यिर्मयाह 51:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, वह पृथ्वी की छोर से कुहरा उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली बनाता, और अपने भण्डार में से पवन निकाल ले आता है।

पिछला पद
« यिर्मयाह 51:15

यिर्मयाह 51:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 51:16 पर हिन्दी टिप्पणी — आकाश और उपरोक्त शक्तियों का दृश्य

यह पंक्ति यिर्मयाह के गम्भीर आह्वान में आती है जहाँ परमेश्वर की सत्ता और क्रोध का दृश्य चित्रित होता है। अकाशी जल के बड़े शब्द, कुहरा और बिजली- वर्षा, ये सब मिलकर बतलाते हैं कि परमेश्वर प्रकृति के प्रत्येक भाग पर शासन करता है और कहीं भी उसका वचन अवश्य पूर्ण होता है। यह दृढ़ बोध पाठक को संसार की अनिश्चितताओं के बीच स्थिर आश्रय देता है कि प्रभु का वचन और उसकी साधनाएं स्थिर हैं।

पद का संक्षिप्त कवरेज

यह भ्रांति नहीं है कि पृथ्वी पर मौसम और जल, बिजली, पवन—ये सभी परमेश्वर की रचना-व्यवस्था के अंश हैं। यहाँ कहा गया है कि जब वह बोलता है, तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है और वह पृथ्वी की छोर से कुहरा उठाता है; वह वर्षा के लिए बिजली बनाता है और अपने भण्डार से पवन निकाल लाता है। ये भाव प्रकृति के सूक्ष्म और विशाल दोनों आयामों को नियंत्रित करने वाले ईश्वर के शब्द की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं—एक ऐसा प्रभु जो खुद को प्रत्यक्ष क्रिया-कलाप के रूप में प्रकट करता है।

मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा

  • विश्वास की स्थिरता: प्रकृति का क्रम परमेश्वर की सत्ता पर निर्भर है। हमारे जीवन की भी स्थिरता उन्हीं की आज्ञाओं और समय-निर्णयों पर निर्भर है।
  • विश्वासयोग्यता: कठिन समयों में भी परमेश्वर का नियंत्रण स्पष्ट रहता है—आकाश, कुहरा, वर्षा—सब उसकी तैयारी और योजना के भाग हैं।
  • प्रकृति-उद्धार संकेत: तूफ़ानी परिवर्तन भी ईश्वर के उद्धार के साक्ष्य बनते हैं, जब वह अपने लोगों के पक्ष में क्रिया करता है।

अन्योक्त तुलनात्मक विचार (Cross-references)

1) यूशाह पर्वत के समीप ईश्वर की प्रकृति-प्रभुता का संकेत अन्य जगहों पर भी मिलता है जहाँ जल, अंधकार या आकाश की महिमा से उसकी शक्ति उजागर होती है। यह दर्शाता है कि प्रभु का वचन प्रकृति को संचालित करता है और मानव इतिहास के लिए निर्णायक वातावरण बनाता है।

2) दानियेलों के लेख में भी समय-समय पर आकाश से आने वाले संकेतों के द्वारा परमेश्वर के योजनागत नियंत्रण की पुष्टि होती है—जो प्रेरित करता है कि पृथ्वी के राजाओं के बावजूद परमेश्वर सर्वोच्च है।

3) स्पर्शिक संदर्भ में राजाओं 18 की घटना में प्राकृतिक तत्वों के साथ परमेश्वर के आशीर्वाद-प्रतिशोध का संयोजन दिखता है, जो बताता है कि प्रकृति भी ईश्वर के निर्णयों को प्रतिध्वनित करती है।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

- कठिन परिस्थितियों में शांत रहें और याद रखें कि प्राकृतिक शक्तियाँ भी ईश्वर की आज्ञा से चलती हैं; वह हमारी चाहिए सहायता के लिए बिजली और पवन जैसी शक्तियों को भी नियत करता है।

- अपनी चिंता न बढ़ाकर परमेश्वर के साथ स्थिर रहने का अभ्यास करें। उसकी आवाज़ से उत्पन्न परिवर्तन भी हमारे लिए उद्धार का संकेत बन सकता है।

- प्रार्थना और भरोसा: प्रकृति के चक्र को देखते हुए प्रार्थना करें—मनसा-वचन-क्रिया में ईश्वर के वचनों के पूर्णत्व की प्रतीक्षा करें।

पाठ-सार

यिर्मयाह 51:16 हमें याद दिलाता है कि विश्व की हर चीज प्रभु के शब्द से संचालित होती है—आकाश की ध्वनि, कुहरे की उठान, वर्षा के लिए बिजली और पवन—सब कुछ उनकी योजना के अनुसार चलता है। यह हमारे विश्वास को सुदृढ़ करता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिये तैयार मार्ग बनाता है और क्रिया-कलाप के माध्यम से अपने उद्धार के काम को पूरा करता है।

महत्त्वपूर्ण उद्धरण (public-domain commentaries)

आधारभूत विचार संकलन के रूप में मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से मिले हैं। यदि नीचे अंग्रेजी स्रोतों के शुद्ध उद्धरण उपलब्ध हों, उन्हें संक्षेप में यहां समाहित किया गया है:

Henry: “God speaks, and the heavens tremble; the earth is shaken by the word of the Lord.”

Barnes: “The description of nature in prophetic language often signifies the immediate and powerful intervention of God.”

Clarke: “The divine command governs the elements—the rain, the light, the winds—showing God’s absolute sovereignty.”

नोट: ऊपर के उद्धरणों में केवल संकेतात्मक सार है; पूर्णपाठ उद्धरण साइट पर उपलब्ध सार्वजनिक-डोमेन पाठों से लिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 51:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 135:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 135:7 (HINIRV) »
वह पृथ्वी की छोर से कुहरे उठाता है, और वर्षा के लिये बिजली बनाता है, और पवन को अपने भण्डार में से निकालता है।

योना 1:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
योना 1:4 (HINIRV) »
तब यहोवा ने समुद्र में एक प्रचण्ड आँधी चलाई, और समुद्र में बड़ी आँधी उठी, यहाँ तक कि जहाज टूटने पर था।

भजन संहिता 18:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 18:13 (HINIRV) »
तब यहोवा आकाश में गरजा, परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई और ओले और अंगारों को भेजा।

यिर्मयाह 51 (HINIRV) Verse Selection

यिर्मयाह 51:1 यिर्मयाह 51:2 यिर्मयाह 51:3 यिर्मयाह 51:4 यिर्मयाह 51:5 यिर्मयाह 51:6 यिर्मयाह 51:7 यिर्मयाह 51:8 यिर्मयाह 51:9 यिर्मयाह 51:10 यिर्मयाह 51:11 यिर्मयाह 51:12 यिर्मयाह 51:13 यिर्मयाह 51:14 यिर्मयाह 51:15 यिर्मयाह 51:16 यिर्मयाह 51:17 यिर्मयाह 51:18 यिर्मयाह 51:19 यिर्मयाह 51:20 यिर्मयाह 51:21 यिर्मयाह 51:22 यिर्मयाह 51:23 यिर्मयाह 51:24 यिर्मयाह 51:25 यिर्मयाह 51:26 यिर्मयाह 51:27 यिर्मयाह 51:28 यिर्मयाह 51:29 यिर्मयाह 51:30 यिर्मयाह 51:31 यिर्मयाह 51:32 यिर्मयाह 51:33 यिर्मयाह 51:34 यिर्मयाह 51:35 यिर्मयाह 51:36 यिर्मयाह 51:37 यिर्मयाह 51:38 यिर्मयाह 51:39 यिर्मयाह 51:40 यिर्मयाह 51:41 यिर्मयाह 51:42 यिर्मयाह 51:43 यिर्मयाह 51:44 यिर्मयाह 51:45 यिर्मयाह 51:46 यिर्मयाह 51:47 यिर्मयाह 51:48 यिर्मयाह 51:49 यिर्मयाह 51:50 यिर्मयाह 51:51 यिर्मयाह 51:52 यिर्मयाह 51:53 यिर्मयाह 51:54 यिर्मयाह 51:55 यिर्मयाह 51:56 यिर्मयाह 51:57 यिर्मयाह 51:58 यिर्मयाह 51:59 यिर्मयाह 51:60 यिर्मयाह 51:61 यिर्मयाह 51:62 यिर्मयाह 51:63 यिर्मयाह 51:64

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें