- मिसाल के रूप में — प्रकाशित प्रकोप के समय में परमेश्वर की न्याय-निष्ठा का प्रमाण; उदाहरण के लिए प्रेरितों के पास ऐसी धारणा मिलती है कि परमेश्वर का दंड समय पर आता है।

- प्रकीर्णन और दंड के बीच संतुलन की बात—जो लोग दूसरों के दुःख और शोषण पर चलते हैं, उन्हें वही लौटकर मिलता है जो वे दूसरों के लिए बनाते हैं।

Cross-References (संक्षिप्त परषण)

  • प्रकाश 18:6—व्यवस्थिति के अनुसार दंड का कानून: “जितना तुम ने किया, उतना ही तुम्हें लौटाया जाएगा।” यह संदेश प्रत्यक्ष रूप से 50:15 के समान धारा में है—न्याय की गारंटी यहोवा देता है।
  • यशयाह 13:6-9—बाबुल का विनाश और उसके अंदर निहित न्याय की प्रक्रिया का भविष्यवाणी रूप से चित्रण।
  • याकूब 4:7—परमेश्वर के सामने Submit होकर प्रत्यक्ष स्वाधीनता से आगे बढ़ना; दुष्टों के विरुद्ध आत्म-नियमन और नम्रता का महत्व दिखता है।

डिवोटनल विचार

जब हम अपने समाज के भीतर अन्याय, भ्रष्टाचार और अत्याचार देखते हैं, तब यह पाठ याद दिलाता है कि परमेश्वर निष्काम न्याय का समर्थक है। वह ताकतवरों के दमन को ठहराता है और कमजोरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। हमारी व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन में भी यह सत्य लागू होता है: अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने में साहस, सत्य के साथ नीति और दयालु हाथों के साथ कार्रवाई आवश्यक है।

टिप्पणीधारियों के छोटे उद्धरण (चयनित)

यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के प्रकटन-आधारित विचारों के छोटे उद्धरण चाहते हैं, तो यह पाठ उनके सामान्य न्याय-भाव को echoed करता है: वे बार-बार इस बात को उजागर करते हैं कि परमेश्वर का न्याय इतिहास के क्रम में प्रकट होता है और निर्दोष के लिए भी सुरक्षा-निर्देश जारी रहता है।

निष्कर्ष रूप में, यिर्मयाह 50:15 हमें याद दिलाता है कि दोषियों के विरुद्ध परमेश्वर की लगाम एक समय-सीमा के भीतर सच में भ्रष्टाचार का क्षय कर देती है, और यह हमें भी आत्म-नियमन, समुदाय-न्याय और दया के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 50:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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“सेनाओं का यहोवा यह भी कहता है, बाबेल की चौड़ी शहरपनाह नींव से ढाई जाएगी, और उसके ऊँचे फाटक आग लगाकर जलाए जाएँगे। और उसमें राज्य-राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ठहरेगा, और जातियों का परिश्रम आग का कौर हो जाएगा और वे थक जाएँगे।”

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प्रकाशितवाक्य 18:6 (HINIRV) »
जैसा उसने तुम्हें दिया है, वैसा ही उसको दो, और उसके कामों के अनुसार उसे दो गुणा बदला दो*, जिस कटोरे में उसने भर दिया था उसी में उसके लिये दो गुणा भर दो। (भज. 137:8)

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यिर्मयाह 51:6 (HINIRV) »
“बाबेल में से भागो, अपना-अपना प्राण बचाओ! उसके अधर्म में भागी होकर तुम भी न मिट जाओ; क्योंकि यह यहोवा के बदला लेने का समय है, वह उसको बदला देने पर है। (प्रका. 18:4)

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