यिर्मयाह 51:52 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“इसलिए देखो, यहोवा की यह वाणी है, ऐसे दिन आनेवाले हैं कि मैं उसकी खुदी हुई मूरतों पर दण्ड भेजूँगा, और उसके सारे देश में लोग घायल होकर कराहते रहेंगे।

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यिर्मयाह 51:52 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 51:52 का हल्का-गहरा संदर्भ

यिर्मयाह की पुस्तक का यह अंश गहरे न्याय और परमेश्वर की सच्ची पवित्रता के साथ जुड़ा है। यहाँ यहोवा की वाणी उन वस्तुओं पर दण्ड की बात करती है जिन्हें लोग महत्त्वपूर्ण समझते हैं—मूरतें, देव-प्रतिमाएँ—जो मानव-आकांक्षा और अन्धविश्वास के प्रतीक बन चुकी थीं। भविष्यसूचना के रूप में यह वाणी आश्वस्त करती है कि परमेश्वर के समक्ष यह मूर्तियों का वैभव टिकाऊ नहीं है; दण्ड अवश्य आएगा और पूरा देश कराहेगा। यह संदेश यिर्मयाह कोतवाल के समय भरी हुई सामाजिक-धार्मिक अव्यवस्था की चेतावनी का भाग है, जिसमें आदर्श भक्ति और बर्बर आचरण के बीच टकराव साफ उभरता है।

अध्याय के भीतर इस वाक्य की जगह

यिर्मयाह 51 संदेश की केंद्रधारा में है—बेबीलोन के दोष और उसका विनाश जिससे यहूदियों के लिए चित्कार और परिवर्तन का आह्वान किया गया। verse 52 की पंक्तियाँ इस क्रम की पूर्णता हैं: परमेश्वर की निंदा-भरी आवाज़ उन वस्तुओं पर जो लोग पूजते थे, उन पर पड़ेगी। इससे यह स्पष्ट है कि मूर्तिपूजा और समाज की अन्यायपूर्ण व्यवस्था के विरुद्ध परमेश्वर का न्याय निश्चित है, भले ही वह अभी प्रकट न हो रहा हो।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

इस पाठ से तीन बातें एक साथ उठती हैं:

  • पवित्रता बनाम मूर्तिपूजा: परमेश्वर की ईश्वरीय गरिमा हर तरह की विषमताओं के ऊपर है; उसका डंडा उन हृदयों पर भी पड़ सकता है जो सतही तरीके से धार्मिक दिखना चाहते हैं।
  • न्याय की दृढ़ता: दण्ड का दिन निश्चित है; बेहतर यही है कि लोग अपनी भलाई के लिए उसकी ओर लौटें।
  • उद्धार के लिए अवसर: क्रूर दैनन्दिन के बीच भी आशा की किरण जुड़ी है—यहोवा अपने लोगों के लिए सत्य और पवित्रता की राह खोलते हैं।

अन्य बाइबिल पाठों के साथ तुलना

- दान-प्रतिमाओं पर आस्था के विरुद्ध एक समान चेतावनी है यीशु के समय के विपरीत भी नहीं—यह हमें किसी भी काल में मानव-निम्नता के साथ ईश्वर की पवित्रता को कैसे संतुलित किया जाए इसका पाठ पढ़ाती है।

- पुरानी व्यवस्था में मूर्तिपूजा के विरुद्ध कथन, जैसे दाउद की पीड़ा में ईश्वर की एकनिष्ठता का स्मरण, यह दिखाता है कि ईश्वर तब भी भक्तों के साथ है जब समाज विकृत होता है।

- न्याय की पूर्णता का विचार, जैसा कि अन्यत्र भविष्यवाणियों में भी है, यह बताता है कि प्रभु के कार्य समय पर और सही ढंग से किए जाते हैं, भले अब नज़र न आ रहा हो।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

- अपने जीवन में मूर्तिपूजा या आदर्श-गर्मियों से बचें: वस्तुओं, राजनीतिक या सामाजिक चमक-दमक के पीछे नहीं, बल्कि ईश्वर के भय और प्रेम पर टिके रहें।

- अपने सार्वजनिक जीवन में न्याय-सम्मत और संवेदनशील व्यवस्था बनाए रखें। यदि समाज में भ्रष्टाचार है, तो सत्य के साथ खड़े होकर प्रेम और मरहम की राह चुनें।

- जिस दिन दंड आने वाला है, उसके प्रति जागरूक रहें; प्रभु की ओर लौटना ही सच्चे परिवर्तन की शुरुआत है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेपित उल्लेख)

1) यहूदी-न्याय के विचार में अन्य नीतियों के विरोधी विचार: परमेश्वर की पवित्रता बनाम मानव-स्वार्थों से दूर रहने का संदेश।

2) मूर्तिपूजा के विरुद्ध हीनता: बाहर दिखने वाले धर्म से नहीं, हृदय की भक्ति से सच्चाई निकलती है।

3) न्याय का दिन: बुराई के विरुद्ध God's निष्पक्ष न्याय की आशा बनी रहे।

संक्षेप सार

यिर्मयाह 51:52 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की सच्ची मूरत केवल वह है जो हृदय में विश्वास और अनुग्रह से जन्म लेती है। मूर्तियों की महिमा fleeting है, पर परमेश्वर की पवित्रता अटूट है। ईश्वर के न्याय के दिन की प्रतीक्षा करें, किंतु उसी के साथ उद्धार की संभावना भी चिरस्थाई है।

छोटे उद्धरणधार

यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण देखते हैं, तो यह वही प्रभाव देता है कि परमेश्वर के न्याय और पवित्रता के पाठ के साथ गहराई से जुड़ना चाहिए। नीचे किसी एक के शब्दों के छोटे सार को अपनाते हैं:

“धर्म के बाहर सब कुछ नाश को आमंत्रित करता है; परन्तु अविश्वास में भी ईश्वर की दया है जो पश्चात्ताप को बुलाती है।”

ध्यान दें: ऊपर दिया गया एक वाक्य उनके संकलनों से प्रेरित सार है; पूर्ण उद्धरण पाठ के लिए उनके ग्रंथ देखें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 51:52 समानांतर पद और संबंधित वचन

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“इसलिए देख, वे दिन आते हैं जब मैं बाबेल की खुदी हुई मूरतों पर दण्ड की आज्ञा करूँगा; उस सारे देश के लोगों का मुँह काला हो जाएगा, और उसके सब मारे हुए लोग उसी में पड़े रहेंगे।

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यिर्मयाह 50:38 (HINIRV) »
उसके जलाशयों पर सूखा पड़ेगा, और वे सूख जाएँगे! क्योंकि वह खुदी हुई मूरतों से भरा हुआ देश है, और वे अपनी भयानक प्रतिमाओं पर बावले हैं। (प्रका. 16:12)

यशायाह 13:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 13:15 (HINIRV) »
जो कोई मिले वह बेधा जाएगा, और जो कोई पकड़ा जाए, वह तलवार से मार डाला जाएगा।

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