यिर्मयाह 51:39 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु जब-जब वे उत्तेजित हों, तब मैं भोज तैयार करके उन्हें ऐसा मतवाला करूँगा, कि वे हुलसकर सदा की नींद में पड़ेंगे और कभी न जागेंगे, यहोवा की यही वाणी है।

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यिर्मयाह 51:39 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 51:39 पर एक समाहित interpretive पंक्ति

प्रमुख बिंदु: यह वचन यहोवा के निर्देशों और दमनकारी शत्रु पर उसकी कड़वी पराजय की भविष्यवाणी है। जब वे उत्तेजित होते हैं, तो ईश्वर उस श्रेष्ठ प्रभुत्व से ऐसा प्रभाव डालेंगे कि वे निंद्रा और विमुखता में पड़ जाएँगे, ताकि उनका दमन न उठ सके। यहूदा और बाबुल के विरुद्ध यह संदेश स्पष्ट करता है कि भागीदारी और प्रतिशोध के समय में भी परमेश्वर की योजना में पूर्ति बनेगी।

साहित्यिक संदर्भ (Contextual framing)

यह पद यिर्मयाह की विपत्ति-उत्प्रेरक भविष्यवाणी का भाग है, जिसमें बाबुल की विजय और उसकी अस्थिरता का चित्रण किया गया है। यहोवा अपनी योजना के अनुसार दुश्मनों के मनोबल को तोड़ते हैं, ताकि वे सो जाएँ और उठकर फिर कभी न जागें। लेखन में एक द्रष्टव्य है कि दमन के समय भी परमेश्वर की sovereignty (सत्ता-स्वामित्व) संरक्षित रहती है, और ऐसे क्षणों में भी उसके उद्धार के मार्ग खुले रहते हैं।

मुख्य विचार और शिक्षण

  • ईश्वर की प्रभुता: दुश्मनों के उन्मत्त विकार के बावजूद, यहोवा निर्णय से चलते हैं।
  • सुरक्षा का आश्वासन: दमन के समय भी बाल-बचाव और उद्धार की संभावना बनी रहती है, ताकि धर्म-संसार स्थिर रहे।

ग्रंथीय कोर/Theological significance

यह वचन यह दर्शाता है कि दमनकारी शक्तियाँ आख़िरकार परमेश्वर के न्याय के सामने असहाय हो जाती हैं। यहूदी-नागरिक के लिए यह संदेश है कि भय और अस्थिरता के समय भी ईश्वर का निर्णय सर्वोपरि है, और उसकी चित्तवृत्ति के अनुसार पराक्रम होता है।

Cross-reference and connections

- रोम 13:1-2 के अनुरूप, प्रभु का शासन हर सत्ता पर प्रभुत्व रखता है; न्याय का पालन उसी का आदेश है।

- दान 2:44–45 में एक दिवसीय राज्य-नवीनता का चित्रण, जहाँ परमेश्वर के राज के स्थायित्व का आश्वासन मिलता है।

- नूह के दिनों की भीषण बेचैनी के समय में परमेश्वर की योजना और उद्धार का मार्ग स्पष्ट होता है (प्रेरणा के रूप में संदर्भ).

इन सभी संदर्भों से यह दिखता है कि दुश्मन के उन्माद के बीच भी परमेश्वर के निर्णय की पूर्ति होगी और उसकी सुरक्षा बनी रहेगी।

प्रश्न-पर-चिंतन

  • जो डर उसे नहीं सह पाते, वे कैसे यह विश्वास कर सकते हैं कि ईश्वर का शासन परिस्थिति से बड़ा है?
  • मेरे जीवन के पलों में क्या ऐसी परिस्थितियाँ हैं जहाँ मैं यह समझ सकूँ कि ईश्वर की योजना सर्वोपरि है?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 51:39 हमें यह साक्ष्य देता है कि परमेश्वर के न्यायपूर्ण निर्णयों में कभी विलंब नहीं होता; दुश्मन की उत्तेजना उसे बंधक बना देती है, परन्तु परमेश्वर की सुदूर योजना में कुल मिलाकर उद्धार और विजय सुनिश्चित है।

इतिहास-समकालीन उद्धरण (Public-domain) से प्रेरणा

Matthew Henry के विचार: “God’s judgments are sure, and His promises shall be fulfilled in due time.” (उद्धरण सार-सार)

Albert Barnes के सार: यह वचन दमन के दिन के भीतर भी ईश्वर के नियंत्रण को दर्शाता है और उनकी शक्ति पर भरोसे को बढ़ाता है।

Adam Clarke के संकलन से take-away: दमन और दबाव के क्षण में भी ईश्वर की सत्ता कायम रहती है, और उसकी योजना साकार होती है।

नोट: उपरोक्त उद्धरण केवल संक्षेपणात्मक सार के लिए उल्लेखित हैं; पूर्ण पाठ सीधे ग्रंथ से लिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 51:39 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 51:57 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 51:57 (HINIRV) »
मैं उसके हाकिमों, पंडितों, अधिपतियों, रईसों, और शूरवीरों को ऐसा मतवाला करूँगा कि वे सदा की नींद में पड़ेंगे और फिर न जागेंगे, सेनाओं के यहोवा, जिसका नाम राजाधिराज है, उसकी यही वाणी है।

यिर्मयाह 25:27 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 25:27 (HINIRV) »
“तब तू उनसे यह कहना, 'सेनाओं का यहोवा जो इस्राएल का परमेश्‍वर है, यह कहता है, पीओ, और मतवाले हो* और उलटी करो, गिर पड़ो और फिर कभी न उठो, क्योंकि यह उस तलवार के कारण से होगा जो मैं तुम्हारे बीच में चलाऊँगा।' (प्रका. 18:3)

नहूम 1:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नहूम 1:10 (HINIRV) »
क्योंकि चाहे वे काँटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तो भी वे सूखी खूँटी की समान भस्म किए जाएँगे।

यिर्मयाह 51 (HINIRV) Verse Selection

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