यिर्मयाह 51:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

लोग तुझसे न तो घर के कोने के लिये पत्थर लेंगे, और न नींव के लिये, क्योंकि तू सदा उजाड़ रहेगा, यहोवा की यही वाणी है।

पिछला पद
« यिर्मयाह 51:25

यिर्मयाह 51:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 51:26 का संदेश — सरल अर्थ

इस आयत में ईश्वर कहता है कि ब rebellion के कारण पथभ्रष्ट नगरों के पत्थर न तो घरों के कोनों के लिये उठेंगे और न नींव के लिये, क्योंकि तू सदा उजाड़ रहेगा। यहाँ यह बात स्पष्ट है कि जो दिवाला और विध्वंस के साथ जुड़ा है, उसका अंत भी स्थिर रहेगा; परमेश्वर की न्यायोचित योजनाओं के अनुसार उद्धार और दया तब तक नहीं आयेगी जब तक हृदय बदलकर पुनः उसकी ओर नहीं पलटे जाते।

पृष्ठभूमि और प्रसंग

यिर्मयाह की पुस्तक में बाबुल के अधिपत्य के समय यिर्मयाह भविष्यवाणी कर रहे हैं। वहाँ की प्रवृत्तियाँ—पाप, घूसखोरी और अधर्म—परुण होने के कगार पर थीं। इस क्रम में ईश्वर यह घोषित कर रहे हैं कि अतहस्यपूर्ण दण्ड का समय आया है; नगर के पत्थर और नींवें भी इसी विडंबना को दर्शाते हैं—जो कुछ भी मानव-निर्मित संरचनाओं में आस्था बन गया था, उसे तबाह कर दिया जाएगा।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

- पत्थर और नींव: यहाँ figurative तौर पर वह आधार दर्शाये जाते हैं जिस पर मनुष्य अपने सामर्थ्य से शासन-सिस्टम बनाता है। जब ईश्वर की सजा आती है, तो यह आधार भी टिके नहीं रहते।

- ‘तू सदा उजाड़ रहेगा’: यह चेतावनी है कि उन नगरों की स्थिति स्थायी भ्रष्टाचार के कारण निरंतर निर्जन हो जाएगी; यह न केवल भौतिक विनाश है बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक निष्क्रियता का संकेत भी है।

मूल बिंदु—मुख्य विचार

अनुदात्त संदर्भ (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या

  • यिर्मयाह 50:4-5 — पश्चाताप और बचाव की ओर लौटना केवल ईश्वर के साथ संबंध को पुनः प्राप्त कर सकता है; यहाँ भी विनाश के बीच एक रास्ता दिखाई देता है।
  • यशाय 54:11-12 — दयालु शासन का प्रतीकात्मक पुनर्निर्माण, जहाँ उद्धार के संकेत पुनःस्थापना की आशा जगाते हैं।
  • यिर्मयाह 29:11 — ईश्वर की योजना में आशा का संदेश, भले ही तत्काल परिणाम विनाश जैसे हों, उसकी योजना में सुरक्षा है।

नोट: ये संदर्भ पूर्ण टेक्स्ट उद्धरण नहीं देते बल्कि विषयगत संपर्क बताते हैं ताकि पाठक समझ सके कि कैसे पुराने दंड के बीच भी ईश्वर की नीयत उद्धार की दिशा में रहती है।

छोटा नीति-उठान (Takeaway)

जब बुरी परिस्थितियाँ विकट हों और बाहरी संरचना ढहने लगें, हमें यह याद रखना चाहिए कि परमेश्वर की ओर पलटना ही जीवन का मार्ग है। आज के समय में भी हमारे अस्तित्व के आधार—नैतिकता, ईमानदारी और समर्पण—ईश्वर के साथ स्थिर रहते हैं। पवित्रता और धर्म में बनी निष्ठा ही हमारी वास्तविक नींव है।

आवृत्ति उद्धरण (नोट on quotes)

यदि मूल पाठ से Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण उपलब्ध हों, वे नीचे उद्धृत किए जा सकते हैं; यहाँ मौखिक संदर्भ उनके समान विचारों के स्वर में संक्षेपित हैं:

“समय पर आने वाला दण्ड धार्मिकता के लिए परिवर्तन का अवसर देता है, परन्तु बिना पुनःकर्म के उद्धार संभव नहीं हो सकता।”

“नींवें और पत्थर—धारणा है कि व्यक्ति या समाज अपने आधारों पर कितना भरोसा करता है; परन्तु यदि वह आधार परमेश्वर के क्रोध के सामने अस्थिर हो जाए, तो वह उजाड़ बन सकता है।”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 51:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 13:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 13:19 (HINIRV) »
बाबेल जो सब राज्यों का शिरोमणि है, और जिसकी शोभा पर कसदी लोग फूलते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और गमोरा, जब परमेश्‍वर ने उन्हें उलट दिया था।

यिर्मयाह 51:43 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 51:43 (HINIRV) »
उसके नगर उजड़ गए, उसका देश निर्जन और निर्जल हो गया है, उसमें कोई मनुष्य नहीं रहता, और उससे होकर कोई आदमी नहीं चलता।

यिर्मयाह 50:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 50:12 (HINIRV) »
तुम्हारी माता अत्यन्त लज्जित होगी और तुम्हारी जननी का मुँह काला होगा। क्योंकि वह सब जातियों में नीच होगी, वह जंगल और मरु और निर्जल देश हो जाएगी।

यिर्मयाह 51 (HINIRV) Verse Selection

यिर्मयाह 51:1 यिर्मयाह 51:2 यिर्मयाह 51:3 यिर्मयाह 51:4 यिर्मयाह 51:5 यिर्मयाह 51:6 यिर्मयाह 51:7 यिर्मयाह 51:8 यिर्मयाह 51:9 यिर्मयाह 51:10 यिर्मयाह 51:11 यिर्मयाह 51:12 यिर्मयाह 51:13 यिर्मयाह 51:14 यिर्मयाह 51:15 यिर्मयाह 51:16 यिर्मयाह 51:17 यिर्मयाह 51:18 यिर्मयाह 51:19 यिर्मयाह 51:20 यिर्मयाह 51:21 यिर्मयाह 51:22 यिर्मयाह 51:23 यिर्मयाह 51:24 यिर्मयाह 51:25 यिर्मयाह 51:26 यिर्मयाह 51:27 यिर्मयाह 51:28 यिर्मयाह 51:29 यिर्मयाह 51:30 यिर्मयाह 51:31 यिर्मयाह 51:32 यिर्मयाह 51:33 यिर्मयाह 51:34 यिर्मयाह 51:35 यिर्मयाह 51:36 यिर्मयाह 51:37 यिर्मयाह 51:38 यिर्मयाह 51:39 यिर्मयाह 51:40 यिर्मयाह 51:41 यिर्मयाह 51:42 यिर्मयाह 51:43 यिर्मयाह 51:44 यिर्मयाह 51:45 यिर्मयाह 51:46 यिर्मयाह 51:47 यिर्मयाह 51:48 यिर्मयाह 51:49 यिर्मयाह 51:50 यिर्मयाह 51:51 यिर्मयाह 51:52 यिर्मयाह 51:53 यिर्मयाह 51:54 यिर्मयाह 51:55 यिर्मयाह 51:56 यिर्मयाह 51:57 यिर्मयाह 51:58 यिर्मयाह 51:59 यिर्मयाह 51:60 यिर्मयाह 51:61 यिर्मयाह 51:62 यिर्मयाह 51:63 यिर्मयाह 51:64

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें