यिर्मयाह 51:50 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“हे तलवार से बचे हुओ, भागो, खड़े मत रहो! यहोवा को दूर से स्मरण करो, और यरूशलेम की भी सुधि लो:

पिछला पद
« यिर्मयाह 51:49

यिर्मयाह 51:50 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 51:50 का संदर्भ और उसका अर्थ

परिदृश्य: यह संदेश ईख के किनारे से ऊंचे कण्ठ से सुनाया गया है—जब बाबिल के विनाश की भविष्यवाणी पूरी होने लगी और यहोवा के शासित क्षेत्र पर हर इकाई की गति सत्यापित हो रही थी। शरणार्थी हर जगह से चले जा रहे थे और यरूशलेम के पत्थर अभी भी अश्रुपूर्ण स्मृतियों के साथ स्मरण किए जा रहे थे। यहवचन तलवार के भय से पलायन की मांग करता है: “हे तलवार से बचे हुओ, भागो, खड़े मत रहो! यहोवा को दूर से स्मरण करो, और यरूशलेम की भी सुधि लो।”

ईश्वर की करूणा और आवाज़ का संयोजन

इस पाठ में परमेश्वर एक निर्णायक चेतावनी के रूप में भागने और पलायन की बात कहते हैं, ताकि शत्रु के क्रोध से बचे रहें और अपने दया-प्रिय स्वामी की स्मृति बनाए रखें। यह संदेश सूचित करता है कि विश्वास में समय-समय पर साहसपूर्वक दूरी बनाकर रणनीति अपनानी चाहिए, ताकि परमेश्वर की योजना के अनुसार सुरक्षा बनी रहे। यही तत्व पुराने नियम की परीक्षा के समय हरकत में आता है: ईश्वर अपने लोक के लिए रास्ता बनाते हैं और विपत्ति के बीच भी उन्हें स्मरण रखते हैं।

शब्दार्थ और चित्र Clear करन

  • तलवार से बचे हुओं— युद्ध और विनाश के समय जो सुरक्षित रहते हैं वे नहीं बल्कि जो भगवान के आश्रय में आते हैं।
  • भागो, खड़े मत रहो— आघातक चुनौती के बीच उसी समय चलते रहना चाहिए जब आत्मिक सुरक्षा खतरे में हो, ताकि निष्क्रिय न रहकर बुद्धिमानी से कार्य करें।
  • यहोवा को दूर से स्मरण करो— भले ही यह दूरी भौतिक हो या दृष्टी से, परमेश्वर का स्मरण न छोड़ना आवश्यक है; यह आस्था का मानसिक अभ्यास है।
  • यरूशलेम की सुधि लो— यहाँ शहर की बर्बादी के साथ यहूदी सभ्यता के मान, मंदिर-परंपरा, और उद्धार की उम्मीदों पर विचार करने का संकेत मिलता है।

संबद्ध पाठों से संकेत

इन पंक्तियों के साथ समास्य संबंधी प्रमुख संदर्भों से एक नज़र डालें:

  • आगे के भागों में पिलपिले स्थितियों में यहूदियों के पलायन का चित्रण—तब परमेश्वर की सुरक्षा कैसे उपलब्ध होती है।
  • देश-त्याग और विश्वास की परीक्षा का मूड—तलवार के भय के बीच भी यहोवा की स्मृति की आवश्यकता।
  • बाबुलन की विनाश-पूर्वक कथन—क्योंकि यहकरण से पूर्वदर्शी ज्ञान और सुरक्षा की दृष्टि दिखती है।

आज के लिएApplications

हमारे जीवन में भी ऐसे क्षण आ सकते हैं जब भय, असुरक्षा और अस्थिरता अधिक दिखे। इस पाठ से शिक्षण है कि:

  • विपत्तियों के बीच:left भागो—तलवार की ध्वनि और अंधकार के बीच भागना जरूरी हो सकता है, ताकि आत्म-प्रभावित न हो कर समझदारी से मार्ग निकाला जा सके।
  • ईश्वर को स्मरण करना—याद रखें कि भौतिक दूरी चाहे कितनी भी हो, ईश्वर की उपस्थिति और प्रेरणा अनंत है; इसलिए मन:स्थिति को दृढ़ रखना चाहिए।
  • समुदाय के प्रति सजगता—यरूशलेम की सुधि लेने से यह शिक्षा मिलती है कि एक समुदाय के संकट में हम एक-दूसरे के लिए कैसे प्रार्थना और सहायता करें।

कथा-सार (एकीकृत निष्कर्ष)

यह वाक्य यह दिखाता है कि सत्यनिष्ठ आस्था और व्यवहारिक विवेक एक साथ चलते हैं: भय के समय भी faith पर टिके रहने—परमेश्वर की दिशा में भागना, स्मरण रखना, और आवश्यक चेतावनी पर ध्यान देना। पुराने संरक्षित उद्धृत विचारों में यह स्पष्ट है कि परमेश्वर अपने लोगों की सुरक्षा के लिए कदमों की योजना बनाते हैं, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों।

चलिए एक नजर डालते हैं अन्य चयनित विचार

यहां कुछ प्रतिष्ठित टिप्पणीकारों से संक्षिप्त, बिना पूरा उद्धरण दिए, विचारों की गवाही है:

मैथ्यू हेनरी/एलबर्ट बार्न्स/एडम क्लार्क के संज्ञाप्राप्त शब्द, जहाँ उपलब्ध हों, आधिकारिक उद्धरणों के रूप में केवल वही संकेत दे रहे हैं जो उनके निजी टुकड़ों से सीधे मिलते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेस

यह प्रेरणा तीन सूक्ष्म क्रॉस-रेफरेंसेस के साथ जुड़ती है:

  • यिर्मयाह 50–51—ईश्वर की न्याय और उद्धार की योजना के क्रमिक पहलू। यह दिखाता है कि विनाश से पहले दौड़ना और स्मरण करना आस्था का आचरण है।
  • यहोशू 1:11—जीवित होने के लिए तत्परता और सुरक्षित मार्ग चुनना; उद्धार के लिए क्रमबद्ध कदम उठाने की प्रेरणा।
  • यशाय 52:12—स्वतंत्रता पाने के लिए भागना, और बिना युद्ध के भी सुरक्षा का समाधान पाना।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 51:50 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 44:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 44:28 (HINIRV) »
जो तलवार से बचकर और मिस्र देश से लौटकर यहूदा देश में पहुँचेंगे, वे थोड़े ही होंगे; और मिस्र देश में रहने के लिये आए हुए सब यहूदियों में से जो बच पाएँगे, वे जान लेंगे कि किसका वचन पूरा हुआ, मेरा या उनका।

भजन संहिता 122:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 122:6 (HINIRV) »
यरूशलेम की शान्ति का वरदान माँगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें!

प्रकाशितवाक्य 18:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 18:4 (HINIRV) »
फिर मैंने स्वर्ग से एक और शब्द सुना, “हे मेरे लोगों, उसमें से निकल आओ* कि तुम उसके पापों में भागी न हो, और उसकी विपत्तियों में से कोई तुम पर आ न पड़े; (यशा. 52:11, यिर्म. 50:8, यिर्म. 51:45)

यिर्मयाह 51 (HINIRV) Verse Selection

यिर्मयाह 51:1 यिर्मयाह 51:2 यिर्मयाह 51:3 यिर्मयाह 51:4 यिर्मयाह 51:5 यिर्मयाह 51:6 यिर्मयाह 51:7 यिर्मयाह 51:8 यिर्मयाह 51:9 यिर्मयाह 51:10 यिर्मयाह 51:11 यिर्मयाह 51:12 यिर्मयाह 51:13 यिर्मयाह 51:14 यिर्मयाह 51:15 यिर्मयाह 51:16 यिर्मयाह 51:17 यिर्मयाह 51:18 यिर्मयाह 51:19 यिर्मयाह 51:20 यिर्मयाह 51:21 यिर्मयाह 51:22 यिर्मयाह 51:23 यिर्मयाह 51:24 यिर्मयाह 51:25 यिर्मयाह 51:26 यिर्मयाह 51:27 यिर्मयाह 51:28 यिर्मयाह 51:29 यिर्मयाह 51:30 यिर्मयाह 51:31 यिर्मयाह 51:32 यिर्मयाह 51:33 यिर्मयाह 51:34 यिर्मयाह 51:35 यिर्मयाह 51:36 यिर्मयाह 51:37 यिर्मयाह 51:38 यिर्मयाह 51:39 यिर्मयाह 51:40 यिर्मयाह 51:41 यिर्मयाह 51:42 यिर्मयाह 51:43 यिर्मयाह 51:44 यिर्मयाह 51:45 यिर्मयाह 51:46 यिर्मयाह 51:47 यिर्मयाह 51:48 यिर्मयाह 51:49 यिर्मयाह 51:50 यिर्मयाह 51:51 यिर्मयाह 51:52 यिर्मयाह 51:53 यिर्मयाह 51:54 यिर्मयाह 51:55 यिर्मयाह 51:56 यिर्मयाह 51:57 यिर्मयाह 51:58 यिर्मयाह 51:59 यिर्मयाह 51:60 यिर्मयाह 51:61 यिर्मयाह 51:62 यिर्मयाह 51:63 यिर्मयाह 51:64

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें